त्रिवेणी मीडिया लिमिटेड के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) मधुर मित्तल ने सभी वीओआईकर्मियों को एक मेल जारी किया है। इसमें उन्होंने वायस आफ इंडिया के अब तक के कई प्रकरणों-प्रसंगों और भावी योजनाओं पर कंपनी के नजरिए को स्पष्ट किया है। भड़ास4मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार मधुर मित्तल ने इस मेल में कहा है- ”कुछ गलत नीतियों और निर्णयों के चलते हमने एक चैनल चलाने के लिए 900 से ज्यादा लोगों को भर्ती कर लिया। इससे पहले ही साल में हम लोगों को काफी तकलीफें झेलनी पड़ी। ओवरस्टाफिंग से निपटने के लिए हमें तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही में उतरना पड़ा। इन हालात में टीम के कुछ सदस्यों और आपके मित्रों ने संस्थान से इस्तीफा दे दिया। अब काफी कुछ ठीक हो चुका है और 650 से ज्यादा का स्टाफ पांच चैनल संचालित करेगा।
इसके लिए मैं आप लोगों से समर्थन की उम्मीद करता हूं और वीओआई को उसकी वाजिब जगह पर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर करता हूं।”
अपने मेल में मित्तल ने कर्मचारियों को पिछले दो महीने से सेलरी देर से मिलने की बात को भी संज्ञान में लिया है। उन्होंने कर्मचारियों को विश्वास दिलाया है कि वे इस देरी की भरपाई बेसिक सेलरी में सुधार और कमर्चारियों को वीओआई के शेयर देकर करेंगे।
इस मेल से जाहिर है कि मधुर मित्तल ने 250 लोगों की छंटनी की बात खुद कुबूल कर ली है। हालांकि असल आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है। सिर्फ वीओआई, बांग्ला का लांच रद करने से सवा सौ से ज्यादा लोग बेकार हुए हैं। इसके अलावा देश भर के दर्जनों ब्यूरो में से कई-कई लोगों को निकाला गया है। अगर सभी को जोड़ लिया जाए तो आंकड़ा 500 के आसपास बैठेगा।
उल्लेखनीय है कि वीओआई के फिलहाल तीन चैनल चल रहे हैं। ये हैं- वीओआई नेशनल, वीओआई एमपी-छत्तीसगढ़ और वीओआई राजस्थान। सूत्रों का कहना है कि इसी स्टाफ में दो अन्य नए चैनल वीओआई पंजाब-हरियाणा और वीओआई उत्तर प्रदेश को लाने की तैयारी है। मिलनेयर नाम लाइफ स्टाइल चैनल को लांच करने की भी चर्चा है लेकिन सूत्रों का कहना है कि अन्य चैनलों की तरह इस चैनल को भी भविष्य में योजना से हटाया जा सकता है। खबर है कि बाजार में स्थिरता के बाद त्रिवेणी के कर्ताधर्ता वीओआई का आईपीओ लेकर आएंगे।
चर्चा है कि अपने मेल में मित्तल ने वीओआई के 3 प्रतिशत शेयर टाइम्स आफ इंडिया और हिंदुस्तान टाइम्स को देने की बात कही है। साथ ही दैनिक भास्कर को भी शेयर देने को लेकर बातचीत जारी है। इसके पीछे वजह नेशनल और रीजनल एडीटोरियल कंटेंट को सुधारना व वीओआई की ब्रांडिंग करना बताया गया है।
इस बीच, भड़ास4मीडिया को जानकारी मिली है कि पिछले दिनों वीओआई के बांग्ला चैनल को बंद कराने कोलकाता पहुंचे सीनियर वाइस प्रेसीडेंट फाइनेंस बृजेश पाहूजा और एचआर हेड नवीन जैन को कर्मचारियों ने कोलकाता आफिस में ही बंधक बना लिया। इन लोगों को रात भर आफिस में रखा गया। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से ये मुक्त हुए। बताया जाता है कि वीओआई, बांग्ला चैनल के लिए नियुक्त किए गए सवा सौ से ज्यादा लोगों की मांग है कि प्रबंधन द्वारा इस चैनल को लांच न करने का अचानक निर्णय लेने के चलते उन लोगों को सड़क पर आना पड़ा है। प्रबंधन को इसकी भरपाई अगले मार्च तक की सेलरी देकर करनी चाहिए।
कोलकाता के प्रेवन रोड पर स्थित वीओआई के आफिस में वीओआई के इन दोनों शीर्ष अधिकारियों की छंटनी के शिकार कर्मचारियों ने काफी फजीहत की। बताते हैं कि वीओआई, बांग्ला के स्ट्रिंगरों समेत टैक्सी वालों, आफिस के मालिक, जनरेटर वाले का बकाया भुगतान कंपनी ने नहीं किया है। इसके चलते ये सभी लोग काफी नाराज हैं।











