लांचिंग से पूर्व ही ‘टाइम टुडे’ से 8 गए

चैनलों की होड़ में आये एक और चैनल ‘टाइम टुडे’ की हकीकत भी सामने आ रही है. करीब डेढ़ महीने से टेस्ट सिग्नल पर भोपाल से प्रसारित हो रहे इस चैनल से अब छत्तीसगढ़ के सीओओ नितिन चौबे सहित 8 लोगो ने किनारा कर लिया है. बताया जा रहा है कि सेलरी में देरी की वजह से यहां काम करने वालों में नाराजगी थी. आधा माह बीत जाने के बाद भी पिछले माह की सेलरी नहीं दी गई. जिनको मिला, उन्हें आधी तनख्वाह थमा दी गई थी.

यही हाल भोपाल ऑफिस का भी है. यहां भी कइयों को सेलरी नहीं मिली है. इसके चलते रायपुर से ओमप्रकाश चंद्राकर, नचिकेता अमरनाथ, इमरान कुरैशी, इकराम कुरैशी सहित मार्केटिंग टीम से हितेंद्र तिवारी, मुकेश पाण्डेय, इम्तियाज़ ने चैनल छोड़ दिया. दरअसल हर बार की तरह इस बार भी चैनल मालिक को सब्जबाग दिखाया गया था कि तीन महीने में चैनल से आमदनी होने लगेगी और पंचायत चुनाव के चलते चैनल को आनन-फानन में लांच कर दिया गया.

यही हाल कर्मचारियों के साथ भी हुआ. उन्हें बताया गया कि कंपनी के पास एक साल का खर्च है, लिहाजा सभी लोग चैनल के साथ जुड़ गए लेकिन कुछ दिनों के बाद असलियत सामने आ रही है. साथ ही अभी तक किसी भी स्ट्रिंगर को उनकी स्टोरी का पैसा नहीं भेजा गया है. कई स्ट्रिंगर चैनल छोड़ने वाले हैं.

गौरतलब है कि भोपाल से प्रसारित होने वाला पहला सैटेलाइट चैनल अब तक प्रसारित नहीं हो पाया है और खबर ये भी है कि वहां के अधिकारियों में आपसी खीचतान की वजह से चैनल की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. फिलहाल ये चैनल शुरू हो पाता है या नहीं, ये तो वक़्त ही बताएगा.

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Comments on “लांचिंग से पूर्व ही ‘टाइम टुडे’ से 8 गए

  • Nadan Ki Dosti Aur Jee Ka Janjaal

    Yahi kaha jaa sakta hai.Chuhe ko chindi mil jaati hai to vah apne ko raymonds ka maalik samajhne lagta hai.Yahi is channel ke karndharon ke saath ho raha hai.Jitne bhi log is channel se jude hain unmen se kisi ka bhi apne jile ko chhod kar kahin koi exposer nahin hai kisi garib naye dahn kuber ko topi pahna kar apna ullu sidha karne waalon ka yahi anjaam hota hai.

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  • Jabalpuriya says:

    GADHA YADI SHER KI KHAAL PAHANKAR GHOMNE LAGE,TAB BHI WO GADHA HI KAHLATA HAI……………KYO BHAI KARTVYAYOGI TIME TODAY NIKKAMMO

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  • ABHISHEK PATASKER says:

    time today,se 8 logon ke channel ko tata kahne ke baad ek baar fir naye launch ho rahe chanalon par sawaal uthne lage hain kyonki is chanal se jude log apne fun me maahir the ,imaandaar chavi ke the or chanel ko khada karne ke liye vachnbaddh bhi fir akhir kya vajah rahi ki inhe chhodna pada.

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  • zareen siddiqui says:

    aaj kal patrkar jurnalisim ke bajay channel khuivane par jada dhayan ddete hai sabjbaag dikha kar maliko ko ye bharosa dilaya jata hai ki channel khulte noto ki barish hogi sayad yahi hua time today ke sath channel khulne se pahle band hone ki kagar par aa gaya hi lekin kai aur time today bajaar me aane ko ready hai

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  • Jabalpuriya says:

