Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

आईबी मिनिस्ट्री से डरे न्यूज चैनल थामेंगे न्यूज का दामन!

बड़े न्यूज चैनलों में आजकल ताबड़तोड़ बैठकें चल रही हैं। सारे काम करने वालों को समझाया जा रहा है। नान-न्यूज से तौबा करो। न्यूज की तरफ लौटो। ऐसा नहीं कि यह सब हृदय परिवर्तन के कारण हो रहा है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय का दबाव रंग लाया है। अंबिका सोनी न्यूज चैनलों पर दबाव बनाए हुए हैं। उन्होंने कई बार इशारे-इशारे में और कई बार खुलकर कहा है कि खबर की तरफ लौटो वरना सरकार को कुछ करना पड़ेगा। ब्राडकास्टिंग अथारिटी का गठन करना पड़ेगा। तब न्यूज चैनलों को दिक्कत होने लगेगी। न्यूज चैनलों पर दिखाए जाने वाले नान-न्यूज कार्यक्रमों को सरकार के बाबू लोग देखकर पास या फेल करने लगेंगे कि ये खबर है या नहीं। तो यह सब हो, इससे अच्छा है कि खुद सुधर जाओ। आत्म-नियंत्रण पर अमल करो। अपने आप रास्ते पर लौट आओ।

बड़े न्यूज चैनलों में आजकल ताबड़तोड़ बैठकें चल रही हैं। सारे काम करने वालों को समझाया जा रहा है। नान-न्यूज से तौबा करो। न्यूज की तरफ लौटो। ऐसा नहीं कि यह सब हृदय परिवर्तन के कारण हो रहा है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय का दबाव रंग लाया है। अंबिका सोनी न्यूज चैनलों पर दबाव बनाए हुए हैं। उन्होंने कई बार इशारे-इशारे में और कई बार खुलकर कहा है कि खबर की तरफ लौटो वरना सरकार को कुछ करना पड़ेगा। ब्राडकास्टिंग अथारिटी का गठन करना पड़ेगा। तब न्यूज चैनलों को दिक्कत होने लगेगी। न्यूज चैनलों पर दिखाए जाने वाले नान-न्यूज कार्यक्रमों को सरकार के बाबू लोग देखकर पास या फेल करने लगेंगे कि ये खबर है या नहीं। तो यह सब हो, इससे अच्छा है कि खुद सुधर जाओ। आत्म-नियंत्रण पर अमल करो। अपने आप रास्ते पर लौट आओ।

सूत्रों के मुताबिक आईबी मिनिस्ट्री के दबाव और रुख को भांपते हुए बड़े चैनलों ने रास्ते पर लौटने का इरादा कर लिया है। हंसी-ठहाके और भूत-पिशाच को गुडबाय बोलने की तैयारी कर ली है। आज तक न्यूज चैनल से मिली खबर के मुताबिक वहां न्यूज रूम के वरिष्ठ लोग कई बैठकों के जरिए स्टाफ को न्यूज पर खेलने का ज्ञान दे रहे हैं। इसी तरह एनडीटीवी से खबर है कि वहां भी बैठकों का दौर जारी है और न्यूज को बेहतर तरीके से परोसेने की कवायद पर बातचीत चल रही है। इंडिया टीवी ने भी अपने तेवर ढीले करते हुए ज्यादा वक्त न्यूज के साथ बिताने का फैसला लिया है। मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों का कहना है कि न्यूज चैनलों को अब बदलने का दौर आ गया है।

चौतरफा दबावों के बावजूद अभी तक न्यूज की पटरी से बार-बार उतरने वाले चैनलों को आईबी मिनिस्ट्री का दबाव झेला नहीं जा रहा है। उन्हें डर भी सता रहा है कि अगर सरकार ने आगे बढ़कर कोई ऐसा तंत्र बना दिया जो न्यूज चैनलों के कार्यक्रमों पर निगरानी रखे तो न्यूज चैनलों को काफी मुश्किल होने लगेगी। इसी कारण न्यूज चैनलों के वरिष्ठों ने फैसला कर अब फुल टाइम न्यूज पर डटे रहने की कसम खाई है। देखना है कि यह कसम मूर्त रूप ले पाता है या नहीं और मूर्त रूप ले पाता है तो न्यूज चैनल के दिग्गज इस पर कितने दिनों तक अमल कर पाते हैं।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...