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अब ईटीवी के पत्रकार भी होंगे एपीओ

लगता है स्ट्रिंगर के तौर पर काम करने वाले लोगों को अब और भी कड़ी परीक्षा के दौर से गुजरना पड़ेगा! वैसे भी स्ट्रिंगर के तौर पर काम करने वालों की हालत बहुत ख़राब है. स्ट्रिंगर अपनी पीड़ा किसको कहे कुछ समझ में नहीं आता है, क्योंकि उसकी कोई सुनने वाला ही नहीं है. खास बात तो ये है कि स्ट्रिंगर चैनल के रीढ़ की हड्डी होता है. बदकिस्मती से रीढ़ की हड्डी शरीर के पीछे ही होती है और ऐसी ही स्थिति आज स्ट्रिंगरों की है.

<p style="text-align: justify;">लगता है स्ट्रिंगर के तौर पर काम करने वाले लोगों को अब और भी कड़ी परीक्षा के दौर से गुजरना पड़ेगा! वैसे भी स्ट्रिंगर के तौर पर काम करने वालों की हालत बहुत ख़राब है. स्ट्रिंगर अपनी पीड़ा किसको कहे कुछ समझ में नहीं आता है, क्योंकि उसकी कोई सुनने वाला ही नहीं है. खास बात तो ये है कि स्ट्रिंगर चैनल के रीढ़ की हड्डी होता है. बदकिस्मती से रीढ़ की हड्डी शरीर के पीछे ही होती है और ऐसी ही स्थिति आज स्ट्रिंगरों की है.</p>

लगता है स्ट्रिंगर के तौर पर काम करने वाले लोगों को अब और भी कड़ी परीक्षा के दौर से गुजरना पड़ेगा! वैसे भी स्ट्रिंगर के तौर पर काम करने वालों की हालत बहुत ख़राब है. स्ट्रिंगर अपनी पीड़ा किसको कहे कुछ समझ में नहीं आता है, क्योंकि उसकी कोई सुनने वाला ही नहीं है. खास बात तो ये है कि स्ट्रिंगर चैनल के रीढ़ की हड्डी होता है. बदकिस्मती से रीढ़ की हड्डी शरीर के पीछे ही होती है और ऐसी ही स्थिति आज स्ट्रिंगरों की है.

और तो और एकाध चैनल को छोड़कर टीआरपी की दौड़ में भागने वाले चैनल भी इन स्ट्रिंगरों को सालभर में एकाध बार पैसा दे देते है. ये भी उनकी मेहरबानी है. अब चौकाने वाली खबर ये है कि राजस्थान में स्ट्रिंगरों को ईटीवी ने एक नया फरमान जारी किया है कि अगर एक महीने में सात से ज्यादा खबरें मिसिंग में आई तो उसे एपीओ किया जायेगा, वो भी तीन दिन के लिए. फिर हेडक्वार्टर पर उसे तीन दिन की सजा में मिसिंग हुई खबरों गल्तियां गिनाई जायेंगी.

जाहिर है ईटीवी में काम करने वालों की स्थिति देखने वाली है. उन्हें  रोजाना वो बात भी लिखानी पड़ती है, जो कायदे से खबरें होती ही नहीं, मसलन- मुख्यमंत्री ने एक मिनट में कितनी बार सांस ली है, आईएएस अफसर ने की दिन-रात सास-ससुर की सेवा, विजेता की तरह लौटे सीपी जोशी दिल्ली से, जज साहब  के घर में दूध कैसे फटा, बीना काक दौड़ कर गई मुख्यमंत्री आवास,  अधिकारी के यहां दावत में लिया दाल- बाटी और चूरमे का स्वाद, मुख्यमंत्री घर से निकले सचिवालय में घुसे, जयपुर में बढ़े पेमली बोरों के भाव, दिल्ली में अगर चाहते है बंगला एक अखबार ने बताई तरकीब, अमर सिंह राठौर ने की साहब की सेवा.

जाहिर है ऐसी बातों को खबरें बनाकर पहले से ही स्ट्रिंगरों की हालत खस्ता की गई हुई है और अब एपीओ की बात आने से राजस्थान में ईटीवी के पत्रकारों की दिमागी हालत बिगड़ती हुई नजर आ रही है. प्रशासनिक चाबुक से हांके जाने वाले ईटीवी के पत्रकारों को भी पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा जायेगा जो प्रशासनिक अधिकारीयों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.

एक पत्रकार

जयपुर

एक पत्रकार के पत्र पर आधारित. पत्रकार ने नाम न छापने का अनुरोध किया है.

