रायपुर से मिल रही सूचना के अनुसार आदिम जाति अनुसंधान संस्थान में इलेक्ट्रानिक मीडिया कर्मी से दुर्व्यवहार की कथित शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने अधिकारी को निलंबित करने कहा है. प्राथमिक जांच में आदिम जाति अनुसंधान संस्थान के सहायक अनुसंधान अधिकारी एसआर चौहान को दुर्व्यवहार का दोषी पाया गया है. उनके निलंबन से संबंधित जारी आदेश में कहा गया है कि शासन द्वारा प्रथम दृष्टया मर्यादाहीन व्यवहार करने व छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम के उल्लंघन के चलते एसआर चौहान को निलंबित किया गया है. निलंबन अवधि में उनहें मुख्यालय कार्यालय आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास कार्यालय में संलग्न किया गया है. विभागीय मंत्री केदार कश्यप ने प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं. इसके लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है. जांच कमेटी में के.आर. ठाकुर, एल.के. गुप्ता व आर.एस. सिंह शामिल हैं.
खबर के अनुसार आदिम जाति अनुसंधान संस्थान में ‘जी 24 घंटे छत्तीसगढ़’ न्यूज चैनल की रिपोर्टर प्रियंका कौशल रिपोर्टिंग के सिलसिले में किसी अधिकारी से मिलने पहुंची. अधिकारी के न मिलने पर बाजू वाले कमरे में जानकारी लेने पहुंची तो वहां बैठे अधिकारी ने उन्हें धकियाते हुए यह कहकर बाहर निकाल दिया कि क्या मैं चपरासी हूं जो किसी की जानकारी रखूं? अफसर का नाम सहायक अनुसंधान अधिकारी एसआर चौहान बताया गया है. सुश्री कौशल इस मामले को लेकर पत्रकारों के साथ सीएम से मिलीं. सीएम ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारी को निलंबित करने विभागीय मंत्री को कहा. विभागीय मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई होगी. विभाग के कमिश्नर डॉ. बीएस अनंत ने भास्कर से कहा कि एडिशनल डायरेक्टर एलके गुप्ता मामले की जांच कर रहे हैं. प्रारंभिक जांच में दोनों ने एक-दूसरे पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है. हालांकि सुश्री प्रियंका का बयान नहीं हो सका है. प्रकरण को लेकर पत्रकारों ने आंदोलन की चेतावनी दी है. (साभार : दैनिक भास्कर और देशबंधु)