    पत्रकारिता कोई चाय पान की दुकान नहीं है……
    देश में जोधा अकबर फिल्म क्या आई की हर वो निक्कमे गद्दार (जहा से उन्हें निकला गया वहा के गद्दार और देश के भी गद्दार ) अपनी जोधागिरी दिखाने उस खेल के मैदान में कूद पड़े, जहा ईमानदार मेहनत ईमानदार लगन की ज़रूरत होती है लेकिन जिसके रोम रोम में निक्कमा पन बेमानी का गन्दा लहू बह रहा हो वो कैसे जीत सकते है यही लोग तो सहारा जैसे चैनल को दीमक की तरह चाटते रहे और आज इन्ही लोगो के कारण इनके साथ काम करने वालो का जीवन भी नरक हो गया,ईमानदारी से काम करने वाले लोग भी इनके साथ निकाल दिए गए जैसे गेहूं के साथ घुन भी पिस जाता है ,इन निक्कमो ने जब तैरना ही नहीं सीखा तो फिर डूबना तो तय है ही. एड्स के मरीज़ के खून की तरह इस चैनल के लोगो का खून भी हो गया है जो भी इनके करीब आएगा उसका हश्र चैनल के सीईओ नितिन चोबे के साथ भाग रहे ८लोगो के जैसा ही होगा.

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  • भाइयों

    ग़लती नितिन की नहीं बल्कि जो चॅनेल में पैसा लगा रहा है उसकी है.अरे जब चॅनेल दिखेगा ही नहीं तो बिकेगा कैसे.और कोई भी प्रॉडक्ट बाज़ार में उतरते ही थोड़े ही नोटों की बारिश करना शुरू कर देता है.कम से कम सेल्स टीम को ६ माह काम तो करने दें जरीन बहन ने सही लिखा है की पहले दिन से आमदनी की उम्मीद करना सरासर बेवकूफी है.जो भी चॅनेल के मैदान में उतरना चाहता है उनसे मेरी गुज़ारिश है की कम से कम १ वर्ष के खर्चों को झेल सकते हों तो ही इस मैदान में उतरें वरना वाकओवेर देना पद जाएगा.

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  • ye log adarsh singh ko bevakoff bana rahe hai. sab se badi baat josapne dikha rahe hai malik ko wo logo ki aukaat ek stringer ki hai aur channel prasaran kerne chale , galti to malik ki hai jo salah deta hai wo unhe bura legta hai. ab jheloo………….

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  • Awani Kasana says:

    Abhi To Channel Launch bhi nahi hua, abhi se hi nitin jaise reporter ghabra rahe hai, main Adarsh Singh Ji ko Achhe se Janta Hu | jis chij ko unhone thana yani thana, koi bhi chij unka moral down nahi kar sakti wo pehle se hi yeh risk factor soch ke chale the jo hua achha hua

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  • Suresh Sharma says:

    It is shame to that employee which are espeacially some one, I know the real fact abaut news channels In M.P. Time Today Give the satisfactory pay perks We know Mr. Adarsh Singh, his management system is best & He can manage all the situation very easily

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  • deepak pandey says:

    टाइम टुडे से जाने का ढिडोरा पीट रहे रायपुर के नितिन चौबे और उनकी टीम को यह जरुर सोचना चाहिये..कि यदि उनको दूसरा ठिकाना नहीं मिलता तो क्या उनकी हिम्मत चैनल छोड़ने की पड़ती..और यदि हिम्मत थी तो चैनल में रहते समय अपनी दिक्कतों को सामने रखते…बाहर जाने के बाद किसी भी संस्थान या व्यक्ति को भला बुरा कहना आसान होता है– शायद यही बुजदिलों की आदत होती है…

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  • matloob ansari says:

    jabalpuria……kuch jyada interest hai aapka …time today ki hulchalon per…kya ho raha hai..koun ja raha hai…hum logon se jyada jaankari to aapko hai…jitni bhi baatein aapne likhi hai…asal mein hum log bhi in sab baaton se anjaan the….lekin aapko ek mashvira hai…aap padhe-likhe jaan padte hai isliye mashvira de raha hoon…apne comment mein kuch to saboot diya hota likhe-padhe hone ka…mana kuch utha-pathak huyi hai…aur iske peeche wajah bhi hai…ki unko dusra thikana mil gaya isliye chale gaye…lekin aapki lekhni bata rahi hai ki aap to aise mauke ki firaaq mein the…jisse aap apni purani dusmani….ya koi khunnas nikal sake….lekin aapka comment behad behuda hai…aap jaise tahakatik patrakaron ko kam se kam aisa nahi likna chahiye…aur itna dimag khabar pe lagate to jyada fayde mein rahoge….