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0 Comments

  1. pushpendra mishra

    September 27, 2010 at 4:02 pm

    stringars ke sath es tarah ks anayay patrakarita ka majak hai . ek jamana tha jab media me kam karne wale bahut kam ke hua karte the .lekin ab to media vyapario ke gulam . sabhi mediakarmeo ko es tarah ke muddo par aage aana chahie.

  2. nrrraj

    September 27, 2010 at 6:25 pm

    hum sabe strenger ka sath chan dooka karte hi sabko new apoment karne ka oahlay stranger asy bat karne chhiya

  3. prahlad sen

    September 28, 2010 at 6:26 am

    yeh toh bo bat hui ke murga apni jan se jai khane walo ko maja

  4. prateek

    September 28, 2010 at 8:23 am

    apne sarkari sevake karyakaal me adhiktar khudde line pade rahe jagdish katil apni kheez ab patrakaron paar utaar rahe hai.

  5. kp

    September 28, 2010 at 9:30 am

    chandra se management bhi pereshan hai.hum aapna dard kisse share kare.

  6. d s

    September 29, 2010 at 4:53 am

    kisi ne sahi kaha hai-
    besure sangeet me gaane lage, manch par bahrupiye chhane lage
    kya jamaana aa gaya e doston, na samajh samjhon ko samjhaane lage

  7. naval kishore

    September 29, 2010 at 6:28 am

    जगदीश कातिल के बारे में जितना कहा जाए कम है.उनके आसपास चाटुकारों की भरमार है,.वो और उसके चम्च्चे क्या कर रहें हैं यह आपकी वेबसाईट पर प्रकाशित हो चुका है.वेल्थ.वाइन और वूमन का ज़ोर है;और ई,टी.वी.के अन्ना मालिकों को हिन्दी चॅनेल्स से कुछ नही लेना देना है इस लिए जगदीश कातिल नंगा\ नाच रहे हैं.पढ़े फ़ारसी बेचे तेल वाली कहावत क़ातिलों के कातिल पर एक दम फिट बैठती है.

  8. banshichoudhary

    September 29, 2010 at 8:45 am

    bhai ye to katil sahab ki sochi samjhi tarkib lagtl hai. jab kisi ke khilaf khabar ati to pahle to BRAKING NEWS me chalate hai or upr se sarkar ka dwab aata hai to us khabar ko to kya bhejne wale ki bhi ase tei kar dete hai. ETV ka ek or niyam hai ki aap kisi bhi neta ke janm din. or usse milne walo ki khabre bheje asi me raporte bechara unki janm thithi kahnnaha se laye. adhiktar neta to anpadh hai or unki fix janm thithi khud ko bhi pata nahi hoti hai.EK or etv ki isthti hai ki aap ETV ka koi bhi buletin deklo usme cm or joshi ki khabr to awsay hi dekne ko milti hai
    banshilal choudhary balotra (daily marulehar)

  9. Tarkeshwar Mishra

    September 30, 2010 at 12:03 pm

    ETV…kya tha kya ho gaya? Dukh hota hai. Aisa haal ho sakta hai, kabhi sapne me nahi socha tha.

  10. Ak

    October 5, 2010 at 4:19 am

    bahoot bura sthiti hai bhai..katil saheb ke karyakaal main channel ka katl ho gaya..paisa pitne ke chakkar main unhone quality se compromise kar diya…ache logon ko bahal nahin kar waise logon ko promote kar diya…jo us kabil nahin koi dekhne wala nahi.pata nahin anewala bhawishya kya hai etv ka…

  11. dinesh

    October 11, 2010 at 11:19 pm

    jai gehlot jai cp ,
    thode samay baad etv ke anchor opening or closing me yahi kaha karegen. or aisa nahi karne par unko b apo kr denge. vo bhee ashok gehlot or cp joshi ke gher pe.catukaro ki bharmaar ab media me shumaar..aisaa hi lagta hai .

  12. suraj singh

    October 14, 2010 at 9:36 pm

    reporters ke haal isse bhi bure h. re bhaiyo p r o ban ke rah gaye h

  13. bhuktbhogi baba

    December 28, 2010 at 4:18 am

    suna hai katil saheb tv channel kee aad mein ugahi ka dhandha bhi karte hain…. issliye yesi stithi dekhne ko mil rahi hai…. reporters, stringers to kya ab channel ka har ek karmchari ke saath saath aam janata bhi pareshaan hain… jaise karnal bainsala ne gurjar andolan mein sabhi ko pareshan kiya hua hai vaise hi katil sahab ne bhi janata ko pareshan kiya hua hai…

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