: कानाफूसी : यह चर्चा बहुत तेज है कि नेशनल दुनिया के नए प्रधान संपादक की खोज शुरू हो चुकी है. नेशनल दुनिया अखबार के मालिक शैलेंद्र भदौरिया अब फ्रंट फुट पर आकर खेलने लगे हैं. उन्होंने आलोक मेहता एंड कंपनी को किनारे लगाने के लिए रणनीतिक तरीके से काम शुरू कर दिया है. सबसे पहले तो उन्होंने खुद 26 जनवरी को अपना बयान अपने अखबार में छपवा कर और मेरठ एडिशन की लांचिंग की घोषणा कर इन खबरों को विराम दे दिया कि नेशनल दुनिया अखबार बंद होने वाला है.
उन्होंने अपना इरादा जता दिया है कि अखबार बंद नहीं होने वाला है, बल्कि यह चलेगा और दमखम के साथ चलेगा, नए-नए एडिशन्स के साथ चलेगा. साथ ही उन्होंने यह संदेश भी दे दिया है आलोक मेहता को कि अब उनका दौर खत्म हो चुका है. अगर ऐसा न हो ता तो विस्तार के बारे में संपादकीय खुद आलोक मेहता लिखते क्योंकि नेशनल दुनिया को आलोक मेहता का पर्याय माना गया था. शैलेंद्र भदौरिया ने खुद सामने आकर आलोक मेहता के आभामंडल को खत्म करने का पूरा इंतजाम कर दिया है.
भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि एक हिंदी बिजनेस डेली के संपादक रह चुके और उसके पहले अंग्रेजी अखबारों में काम कर चुके एक वरिष्ठ पत्रकार के साथ शैलेंद्र भदौरिया की कई राउंड बैठक हो चुकी है. कुछ अन्य बड़े पत्रकारों के साथ भी भदौरिया ने मीटिंग की है. जल्द ही किसी का नाम फाइनल किया जा सकता है और समय आने पर नए प्रधान संपादक की घोषणा की जा सकती है. इऩ संकेतों-सूचनाओं को आलोक मेहता एंड उनकी टीम भांप रही है, इसी कारण माना जा रहा है कि आलोक मेहता भी जल्द ही किसी नए प्रोजेक्ट के साथ जुड़ने और नेशनल दुनिया से इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं. ये सब बातें फिलहाल चर्चा के दौर में है. कहीं से कोई आथेंटिक कनफर्मेशन नहीं है. लेकिन जानकारों का कहना है कि नेशनल दुनिया में अंदरखाने बड़ा बदलाव लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.






