फ्रीलांस फोटोग्राफर का कैमरा छिनवा लिया दीपक चौरसिया ने!

अरविंद केजरीवाल से भिड़ चुके तथा जस्टिस काटजू से गेट आउट सुन चुके इंडिया न्‍यूज के एडिटर इन चीफ दीपक चौ‍रसिया एक बार फिर चर्चा में हैं. दीपक चौरसिया पर फ्रीलांसिंग फोटोग्राफी करने वाले राकेश बंसल ने अपनी टीम के साथ मिलकर कैमरा छीनने का आरोप लगाया है. उन्‍होंने इसकी शिकायत भी पुलिस से की है. पुलिस ने अभी मामला दर्ज नहीं किया है. शिकायत की जांच चल रही है. 

राकेश बंसल ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में लिखा है कि 21 तारीख को जंतर-मंतर पर आयोजित इंडिया न्‍यूज के कार्यक्रम में दीपक चौरसिया और कुछ लोगों के बीच भिड़त हो गई. मैंने इसकी तस्‍वीर अपने कैमरे में उतार ली. इस घटना से नाराज दीपक चौरसिया ने अपने कुछ लोगों को आदेश देकर मेरा कैमरा छीनवा लिया. कैमरा छीनने वालों में एक महिला भी शामिल थी. राकेश ने आगे लिखा है कि उन्‍होंने दीपक चौरसिया को कहा कि वो गरीब फोटोग्राफर हैं तथा इस तरह का कृत्‍य पत्रकार तथा पत्रकारिता के खिलाफ है. इसके बावजूद उन लोगों ने मेरा कैमरा वापस नहीं लौटाया.

राकेश का कहना है कि वो अपना कैमरा वापस पाने के लिए कई बार दीपक चौरसिया के इंडिया न्‍यूज ऑफिस गए परन्‍तु वहां से उन्‍हें टाल दिया गया. अब तक उनका कैमरा उन्‍हें वापस नहीं मिला है. इसके बाद राकेश ने पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराई है. इस मामले को लेकर फेसबुक पर भी चर्चा शुरू हो चुकी है. फोटोजर्नलिस्ट दीपक मलिक ने अपने एफबी पर इसी संदर्भ में लिखा कि – Deplorable action by Deepak Chaurasia of India News television channel. Chaurasia along with his crew snatched the camera equipment of a freelance photographer Rakesh Singh 5 days ago at Jantar Mantar. No logical reason was given for their lawlessness. Chaurasia, When contacted to return the camera equipment, wrote back : "Sir am doing it gve me a day". Equipment "stolen" from Rakesh Singh includes a Canon 5D Mark II, 24-105mm lens, Canon Speedlight 800 DX, bought by his mother, after she sold off some of her jewellery.

हालांकि अब इस मामले में कितनी सच्‍चाई है यह तो जांच का विषय है. इस संदर्भ में दीपक चौरसिया का पक्ष जानने के लिए कॉल किया गया तो उन्‍होंने फोन पिक नहीं किया. जिससे उनका पक्ष नहीं जाना जा सका. नीचे राकेश बंसल द्वारा पुलिस को दी गई लिखित शिकायत की प्रति.

‘देशभक्त हैं दीपक चौरसिया और जेसिका के हत्यारे मनु शर्मा का परिवार, जिसके चैनल की ये मुहिम है’ (देखें वीडियो)

Dr. Kumar Vishwas : हा हा हा… सही जा रहे हो राष्ट्र-योद्धाओ…कौरव-दल पगला रहा है! चैरैवैती-चैरैवैती! हा हा हा…ओके! देशभक्त हैं कांग्रेसी, भाजपाई, दीपक चौरसिया, अग्निवेश, जेसिका के हत्यारे मनु शर्मा का परिवार जिस के चैनल की ये मुहिम है! देशद्रोही हैं कुमार विश्वास, अरविन्द केजरीवाल, मनीष, संजय सिंह! खत्म हो गया भ्रष्टाचार, हो गया देश खुशहाल? अब खुश? सबका हिसाब होगा भैये समय के सामने! इतने क्यूँ परेशान हो? हा हा हा !

http://www.bhadas4media.com/video/viewvideo/670/other-mix/kumar-vishwas-sab-par-bhari.html


आम आदमी पार्टी के नेता डा. कुमार विश्वास के फेसबुक वॉल से. वीडियो देखने के लिए उपरोक्त लिंक या तस्वीर पर क्लिक कर दें.