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  • dipty...bhopal says:

    आर्थिक मंदी की सुरसा ने जब सारे बड़े बैनरों को निगल लिया…परिवारवाद का आदर्श रखने वाले सहारा ने जब अपने लोगों को सड़क पर ला दिया…बड़े बड़े चैनलों ने लोगों को निर्दयता से बाहर कर दिया…ऐसे में यदि कोई साहस करता है बाज़ार में उतरने का तो ये ही अपने आप में काफी है। अच्छा-बुरा हर किसी चैनल में होता है…अपने आप को साबित करने में भी वक्त लगता है…लेकिन इसका गलत अर्थ नहीं निकालना चाहिए। अच्छी बात ये है कि कुछ पत्रकारो ने मिलकर किसी के सहारे एक कोशिश की है…अच्छी कोशिश को बढ़ावा नहीं दे सकते तो हतोत्साहित भी नहीं करना चाहिए। ये ना तो प्रोफेशनलिज़्म है…ना ही मानवीयता….

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  • shikha...bhopal says:

    तमाम बड़े चैनल्स लंबे समय तक टेस्ट सिगनल पर चले हैं….तमाम बड़े चैनल्स से बड़े बड़े नाम निकले हैं। सहारा समय तो विनोद दुआ जैसे स्तंभ को भी अपने यहां रोक नहीं पाया…टीवी पर सहारा प्रणाम करने वाले identity crisis से जूझने वाले सहारा ने कितनों को बेसहारा कर दिया। टाइम टुडे की सिर्फ शुरूआत है….थोड़ा वक्त तो दीजिए..रंग तो जमते जमते जमता है

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  • Bhopali DINESH says:

    isme galti kisi employ ki nahi hai,khas kar nitin ki teem ki,hum sub paise ke liye kaam karte hai.galti maalik ki hai, jinho ne maalik ko subjbaug dikhaya ki ham dalali kar ke channal chala lenge maalik ko sub se pahle unko laat mar ke nikalna chahiye q ki ye vo rejected loge hai jo karm veer nahi balki kaam choor aur dalal hai,jinho ne ek ko nahi kai ko duboya hai is liye channal suru hone ke pahle doob gaya.

    Reply
  • आचार्य says:

    दोस्तों एक बात तो साफ है….लोगों को अपनी फटी देखने से ज्यादा दूसरों के पैबंद को निकालने में मज़ा आता है..दोस्तों मंदी का नाम लेकर अपने चिथड़ों को छुपाने के लिए किसी की तमाम जिंदगी को दाव पर लगा चुके बड़े बैनरों के लिए करारा जबाब है टाइम टुड़े…किसी ने पूरी शिद्दत के साथ अपने पैरों खड़े होने का मौका दिया है……साथ नहीं चल सकते तो कम से कम बैसाखी तो ना छीने…..हमने शरूआत की है तो मंजिल तक पहुंचा कर ही दम लेगें…उन सभी के लिए जो इसे अपनी निज़ी भड़ास से जोड़ रहे हैं के लिए सिर्फ इतना है कि….
    होके मायूस यू शाम से ना ढ़लते रहिए
    जिंदगी और भी है सूरज से निकलतेरहिए
    एक ही पैर पर ठहरोगे तो थक जाओगे
    थोड़ा थोड़ा ही सही मगर चलते रहिए..
    तो दोस्तों किसी ने एक अच्छी शुरूआत की है साथ दीजिए शायद मालिक आपके गुनाहों को नज़रअंदाज़ कर दे…
    फिलहाल इतना ही…….

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  • आचार्य says:

    प्रिय जबलपुरिया जी
    सहारा उबालता रहा पत्थर तमाम रात
    स्ट्रिंगर फरेब खाके चटाई पर सो गये

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  • जब किसी न्यूज़ चैनल की शुरुआत होती हैं .तब कुछ लोग नए करवा में जुड़ते हैं तो कुछ छोड़ देते हैं .किसी भी चैनल की अपनी व्यवस्था या कार्यशेली होती हैं .आपको यह ध्यान देना चाहिये की एक नए चैनल खड़े करने में कितनी मेहनत और अच्छे साथियो की ज़रूरत होती हैं .आप यदि सिर्फ खबर की वास्तविकता पर ध्यान न देकर कीचड़ उछालेंगे ,तो आपको पत्रकारिता के नैतिक व सिधांत का ज्ञान नहीं हैं . आपको नए चैनल के संघर्ष पर ध्यान देना चाहिये न की अपने निजी पहलुयों पर केन्द्रित होना चाहिये .
    आपको कबीर के एक दोहे पर ध्यान देना चाहिये –
    nindak niyere rakhiye…. aangan kuti chawaye,
    bin pani sabun bina, nirmal kare suhay…

    आपकी खबर से बाकी के चैनल अपनी व्यवस्था और पत्रकारों के हक का विशेष ध्यान दे .यह इसलिए ज़रूरी हैं क्यूंकि जब निंदक पास हो तो सुधार जल्दी होता हैं.

