: आज मैं उन्हीं के नाम पर मार दिया जाऊंगा, जिनके लिए संसार देखा है, मैंने : आदिलाबाद में माओवादी नेता आजाद के साथ मारे गये पत्रकार हेम चन्द्र पाण्डे को याद करके हुए उनके गृह जनपद पिथौरागढ़ में गुरुवार को एक श्रद्धाजलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें समाज के हर तबके के लोगों ने शिकरत की। स्व. हेम पाण्डे की हत्या की सभी लोगों ने एक स्वर में निंदा की और केन्द्र सरकार से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। पत्रकारों द्वारा आयोजित इस श्रद्धाजलि सभा में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सत्ताधारी भाजपा के प्रदेश महामंत्री, कांग्रेसी विधायक, पूर्व छात्र नेता, पत्रकारों, वकीलों, मानवाधिकारी कार्यकर्ताओं, सहित सभी राजनैतिक दलों के लोगों ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर आयोजित सभा में सभी वक्ताओं ने एक स्वर में उत्तराखण्ड के छात्र और सामाजिक आंदोलनों में हेम पाण्डे के योगदान को सराहते हुए कहा कि विचार के प्रति उनकी जैसी प्रतिबद्धता आज के दौर के युवाओं में कम ही देखने को मिलती है। छात्र संगठन ‘आइसा’ (आल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन) से अपना राजनैतिक सफर शुरू करने वाले हेम पाण्डे बाजारू पत्रकारिता के बजाय सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को अपनी पत्रकारिता का आधार बनाया।
पत्रकारिता के जरिये दुनिया बदलने का सपना लेकर चलने वाले हेम का जुनून ही था कि वो नक्सल समस्या को भी करीब से देखकर उस पर लिखने लगे थे। इसी कारण उनका कई माओवादी नेताओं से भी सम्पर्क था। इनसे वो उनके आंदोलन पर एक पत्रकार की हैसियत से चर्चा किया करते थे। आज के खुद के लिए जीने वाले दौर में कोई युवा अगर कमजोर तबके के लोगों की आवाज को खुद की कलम से आगे बढाता है तो उस पर हर संवेदनशील व्यक्ति को गर्व करना चाहिए। पुलिस भले ही कुछ भी कहे लेकिन जाबांज पत्रकार हेम के गृह जनपद पिथौरागढ़ लोग जानते हैं कि वो क्या थे।
शायद यही वजह है कि सभी राजनैतिक दल से जुड़े लोगों ने उनकी शहादत को सलाम किया है। साथ ही आन्ध्र प्रदेश पुलिस की इस बर्बरता की कड़ी निंदा की है। हेम के परिजनों का कहना है कि वो इस पूरे प्रकरण पर सरकार से लगातार न्याय की गुजारिश कर रहे है। लेकिन सरकारों के रुख को देखकर नहीं लगता कि वो उन्हें न्याय दे पायेगी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने सरकार द्वारा हेम के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलवाने का भरोसा दिलाया।
लेखक विजय वर्धन हिमालयन जर्नलिस्ट एसोसिएशन, पिथौरागढ़ के अध्यक्ष हैं.












shirish khare
July 16, 2010 at 1:53 pm
आजाद की मृत्यु की जांच की मांग
शांति और न्याय के लिए अभियान द्वारा जारी विज्ञप्ति में राधा भट्ट, प्रो. बनवारीलाल शर्मा, मेधा पाटकर, अजित झा, डाक्टर वी.एन.शर्मा, राजीव लोचन शाह एवं नीरज जैन ने कहा कि जागरूक नागरिक होने के नाते हाल ही में छत्तीसगढ़ और भारत के पूर्वी भागों में हुई हिंसा की वारदातों से वे सब अत्यंत व्यथित हैं। साथ माओवादियों एवं राज्य सुरक्षा बलों के बीच हो रही हिंसा और प्रतिहिंसा की निंदा करते हुए कहा गया है कि चिंतित नागरिक समूहों द्वारा रायपुर से दंतेवाड़ा तक शांति मार्ग निकालने के बावजूद हिंसा की घटनाएं बेरोकटोक जारी हैं। इस बीच गृहमंत्री पी.चिदम्बरम एवं कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (माओवादी) के प्रवक्ता, आजाद के मध्य पत्र व्यवहार भी हुआ था।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि हाल ही में हुई माओवादियों की ओर से शांति प्रक्रिया संचालित कर रहे आजाद की हत्या, (जैसा कि व्यापक तौर पर प्रसारित भी हुआ है कि यह एनकाउंटर नहीं था), ने हमें धक्का पहुंचाया है। इससे शांति प्रक्रिया में बाधा पहुंचेगी। हम इस हत्या की निंदा करते हैं और शासन से उम्मीद करते हैं कि –
(1) आजाद और हेम पांडे की हत्या की जांच हेतु एक स्वतंत्र जांच कराएं एवं यथोचित निर्णय लें।
(2) शांति प्रक्रिया की स्थिति को साफ करें।
(3) शांति प्रक्रिया में मदद करें और इस प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाएं।