हिंदुस्तान अखबार के एक संवाददाता की जल्दबाजी ने अखबार की इज्जत दांव पर लगा दी। अखबार के 4 फरवरी 2011 के दिल्ली संस्करण में पहले पेज पर छपा कि शहीद उन्नीकृष्णन के चाचा ने आत्मदाह कर लिया और अस्पताल में उनकी मौत हो गई। लेकिन पीडि़त 5 फरवरी की रात खबर लिखे जाने तक भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। यहां आपको बता दें कि मुम्बई में 26 नवम्बर 2008 को हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए मेजर संदीप उन्नीकृष्णन के चाचा के. मोहनन की हालत शुक्रवार को गंभीर बनी हुई है।
उन्होंने गुरुवार शाम संसद भवन के बाहर आत्मदाह की कोशिश की थी। राम मनोहर लोहिया अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक टी.एस. सिद्धू ने बताया, “उनकी हालत अभी भी नाजुक है। हम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्हें वेंटिलेटर (जीवन रक्षक उपकरण) पर रखा गया है। वह 95 प्रतिशत जल चुके हैं।”
अस्पताल के एक अन्य चिकित्सक ने बताया, “उनके प्रारम्भिक बयानों से लगता है कि वह मुम्बई हमलों के पीड़ितों के साथ सरकार द्वारा अपनाए गए रुख से दुखी थे। वह काफी निराश थे।” पुलिस के मुताबिक मोहनन (35) ने शाम छह बजे के करीब विजय चौक के समीप संसद भवन के द्वार संख्या चार के बाहर अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली।
पुलिस के अनुसार, “घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की और पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस मोहनन को राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गई।” मलयालम भाषा में लिखित अपने सुसाइड नोट में मोहनन ने लिखा है कि मुम्बई हमलों के पीड़ितों के साथ सरकार जिस तरह से बर्ताव कर रही है, उससे वह काफी दुखी हैं। मोहनन संदीप के पिता के छोटे भाई हैं।
अधिकारी ने कहा, “वह संदीप के शहीद होने से परेशान थे। आतंकवादियों द्वारा गोली मारे जाने के बाद संदीप ने जिस तरह की पीड़ा को सहन किया था, वह भी उसी पीड़ा का अनुभव करना चाहते थे।” ज्ञात हो कि गत 26 नवम्बर 2008 को मुम्बई स्थित ताज होटल पर आतंकवादी हमलों के खिलाफ अभियान के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) में तैनात संदीप उन्नीकृष्णन शहीद हो गए थे।

लेखक योगराज शर्मा जर्नलिस्ट टुडे नेटवर्क के एडिटर इन चीफ हैं.












anil
February 5, 2011 at 4:46 am
jay ho chief edtor maharaj ki…
Major Deepak
February 5, 2011 at 5:54 am
Attempt to suicide by a kin of martyr is a shame for our nation. Supreme Commander of the Defence Forces must look into this matter and insure that this type of tragedy should never take place again.I Pray for the speedy recovery of Mr Mohanan.
JAY
February 5, 2011 at 8:09 am
हाय रे बेशरम सरकार… भ्रस्ताचार मे लिप्त सरकार देश के लिए मरने वाले परिवार जनो के मन को आहत कर रही है. सन्सद के हमलावरो को भी दामाद बनाये खिला रही सरकार और एक दिन ऐसा भी आयेगा सरकार इने छोड भी देगी…
Devi Lal Bairwa
February 9, 2011 at 8:47 am
namskar ji
Devi Lal Bairwa
February 9, 2011 at 8:47 am
namskar ji