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  • vijay singh thakur says:

    v o i ,watch news aur time today ka hashra dekhakar ab to kisi bhi t v jaurnlist dusare channel me jaane se pahale 100 baar sochega..waise time today se jude sabhi patrkaar milkar ise achhi mukam tak pahuncha sakate the lekin kuch logon ki mailkgiri channel ko giraane me koyi kasar nahi chhode… ab to iska bhagwan hi malik hai ……….ek sawal un logon ke liye jo patrakarita ko byavsay banaane ki koshish me lagen hain……. desh ke chauthe stambh ko bazaar me Veshya ki tarah dhandha karvana kya sahi hai ?………………………

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  • vijay gunjal says:

    Yahi kaha jaa sakta hai.Chuhe ko chindi mil jaati hai to vah apne ko raymonds ka maalik samajhne lagta hai.Yahi is channel ke karndharon ke saath ho raha hai.Jitne bhi log is channel se jude hain unmen se kisi ka bhi apne jile ko chhod kar kahin koi exposer nahin hai kisi garib naye dahn kuber ko topi pahna kar apna ullu sidha karne waalon ka yahi anjaam hota hai.aage aage dekho hota he kya

    Reply
  • karim thobani says:

    arey bhaiyoo dont very , thoda wait karo ye wo channel ban jayega jab log isme aane kay liye taras rahe hoge , mai kudh is company kaa employe hu, isliye kaha raha hu, hum log aap logo ko wo ker dekhayege tab aap log kehna, ye mera wada hai problem dekh ker piche hatne walo mai hum nahi, wo kaam sahara ka hai we will meet soon & i am telling you that time about trp & hipe of this channel. lets watch………..

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  • uchit dixit says:

    ये तो होना ही था….
    क्योंकि यहाँ पर चैनल के शुरूआती दौर से ही इसकी स्थिति पता चल गयी थी, यानी ये कह सकते है “पूत के पाँव पलने में” ही दिखाई दे रहे थे, इस चैनल के शुरूआती दौर की बात करे तो जिस जगह पर जोइनिंग के लिए इन लोगो को बुलाया गया था उस समय ही टाइम टुडे खुद का कोई ऑफिस नहीं ले पाया था. भर्ती होने वाले लोगो का इंटरव्यू एक कंप्यूटर क्लास के ऑफिस इ लिया गया था. वाही महीनो बाद तक एक ऑफिस के ठिकाने नहीं थे. इन्होने सहारा की टीम को भी तोड़ने की कोशिश की पर कोई लोग इनके साथ नहीं आये. वे जानते थे की जो गरजते है वे कभी नहीं बरसते. फिलहाल भी चैनल ठीक से शुरू नहीं होने के पहले ही संवाददाताओं पर खबरों और विज्ञापन क लिए जोर जबरदस्ती शुरू कर दी. अब जब ऐसे में जिले के संवाददाताओं को महीनो से सैलेरी नहीं मिल रही है तो वसूली करना शुरू कर दी है. इतना ही नहीं चैनल प्रबंधन की तरफ से भी दबाव शुरू हो गया है. हालत है है की ५०० से लेकर १००० रुपये तक के विज्ञापन उअगाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है…
    धार से उचित दीक्षित ईटीवी रिपोर्टर.

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  • drigraj madheshia says:

    ye to hona hi tha. yad kijiye watch news ka hashra.OP Chandrakar phale stringer se reporter aur bad me output head ka prabhar lage. apani script tak thik se nahi likhane wale log bahar se aaye specialist ko ek ek kar ke apani sazish ka shikar banate gaye. Time Today me bhi ye log yehi karte. shukra hai pahale hi chhod diye.

