मां-बाप ने अपने अरमानों का ‘गला घोंटकर’ देश को सायना नेहवाल दिया

लोगो: सीएनईबी पर यंग टाक में आज सात बजे अनुरंजन झा के साथ सायना की बातचीत देखिए : ‘स्कूटर पर बैठे- बैठे ही सो जाती थी- कहीं गिर न जाए इस डर से इसकी मां को भी साथ ले जाने लगा।’  यही कहा उसके पिता ने। मां-बाप के संघर्ष और अपनी मेहनत की बदौलत आज युवा पीढ़ी की मिसाल बन चुकी उस शख्सियत का नाम है सायना नेहवाल।