साले की गुदगुदी से दुल्‍हा बना दुर्वासा, बैरंग लौटी बारात

इलाहाबाद। शादी का मंडप सजा था। बैंड बाजे और डीजे की धुन पर घराती-बाराती दोनों मस्ती में डांस कर रहे थे। सजी-संवरी नई नवेली दुल्हनियां को थोड़ी देर बाद ही मंडप में सात फेरे लेकर सपनों के राजकुमार की हमेशा के लिए हो जाना था। यह तो तैयारी का एक हिस्सा था पर भाग्य में तो कुछ दूसरा ही बदा था। द्वारचार के समय ही ‘तूफान’ आ गया। दूल्हे राजा दुर्वासा बन चुके थे। उनका रौद्र रूप देखने लायक था। आगे-आगे दूल्हे राजा पीछे-पीछे भागता एक किशोर। दोनों चकरघिन्नी बने भाग रहे थे। घराती-बराती के लिए यह सब किसी अजूबा से कम न था। लोग समझ ही ना पा रहे थे कि ये क्या हो रहा है।

काफी हंफाने के बाद दूल्हे राजा किशोर को पकड़ पाए। जमकर कुटम्मस कर दी। पिटने वाला किशोर दूल्हे राजा का साला निकला। बस फिर क्या था, हंगामा मच गया। आनन फानन हालात बदल गए। मंगल, अमगंल का रूप धारण कर चुका था। घराती-बाराती दोनों आमने सामने। वहां जंग-ए-मैदान तैयार। दोनों पक्षों में मारपीट शुरू। महिलाएं और बच्चे जिधर जगह देखी, लगे भागने। अचानक आए इस ‘भूचाल’ से दुल्हन ने बगावत कर दी। संकोच तोड़ सामने आई और बिगड़ैल दूल्हे से शादी करने से इनकार कर दिया। इस हंगामे की वजह थी, जीजाजी से एक साले की चुहलबाजी। दरअसल, दुल्हन के भाई ने दूल्हे राजा से चुहलबाजी करते हुए कमर में गुदगुदी कर दी। यह मजाक ने रिश्ता तोड़ने तक की हालत पैदा कर दी। दोनों पक्षों के पुलिस लॉकअप में बंद होने तक की नौबत आ गई।

प्रतापगढ़ जिले के कुंडा क्षेत्र में पड़ता है नगरियापार। इसी का मजरा है रैयापुर। रैयापुर में शिवानी की शादी का रिश्ता महेशगंज क्षेत्र के मालाधर छत्ता गांव के पुरूषोत्तम पटेल के साथ तय था। 13 फरवरी की शाम रैयापुर बारात आई। गाजा-बाजा, मंगलगीत के बीच द्वारचार शुरू हुआ। थोड़ी ही देर में मंडप में दुल्हन सात फेरे लेने वाली थी। इसी बीच दुल्हन के भाई को अपने जीजू से चुहलबाजी करने की सूझी। उसने मजाक-मजाक में जीजू को गुदगुदी कर दी। बस फिर क्या था, दूल्हे राजा दुर्वासा बन गए। आव देखा न ताव, लगे कूद-फांद करने। किशोर को दौड़ा लिया। अचानक नजारा बदला देख कई घराती-बाराती अवाक रह गए। किशोर को पटक कर धुनने के बाद लोगों ने किशोर को छुड़ाया पर यह बात घरातियों को काफी नागवार गुजरी।

दोनों पक्षों ने इसे आन-बान-शान का विषय बना लिया। हम तुमसे कम नहीं, की तर्ज पर दोनों पक्ष भिड़ गए। घरों से लाठियां निकल आई। मारपीट होने लगी। कई बाराती बंधक बना लिए गए। इसी बीच ग्राम प्रधान लल्लन पटेल ने कुंडा कोतवाली को सूचित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्ष के करीब डेढ़ दर्जन लोगों को पकड़ लाई और लॉकअप में बंद कर दिया। उधर, दुल्हन ने भी अपना फैसला सुना दिया-ऐसे बिगड़ैल के साथ वो शादी नहीं कर सकती। कोतवाली में रातभर पंचायत चली पर दोनों पक्ष एक दूसरे के सामने झुकने को तैयार न हुए। ऐसे में बारात को बगैर दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा। कोतवाल सर्वेश मिश्रा के मुताबिक, फलदान, शादी में आए खर्च को वापस करने की शर्त पर दोनों पक्षों के बीच मामला निपटा है।   

इलाहाबाद से शिवाशंकर पांडेय की रिपोर्ट.

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