गोपाल राय ने दीपक चौरसिया को किस तरह दिया करारा जवाब, वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें…

http://www.bhadas4media.com/video/viewvideo/671/other-mix/gopal-rai-ne-dipak-ko-karara-jawab-diya.html

दीपक चौरसिया को ‘गेट आउट’ कह दिया काटजू ने… देखें वीडियो

इस देश की राजनीति और मीडिया में गरमी छाई हुई है. इंडिया न्‍यूज, दीपक चौरसिया और जस्टिस काटजू लगातार चर्चा में हैं. इंडिया न्‍यूज और दीपक अरविंद केजरीवाल के बारे में खुलासे कर रहे हैं तो काटजू बीजेपी नेता अरुण जेटली से भिड़े हुए हैं. पर आज एक इंटरव्‍यू के दौरान जस्टिस मार्कंडेय काटजू इंडिया न्‍यूज के एडिटर इन चीफ दीपक चौरसिया पर भड़क गए. भड़क ही नहीं गए बल्कि दीपक को व्‍यवहार सीखने की बात कहते हुए उन्‍हें गेट आउट तक कह दिया.

दीपक चौरसिया कल दोपहर में अपने न्‍यूज चैनल इंडिया टीवी के लिए पीसीआई अध्‍यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू का इंटरव्‍यू करने गए थे. जस्टिस काटजू गुजरात और नरेंद्र मोदी के एक मामले में लेख लिखने के बाद से अरुण जेटली से भिड़े हुए हैं. दीपक चौरसिया और इंडिया न्‍यूज को भी उम्‍मीद रही होगी कि इससे चैनल के व्‍यूवर की संख्‍या बढ़ेगी, परन्‍तु इंटरव्‍यू के दौरान जस्टिस काटजू जवाब दे रहे थे तो दीपक चौरसिया ने कह दिया कि जस्टिस काटजू आप अधूरा सच बता रहे हैं.

इतना सुनते ही जस्टिस काटजू भड़क गए. उन्‍होंने दीपक से कहा कि अगर इंटरव्‍यू लेना है तो अच्‍छा व्‍यवहार करना सीखिए, पर इस दौरान जस्टिस काटजू ने खुद शालीन व्‍यवहार प्रस्‍तुत नहीं किया. वे अगर चाहते तो शालीनता से भी अपनी बात रखते हुए इं‍टरव्‍यू देने से इनकार कर सकते थे, परन्‍तु उन्‍होंने अपना धैर्य खोया और दीपक चौरसिया जैसे वरिष्‍ठ पत्रकार को गेट आउट कहने से भी नहीं चूके. नीचे देखिए वो वीडियो जिसमें जस्टिस काटजू दीपक पर भड़क गए.

http://bhadas4media.com/video/viewvideo/666/media-world/dipak-chaurasia-pe-bhadke-katju.html

वीडियो देखने के लिए उपरोक्त लिंक या तस्वीर पर क्लिक कर दें.

बख्‍श दीजिए दीपक चौरसिया को, उन्‍हें इंडिया न्‍यूज चलाने दीजिए!