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  • anup parmar says:

    कौन कहता है कि आशमान में सुराख नही होता दिल से एक पत्थर तो उछालो यारों
    पत्थर उछालने की कोशिश टाइम टूडे के लांच कर के हुई सुराख पहले पहली बार में हो यह तो संभव नही। उन लोगों के लिए लिखना चाहूगां जिनकी नकारात्मक सोंच है
    भरोसा मत कर सांसों की डोर टूट जाती है छते महफूज रहती हैं इमारत टूट जाती है। गिरते हैं सर सवार ही मैदानें जंग में वे क्या गिरेंगे जो घुटनों के बल चलेगें। नकारात्मक सोंच रखने वाले भाईयों व बहनों से निवेदन है कि सकारात्मक सोंच रखे टाईम टुडे धमाका कर के दिखाएगा।

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  • sandeep shrivastava says:

    Dear drigraj ji
    Namaskar watch me kya hua kya nahi wo tho purani baat ho gayi ,aap kaise hai patrakarita me mujh jaise log kam hai jinhone aapne se chote ho ya badhe sabhi ke saat saman vyahar rakha.bhai ji usi ka nateeja hai ki 22 saal ke experience ke baat maine ek hi baar Jaldbaaji me ( Time Today) ka rukh nahi kiya. baharhal aap anubhavi hai es liye desh ke bade dainik me sushobhit hai. aap ne es masle par jo comments kiya hai use yeh sochkar bhul jaye mouka milne par haat saaf karne walo ki kami nahi hai. saideep watch News staff till 12 feb 09. (sai Ram)

    Reply
  • kalpesh kumar says:

    upar chal rahi behas ko lekar main yahi kahunga ki builders jab koi channel launch kar rahe hon to unhe do baaton ka dhyan rakhna chahiye ek to ye ki unmein jimmedari nibhane yani paisa kharch karne ki takat hai ya nahi ye tai kar lein… dusre jin par wo bharosa kar rahe hain wo bharose ke kabil yani layak bande hain ya nahi ye sunishchit kar lein..warna time today ka hashra bhi wahi hoga jo watch ka hua.dimak bankar wahi log ise chaat jaenge jo aaj iske rakshak banne ka dhong kar rahe hain. raha sawal nitin aur unke saathiyon ke jaane ka to koi bhi employee bina paise kaam nahi karega . ye corporate jagat ka usul hai , yahan ek haath le aur ek haath de wala hisaab chalta hai.. emotions nahi.. aur chunki malik khud businesman hain to unse acha is baat ko aur kaun samajh sakta hai.. ye baat digar hai ki raja ke kaandhe par baitha mantri jyada jor se bol pata hai,banaspat raja ke anubhav ke …

    Reply
  • is mamle mein jitni jaakari mujhe mili hai mai to yahi kahungi ki is pure wakye mein galti sirf aur sirf malik ki hai.. jo ye nahi samajh paa raha ki uske khoon paseene ki kamai ka mahatva wo log nahi samjh sakte jinhone kabhi thik se mehnat tak nahi ki ho… chhote shahar ke stringer jab editor jaise padon par kabij ho jaein to jahir hai ki unhe aadha to eham hi kha jaega.. aur baaki adha channel ki itni badi jawabdari uthaa pane ke liye nisandeh aksham hoga.. yahan malik ko ek baar is mamle mein khud pehal karni chahiye ki wo dono pakshon ki baat barabar taraju mein rakhkar dekhe.. aur saath mein ye bhi ke kahin karib baitha vidur dhritraashtra ki andhi aankhon ko sunahre sapno ki aad mein dhoka to nahi dikha raha..kyunki ye aadhunik kalyug hai.. e bhai jara dekh ke chalo..

    Reply
  • Are Filhaal… Jo channel khood ka setelite nahi le paya wo kya khaak aage badhega…. are is channel me kaam karne wale reporters ko ye nahi maaloom ki iska maalik koun hai wo kya is channel ki gart ko janenge…haa ye baat alag hai ki ye channel chalu karke sahara ke biznes ko kam kar sake. kyonki inke reporte din raat ugahi jo kar rahe hai…

    Reply
  • vinod bhati says:

    Time today ek naya chenal h. jo hame taja News Deta h. hamre mp ki sabhi choti-choti khabaron ka vishesh dhyan deta h.

