हिंदी इलाके के किसी दूर बसे गांव में भी यह आवाज सुनाई पड़ जाती है…नमस्कार, वायस आफ अमेरिका की हिंदी सेवा में आपका स्वागत है, मैं हूं….। पर आप ये चिर-परिचित आवाज, वाक्य अगले महीने से नहीं सुन सकेंगे। जी हां, जुलाई 1955 में शुरू की गई वायस आफ अमेरिका (वीओए) की हिंदी सेवा अब 30 सितंबर 2008 को बंद हो जाएगी। इस फैसले से वीओए हिंदी सेवा के भारत स्थित ढेर सारे स्टिंगर और संवाददाता स्तब्ध हैं। इसकी जानकारी होने पर इस सेवा के नियमित श्रोताओं को भी गहरा झटका लगेगा। वायस आफ अमेरिका के ब्राडकास्टिंग बोर्ड आफ गवर्नर्स (बीबीजी) की तरफ से पिछले दिनों घोषणा की गई थी कि वीओए हिंदी सेवा इस माह के अंत तक खत्म कर दी जाएगी। बताया जा रहा है कि रेडियों पर वीओए हिंदी सेवा भले ही बंद किया जा रहा हो लेकिन इसकी वेबसाइट और न्यूज चैनल आज तक पर सप्ताह में एक बार सात मिनट का कार्यक्रम चलता रहेगा। लोगों का कहना है कि यह झूठमूठ का दिलासा है।
जब रेडियो बंद किया जा रहा हो तो इसके आनलाइन संस्करण के जारी रखने का फायदा रेडियो श्रोताओं को तो नहीं ही होगा क्योंकि रेडियो वहां भी सुना जाता है जहां टेक्नालजी और साक्षरता के नाम पर कुछ नहीं है।
मालूम हो कि वायस आफ अमेरिकी की रेडियो सेवा 45 भाषाओं में है। बोर्ड आफ गवर्नर्स ने कुल सात भाषाओं में इस सेवा को बंद करने का फैसला किया जिसमें हिंदी भी है। अन्य कुछ भाषाएं, जिसकी रेडियो सेवाएं बंद की जाएंगी, वो इस प्रकार हैं- यूक्रेनियन, सर्बियन, मैक्डोनियन, बोस्नियन, जार्जियन आदि।











