पढिए.. कैसे तीन मीडियाकर्मियों ने दिया पत्रिका को झटका

बिलासपुर से खबर है कि तीन तीन मीडियाकर्मियों ने पत्रिका को झटका दे दिया. इनमें से दो सब एडिटर तथा एक पेजमेकर शामिल है. बताया जा रहा है कि सब एडिटर दिलीप यादव तथा दीपक देवांगन तथा पेजमेकर रवि वैष्‍णव ने सात फरवरी को नईदुनिया, बीना को बिना कोई सूचना दिए पत्रिका ज्‍वाइन कर लिया था. लंबे समय तक चले मोलभाव के बाद तीनों ने सेवा शर्तों और वेतन तथा भत्‍तरों के संबंध में ठोंक बजाकर बात कर ली थी.

दिलीप यादव स्वयं रायपुर जाकर पत्रिका के स्टेट एडिटर गिरीराज शर्मा से मिले थे. इसके बाद जयपुर से आफर लेटर मंगाया गया था. इस पर तीनों ने सात व आठ फरवरी को पत्रिका के कार्यालय में काम किया था, लेकिन 9 फरवरी को नाटकीय ढंग से अचानक तीनों ने पत्रिका को ठेंगा दिखा दिया और वापस नईदुनिया आ गए. तीनों के नईदुनिया लौटने पर किसी ने सुबह का भूला कहा तो किसी ने लौट के बुद्धु घर आए कहकर चुटकी ली. दूसरी ओर पत्रिका कार्यालय में मनहूसियत भरी खामोशी छा गई. तीनों को ज्वाइनिंग देने वाले संपादक अनिल केहले और तीनों को संपादक से मिलवाने वाले सज्जन का चेहरा देखते ही बन रहा था. तीनों के इस करतब की चर्चा विभिन्न मीडिया समूहों के अलावा राजनेताओं और प्रबुद्ध लोगों में भी होने लगी.  

कोई कहता अच्छा हुआ दूसरों को धोखा देने वालों के साथ ऐसा ही होना चाहिए तो कोई कहता पत्रिका को ईंट का जवाब पत्थर से मिल गया. पत्रिका वालों ने शहर के कई पत्रकारों के साथ छल किया है. किसी को दो-तीन दिन काम लेने के बाद चलता कर दिया तो किसी से दो माह तक काम लेने के बाद कह दिया कि नई नियुक्ति पर रोक लगा दिया है. बहरहाल इस पूरे घटनाक्रम से जहां पत्रिका की भद्द पीट गई है वहीं नई दुनिया के संपादक सुनील गुप्ता की बांछे खिल गई है.

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