    Reply
  • hahahahahaha says:

    अरे भई अगर स्ट्रिंगर को आउटपुट हेड बना दोगे तो क्या होगा वही होगा जो हाले टाइम टुडे होगा. कुछ समय पहले तक स्ट्रिंगर और बाद में ले देकर सहारा में रिपोर्टर बने वीरेन्द्र शर्मा, मनोज सैनी, विनोद शर्मा, जितेन्द्र पाठक और आखिर तक स्ट्रिंगर रहे रमेश लांबा जैसे लोगों से तो चैनल का बंटाधार होना ही था। ये वही लोग हैं जो अपने स्ट्रिंगर के कार्यकाल में नगरपालिका अध्यक्षों के चक्कर लगाकर कहते रहे हैं कि सर 2 रूपए का विज्ञापन का दे दो बहुत प्रेशर है ऐसे लोग चैनल चलाएंगे भला. गुंडो की सोहबत में रहकर सिवाय गुडागर्दी के जिन्हें कुछ नहीं आता हो ऐसे लोगों को रखने से पहले से जिस चैनल ने सोचा नहीं उसकी लॉंचिंग से पहले ही ऐसी दुर्दशा तो होनी ही थी। अब इस चैनल के हाल पर क्या आंसू बहाना।

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  • शैलेन्द्र द्विवेदी, भोपाल says:

    टाइम टुडे के हाल पर कमेंट पास करने वाले निकम्मों क्या कभी सोचा है कि जब एक पत्रकार के पेट में भूख की आग धधकती है तो उसे बुझाने के लिए तुम जैसे सिरमौरों ने क्या किया है. आज वीरेंद्र शर्मा जी को स्ट्रिंगर और अन्य तमगे देने से पहले अपने गिरेबान में झांककर देखो कि तुम क्या थे और क्या हो. खासकर हमारे जबलपुरिया भाईसाहब जो संस्कारधानी में रहकर भी संस्कारहीन हो गये. जब कथित चैनल पेट और पीठ दोनों में लात मारकर आपको भी अलग करेगा तब भी ऐसे कमेंट पास करने की हिम्मत जुटा लीजिएगा तब जनाब हम भी देखेंगे लेकिन आपके जख्मों पर नमक नहीं मरहम लगाकर अपना बड़प्पन दिखाएंगे.टाइम टुडे यदि मंदी के अंधेरे में भी पत्रकारों के लिए नई रोशनी लाया है तो मैं समझता हूं ये एक मिसाल है.

    Reply
  • Hi Friend,

    Can any one give me the address of ‘Time Today’ …..i have a good proposal for Regional Channel like Time Today….

    Thanks
    Manoj

    Reply
  • hahahahahaha says:

    अरे चुप रहो जी सांच को आंच नहीं होती सच्चाई कड़वी तो होती है ये तो पता था। लेकिन मिर्च लग जाए वो भी बुटनी ये तो आपको देख ही लग रहा है..अरे भई रहो तुम टाइम्स टुडे में या रहे टीवी टुडे में मेरी बला से. लेकिन भाई हकीकत को तुम नहीं बदल सकते चाहे कितनी ही जोर से चीखो

    Reply
  • SHAILENDRA DWIVEDI, BHOPAL says:

    मेरे प्रिय दोस्तों आप लोग तो पढ़े लिखे लगते हैं, फिर भी इस तरह की बातें आपके ज़हन में न जाने कहां से आ गई, देना है तो दुआ दीजिए, आशीर्वाद दीजिए, स्नेह दीजिए, क्योंकि जिंदगी 4 दिनों की है…..मैं अनुभव में आप से बहुत छोटा हूं….आप लोग तो मीडिया मठाधीश हैं…लेकिन एक सवाल ज़रूर पूछूंगा आपसे…क्या कोई नया काम शुरू करते समय आप अपने प्रियजन को भी इसी तरह हतोत्साहित करते हैं….सोचकर जवाब दीजिएगा……मैं पर्दे के पीछे अपना नाम रखकर कुछ नहीं कहता….

    Reply
  • sanjay tiwari says:

    shailender sahi kah rahe ho bhai…..kuchh bhi naya kaam start kar success karna itna aasan nahi hota par agar sab sath de to kuchh bhi mushkil nahi hai….MP ka pahla channel hai so chahunga ki sabhi log is naye channel ka sath dijiye…..aur Manoj bhai mujhe Time Today ka address nahi malum kyon ki main Delhi wala hoon…Time Today ka address koi bhopal wala hi de sakega……

    Reply
  • PATHAK RAM, INDIA says:

    TEKAAM JI KAM SE KAM PATRAKAR HONE KE NAATE SABSE PAHLE NAITIKTA KA PAATH PADH LO TUMAHARE BACCHON KE BHI KAAM AYEGA.