फेसबुक पर दीपक चौरसिया के खिलाफ घुमड़ रहे तमाम पोस्टों को पढ़ा। मुझे एक पुरानी बात याद आ गयी कि इस दुनिया में लोग अपने दुःख से दुखी नहीं हैं बल्कि दूसरों के सुख को देख उससे ज्यादा दुखी हैं। पिछले कुछ दिनों से दीपक चौरसिया के "इंडिया न्यूज" ज्वाइन करने बाद से लोगों ने उनके खिलाफ निगेटिव कमेंट्स की झड़ी लगा दी है। मैं खुद मीडिया इंडस्ट्री में हूँ और मैं ये अच्छी तरह जानता हूँ कि आज के दौर में कितनी ईमानदारी से खबरें लिखी या बनायीं जाती हैं।

जब मीडिया भी एक व्यावसायिक इंडस्ट्री बन चुकी है जहाँ वर्ष के हर चौथाई महीनों के बाद लाभ-नुकसान देखा जाता हो वहां कैसी नैतिकता और कैसा बिकाऊ-पन? आज के दौर में खबरें बनती नहीं है, बल्कि बनायी जाती हैं और वो भी लाभ कमाने के लिए और टीआरपी बढ़ाने के लिए। मीडिया जगत में उच्च पदों पर भर्ती के समय ये बातें विशेष रूप से ध्यान में रखी जाती है कि आप कितना लाभ दे सकते हैं, कोई ये नहीं सोचता कि आप कितने ईमानदार हैं या आप अपने विषय का कितना ज्ञान रखते हैं। मैं दीपक चौरसिया की तारीफ में कसीदे नहीं पढ़ रहा, बल्कि मैं ये कहना चाहता हूँ कि किसी के आगे बढ़ने पर उसकी टाँगे न खींचिये।

दीपक की जिम्मेदारी इंडिया-न्यूज को आगे लाने की है, वो उसके लिए संघर्षरत हैं, उन्हें इस के लिए शुभकामनायें। रही बात नैतिक और आदर्शवादी पत्रकारिता कि तो ऐसी पत्रकारिता आज कोई भी मीडिया संस्थान नहीं कर सकता। मौजूदा समय में मीडिया हॉउस चलाने के लिए इतने धन की आवश्यकता है कि इसके लिए कहीं न कहीं आपको झुकना होगा और झुकना पड़ा तो बिकना भी पड़ेगा। इसलिए आप सब दीपक चौरसिया को अब बख्‍श दीजिये क्योंकि वो इंडिया न्यूज में आदर्शवादी पत्रकारिता करने नहीं आये बल्कि इस चैनल को तमाम न्यूज चैनलों में एक ऊंचा मुकाम देने की जिम्मेदारी लेकर आये हैं और इसके लिए उन्हें तमाम गलत-सही हथकंडे भी अपनाने पड़ेंगे। दीपक आप सफल हो मेरी आपको शुभकामनायें।

लेखक अजीत राय जनसंदेश टाइम्‍स, गोरखपुर में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं.

इंडिया न्‍यूज पहुंचे मनोज वर्मा, अरुण जैन एवं विवेक प्रकाश

इंडिया न्‍यूज से जुड़ने वालों की संख्‍या लगातार बढ़ती जा रही है. एबीपी न्‍यूज से इस्‍तीफा देकर दो लोगों ने अपनी नई पारी इंडिया न्‍यूज के साथ शुरू की है. मनोज वर्मा एवं अरुण जैन ने इंडिया न्‍यूज में ज्‍वाइन किया है. ये लोग संपादकीय में अपनी जिम्‍मेदारी निभाएंगे. मनोज एवं अरुण लंबे समय से इस चैनल के साथ जुड़े हुए थे. माना जा रहा है कि कुछ और लोग एबीपी न्‍यूज से इस्‍तीफा देकर इंडिया न्‍यूज जा सकते हैं. 

