जनसंदेश टाइम्‍स ने मायावती को बताया सपा सुप्रीमो

क्‍या न्‍यूज एजेंसी भाषा द्वारा जारी की गई खबरों को आंख बंद करके लगा दिया जाना चाहिए. खास कर उन खबरों को जो किसी अखबार की लीड स्‍टोरी और एंकर बनाए जा रहे हों. पर कभी बसपा के नजदीकी माने जाने वाले अखबार जनसंदेश टाइम्‍स में ऐसा होता है. जनसंदेश टाइम्‍स ने भाषा की एक खबर को ज्‍यों का त्‍यों पोस्‍ट कर दिया है. पर यहां यह भी पुख्‍ता नहीं है कि यह भाषा की गलती है या जनसंदेश टाइम्‍स की तरफ से ही यह गलती की गई है. 

इस खबर में मायावती को बसपा सुप्रीमो की जगह सपा का प्रमुख बताया गया है. अब टॉप स्‍टोरियों में इस तरह की तथ्‍यात्‍मक गलतियां करने वाले अखबार को कौन गंभीरता से लेगा. भीतर की खबरों में स्लिप ऑफ पेन की घटनाएं तमाम अखबारों में होती ही रहती हैं, परन्‍तु जनसंदेश टाइम्‍स ने अपने लीड खबर में इस तरह की तथ्‍यात्‍मक गलती कर डाली है. सबसे दिलचस्‍प बात यह है कि जनसंदेश टाइम्‍स के पहले पेज की जिम्‍मेदारी हिंदुस्‍तान के सीनियर रिपोर्टर से डीएनई बने विजय विनीत के पास है. इनके निर्देशन में ही यह पेज तैयार होता है. जब रिपोर्टिंग में करियर का अधिकांश समय देने वाले लोग डेस्‍क पर जिम्‍मेदारी संभालेंगे तो इस तरह की गलतियां होना भी स्‍वभाविक ही है. भला हो इस अखबार के मालिक का, जो ऐसे लोगों पर अपने पैसे खर्च रहा है.  

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