लखनऊ के बड़े अखबारों की छोटे दिल की पत्रकारिता

: सीएम अखिलेश यादव ने किया प्रो. नीशीथ राय को सम्‍मानित, अखबारों ने नहीं प्रकाशित की खबर : लखनऊ : पत्रकारिता का इतना अधिक पतन का दौर चल रहा है कि अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है. यहां के तथाकथित बड़े अखबार दिल के कितने छोटे हैं इसका अंदाजा बहुत आसानी से लगाया जा सकता है. लखनऊ की पत्रकारिता में एक परिपाटी चल रही है कि अगर किसी कार्यक्रम में अखबार या चैनल का कोई बड़ा अधिकारी शामिल होता है तो दूसरे अखबार उसका नाम व फोटो नहीं छापते हैं चाहे उसकी भूमिका कितनी भी महत्‍वपूर्ण क्‍यों ना हो.

लखनऊ में शुक्रवार को भी ऐसा ही हुआ. लखनऊ का फोटो जर्नलिस्‍ट एसोसिएशन ने 'द महाकुंभ' नाम से एक फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया था. इसका उद्धघाटन में सीएम अखिलेश यादव ने किया. इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री आजम खान, राजेंद्र चौधरी के साथ डीएनए के चेयरमैन प्रो. नीशीथ राय भी आमंत्रित थे. इस कार्यक्रम में सीएम ने प्रो. नीशीथ राय को सम्‍मानित किया. यह सम्‍मान उनके पत्रकारिता से इतर पठन-पाठन समेत अन्‍य सामाजिक गतिविधियों के लिए दिया गया.

प्रो. नीशीथ राय की पहचान, एक अखबार के चेयरमैन के अलावा एक शिक्षाविद् की भी है, लिहाजा उनको तमाम सामाजिक योगदानों को ध्‍यान में रखकर सम्‍मानित किया गया. परंतु खुद को बड़ा अखबार कहने वाले संस्‍थानों का दिल कितना छोटा है कि दैनिक जागरण और अमर उजाला ने उनका नाम तक प्रकाशित नहीं किया, जबकि हिंदुस्‍तान ने नाम ही गलत छाप दिया. ऐसा इसके पहले भी हो चुका है. जिस कार्यक्रम को प्रो. नीशीथ राय की अध्‍यक्षता वाली केंद्रीय संस्‍था ने सूडा के साथ मिलकर उत्‍तर प्रदेश की नगर पालिका, नगर परिषदों तथा पंचायत अध्‍यक्षों का सम्‍मेलन लखनऊ में आयोजित किया था, उसमें भी उनका नाम प्रकाशित करना बड़े अखबारों ने जरूरी नहीं समझा. पत्रकारिता का यही घटिया स्‍तर है लखनऊ में.

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