अल्‍फा समूह के चैनल न्‍यूज नेशन से विवेक प्रकाश ने इस्‍तीफा दे दिया है. उन्‍होंने अपनी नई पारी इंडिया न्‍यूज के साथ शुरू की है. उन्‍हें एईपी बनाया गया है. वे न्‍यूज24 से इस्‍तीफा देकर न्‍यूज नेशन पहुंचे थे. वे महुआ समेत कई चैनलों को अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 

बाकी सूचनाएं तो ठीक, इंडिया न्यूज पंजाब के बंद होने वाली बात गलत

यशवंत जी सबसे पहले तो मैं आपकी वेबसाईट पर छपी उस खबर के बारे में आपसे बात करना चाहता हूं जो कि इंडिया न्यूज़ से रवीन ठुकराल के जाने और इंडिया न्यूज़ पंजाब के बंद होने से संबंधित है…आपकी वेबसाईट हमेशा ही हम मीडियाकर्मियों के लिए सही मार्गदर्शक बनती आई है… असली खबर ये है कि रवीन ठुकराल तो संस्थान को अलविदा कह ही रहे हैं…पर उनकी सलाह पर चैनल लगातार चलता रहेगा….वहां तक तो आपकी खबर सही है..लेकिन जहां तक सवाल पंजाब चैनल के बंद होने का है वहां आकर आप और आपकी वेबसाईट गलत साबित होती है…इंडिया न्यूज़ पंजाब बंद नहीं हो रहा है..कुछ दिनों के लिए डिले हो रहा है…

आप खुद ही बताइए जो चैनल टेस्ट सिग्नल पर काफी दिनों से चल रहा है वो बंद कैसे हो सकता है..(तस्वीर भी आपको भेजी जा रही है) और जहां तक आपकी खबर में छपा है कि लाइसेंस के चलते बंद हो रहा है..तो आपको खुद सोचना चाहिए कि बिना लाइसेंस के क्या कोई चैनल टेस्ट सिग्नल पर चल सकता है…दूसरी बात कि क्यों नहीं चल रहा है..तो आपको बता दूं कि पंजाब में केबल नेटवर्क पर बादल सरकार का कब्ज़ा है..ये बात किसी से छिपी नहीं है..जिसके चलते ज़ी पंजाबी जैसे चैनल को पंजाब में दिखने में 4 साल लग गए…और ना जाने कितने ही चैनल अभी भी पंजाब में नहीं दिखाई दे रहे हैं..ऐसे में मैनेजमेंट ने कुछ सोच समझ कर ही कोई फैसला लिया होगा चैनल को डिले करने का…

अब बात करता हूं उस शख्स की जो पंजाब को हैड कर रहें हैं..तो आपको बता दूं कि वो अकेले पंजाब ही नहीं बल्कि इंडिया न्यूज़ हरियाणा (जो कि हरियाणा का नंबर वन चैनल है), इंडिया न्यूज़ हिमाचल ( जो कि जल्द ही आएगा) और इंडिया न्यूज़ का इंटरटेनमेंट पिछले लम्बे समय से देख रहे हैं…ये कोई नई बात नहीं है…बात रही इंडिया न्यूज़ यूपी की तो आपको ये जानकर हैरानी होगी कि अभी तक यूपी चैनल के लिए कोई भी पद किसी को भी नहीं दिया गया है…तो कृप्या करके उस खबर को दुरूस्त करें…और अगर सही समझें तो इस पोस्ट को अपनी वेबसाईट पर डालें…ताकि सही खबर लोगों तक पहुंच सके….

एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र.

इंडिया न्‍यूज से 30 को विदा हो जाएंगे रवीन ठुकराल, पंजाब चैनल होगा बंद

: यूपी चैनल लांच करने की तैयारियां तेज : राहुल देव के एडिटर इन चीफ बनने की चर्चा : इंडिया न्‍यूज से खबर है कि रवीन ठुकराल अब यहां से फाइनली विदा हो जाएंगे. इंडिया न्‍यूज ग्रुप के एडिटर इन चीफ के रूप में संस्‍थान को खड़ा करने वाले रवीन ठुकराल के बारे में शनिवार को सामूहिक मीटिंग करके बता दिया गया कि अब वे इंडिया न्‍यूज से जाने वाले हैं. खबर है कि रवीन 1 दिसम्‍बर से दैनिक द ट्रिब्‍यून के एसोसिएट डिप्‍टी एडिटर के रूप अपना कार्यभार ग्रहण कर लेंगे. तमाम मुश्किलों और विवादों के बीच रवीन ने इंडिया न्‍यूज एवं आज समाज को एक ब्रांड के रूप में खड़ा किया था.