    Reply
  • ============================ says:

    कहते है चैनल खोलना आसान है चलाना मुश्किल हैसभी टाईम टुडे के भाईयों से निवेदन ये था कि चैनल के जन्म से पहले ही जिला रिपोर्टरों से विज्ञापन मांगना व्यवहारिक नही थाखबरों के साथ विज्ञापन का दबाब और उस पर से चैनल के मालिकों ने उनकी महीने की सैलरी नही दी।चैनल खुलते समय तो बडे बडे वादे किए थे कि जिला रिपोर्टरों को 8 हजार 10 हजार 12 हजार सैलरी दी जाएगी। लेकिन अब कहते है कि 12 की जगह 8 8 की जगह7 और 7 की जगह 5 हजार देंगे लेकिन आज तक वो किसी को एक रूपया भी नहि दिया है ऐसे में जिला रिपोर्टरों पर खबरों और विज्ञापन का दबाब कैसे चलेगा वो भी जब चैनल दो महीने बाद भी अब तक दिख नही रहा है जब कोई जिला रिपोर्टर सैलरी मांगता है तो उसे कहा जाता है तुमसे अच्छे लोग भी मिल सकते है..इसलिए फिलहाल केवल काम करो जब आएगा तब दे देंगे। क्या ऐसे ही चैनल चलता है मैं कहना चाहता हूं जब पैसे नही थे तो चैनल ही क्यो खोला इससे तो अखबार खोल लेते चैनल जब आप दिखा नही सकते तो विज्ञापन के नाम पर पैसे क्यों मांग रहे मालिकों

    Reply
  • pradeep pandey says:

    परेशानियों से कभी दूर नही भागना चाहिये… बहोत से ऐसे चैनल है जिनमें लोगों ने सैलरी न मिलने पर भी कई महीनों काम किया है… सबसे अच्छी बात तो यह है कि जिन लोगों ने मिलकर चैनल की शुरुआत की है वह जमीनी पत्रकार है… हमें उनका हौशला बढ़ाना चाहिये… क्योंकि उन्होंने वह कर दिखाया है जिसे कई सोच तक नहीं पाते…. डगर कठिन है पर लम्बी नही… लगे रहे भाइयों…

    Reply
  • kumar sambhaw says:

    जो लोग टाइम टुडे को लेकर भ्रांतियां फैला रहें है. उन्हे इसके लिए धन्यवाद. वैसे मैं तो पत्रकारिता मे बहुत छोटा व्यकित हूं लेकिन ये जानता हूं कि एक अच्छे पत्रकार को दुसरे घर में छाकने से पहले अपने घर में देख लेना चाहिए. मैं भी फिलहाल ही इस चैनल से जुडा हूं. टाइम पत्रकारों का चैनल है ना कि सहारा श्री या किसी रामोराव का. मनोज सैनी जी, विरेन्द्र जी, रिजवान जी में हौ्सला था जो उन्होंने ये कांटों भरा रास्ता चुना. हम तो टाइम टुडे के साथ हैं दुनिया जो भी कहे. क्योंकि दुनिया हमसे है हम दुनिया से नहीं

    Reply
  • hemant dubey says:

    time today men aise bhi log a gaye hai jo patrakarita par bijh to sath hi channel ki aad me logo ko blackmail to kar hi rahe hai or office ko aaiyasi or sharab ka adda bana rakha hai jis ke karan channel to badnaam ho raha hai cleen patrakarita par bhi daag lag raha hai or iski khabar upar baithe logo ko bhi hai .

    Reply
  • dhar ke kuch nowshikhiye patrkar jinke hanth me abhi abhi chenal ke logo lage hai we berojgari ke dour me shmay witane ke liye blogbaji ka khel khel rahe hai apne na dikhne wale chenlo ka logo lekar jagha jagha ghumte dihai dete hai mahino se ishi thra logo lekar bhatak rahe hai inme itna neytik shahas nahi ki kishi ke samne aa kar ushse baat kar sake ishileye blog ki ote see doshro ko badnam kar rahe hai ———sabhi ke liye awshyak soochna farjiyo se sabdhan aur blogbaj ke liye tujh se kiya gila karu aye asti ke saap hum se hi tujhe khoon pilate nahi bana

    Reply

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