शनिवार को इंडिया न्‍यूज के कार्यालय में कर्मचारियों के साथ मीटिंग में रवीन ठुकराल ने अपने अनुभव को शानदार बताया तथा उम्‍मीद जताई कि यह टीम इंडिया न्‍यूज को एक नई ऊंचाई तक ले जाएगी. हालां‍कि रवीन ठुकराल की विदाई के बाद अब उनके चेले-चपाटी मुश्किल में आ गए हैं. कई तो ऐसे हैं जो काम की बजाय रवीन ठुकराल से नजदीकी के चलते इंडिया न्‍यूज में टिके हुए थे. ऐसे लोगों के सामने मुश्किल आ गई है. वे परेशान हैं. कई ने तो अभी से नए ठिकानों की तलाश शुरू कर दी है.

रवीन ठुकराल के नजदीकी माने जाने वाले तथा पंजाब चैनल की लांचिंग के लिए लगाए गए इसरार शेख भी परेशानी में हैं. सूत्रों का कहना है कि लाइसेंस की दिक्‍कतों के चलते प्रबंधन ने टेस्‍ट सिग्‍नल पर चल रहे इंडिया न्‍यूज पंजाब को बंद करने जा रहा है. इसके बाद से इसरार को लेकर कयास लगने शुरू हो गए हैं. खबर है कि प्रबंधन अब पंजाब चैनल के लिए की गई तैयारियों को इंडिया न्‍यूज यूपी लांच करने इस्‍तेमाल करेगा. चैनल यूपी चुनाव से पहले यूपी चैनल लांच करने की कोशिश में हैं. पंजाब चैनल के लिए तैयार संसाधन से यूपी चैनल को लांच किए जाने की योजना है. यूपी चैनल को एसाइनमेंट देख रहे हनुमंत राव के निर्देशन में लांच किए जाने की योजना थी, परन्‍तु बदली परिस्थितियों में इस चैनल को कौन लांच कराएगा एक बड़ा सवाल बन गया है. हनुमंत भी रवीन के खास माने जाते रहे हैं.

हालांकि खबर यह है कि रवीन ठुकराल ने जाते-जाते पंजाब चैनल पर लटक रहे तलवार को देखते हुए इसरार शेख को इंटरटेनमेंट का हेड बना के गए हैं. अब तक इंटरटेनमेंट की व्‍यवस्‍था देख रहे हाफिज रहमान को साइड लाइन कर दिया गया है. इसरार को बचाने के लिए रहमान एक तरह से बिना काम के कर दिए गए हैं. ग्राफिक्‍स हेड रहे संजय मेहरा को जीएम बना दिया गया है, पर अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि इसके बावजूद इन लोगों के ऊपर तलवार बराबर लटकी हुई है. दूसरी तरफ खबर है कि रवीन ठुकराल के जाने के बाद प्रबंधन किसी नए चेहरे को लाने की बजाय आज समाज की जिम्‍मेदारी संभाल रहे वरिष्‍ठ पत्रकार राहुल देव को ही प्रमोट करके ये जिम्‍मेदारी सौंप सकता है. हालांकि अभी इस खबर की पुष्टि नहीं हो पाई है, परन्‍तु इन हाउस राहुल देव के नया एडिटर इन चीफ बनने की चर्चा जोरों पर है. इस संदर्भ में रवीन ठुकराल से बात करने की कोशिश की गई परन्‍तु उन्‍होंने फोन पिक नहीं किया.

इंडिया न्‍यूज के कर्मचारी हो रहे लूट के शिकार, सीनियर कर रहे पार्टी

यशवंतजी, इंडिया न्‍यूज का भी हालचाल गजब है. जब से नए ऑफिस में चैनल को ले जाया गया है तब से ही यहां काम करने वाले परेशान हैं. ओखला में कार्यालय के आसपास पसरी गंदगी और सार्वजनिक परिवहन साधन के अभाव के चलते कम पैसा पाने वाले कर्मचारी परेशान हैं. आए दिन कर्मचारियों के साथ लूट और छिनैती जैसी घटनाएं भी हो रही हैं, पर इन से प्रबंधन को कोई मतलब नहीं है, वह तो इंडिया न्‍यूज के बिहार में नम्‍बर वन होने की खुशी मना रहा है.

जैसे बेवकूफ टीवी चैनल वाले होते हैं, वैसा ही बेवकूफ टैम वाले बनाते हैं. सभी चैनलों को किसी न किसी कटेगरी में नम्‍बर एक कर देते हैं. चैनल दिखे चाहे न दिखे पर चालाक लोग किसी न किसी कटेगरी में अपने अपने चैनल को नम्‍बर एक बना ही देते हैं. ऐसा ही हाल इस समय इंडिया न्‍यूज में चल रहा है. बताया जा रहा है कि इंडिया न्‍यूज बिहार इस सप्‍ताह भी नम्‍बर एक पर रहा है. अब किस श्रेणी में नम्‍बर एक हुआ पता नहीं पर इसकी खुशी में पार्टी दी गई. श्रीनिवासपुरी स्थि‍त पुराने बिल्डिंग में पार्टी हुई.

इस पार्टी में चुनिंदा लोगों को बुलाया गया. खैर इस पार्टी में एंकर तो सभी बुलाए गए. जमकर पार्टी हुई. सब कुछ चला अमूमन जो पार्टियों में चलता है. पर दुख इस बात का है कि प्रबंधन एक तरफ से टैम वालों की अधकचरी जानकारी पर पार्टी कर रहा है वहीं दूसरी तरफ उसके कर्मचारी लूटे जा रहे हैं. घायल किए जा रहे हैं, पर प्रबंधन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. पिछले दिनों ही दो कर्मचारियों के साथ लूट की घटनाएं हुई, फिर भी प्रबंधन को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा. कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया जा रहा है. कर्मचारी भाड़ में जाएं अपनी बला से. प्रबंधन पार्टियां तो करता रहेगा. जय हो इंडिया न्‍यूज.

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

इंडिया न्‍यूज के दो मीडियाकर्मियों से लूटपाट

इंडिया न्‍यूज का नया आफिस यहां के कर्मचारियों को सूट नहीं कर रहा है. जब से इंडिया न्‍यूज श्रीनिवासपुरी से ओखला फेस वन गया है तब से कर्मचारियों को तरह तरह की परेशानी उठानी पड़ रही है. ताजा मामला यह है कि इंडिया न्‍यूज के दो कर्मचारियों के साथ लूटपाट की घटनाएं हुई हैं. कंट्रोल में कार्यरत अमीन को गोविंदपुरी मेट्रो स्‍टेशन के नीचे तीन बदमाशों ने चाकू के नोंक पर लूट लिया. उनका पर्स, मोबाइल और अन्‍य सामान भी लुटेरे अपने साथ ले गए.

दूसरी घटना पीसीआर में कार्यरत दीपक कुमार के साथ घटित हुई. उनको फेज वन में ही कुछ बदमाशों ने ब्‍लेड मारकर लूट लिया. उनके पास मौजूद कई अन्‍य सामान भी बदमाश लूट लिए. उन्‍होंने एक और व्‍यक्ति को भी लूट का निशाना बनाया. ओखला फेज वन के कई इलाके सुनसान होने के चलते आए दिन इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं.