आर्यन से संजय मिश्रा के इस्‍तीफे के बाद अब स्ट्रिंगर हड़ताल पर

: झारखंड के स्ट्रिंगर सेलरी न मिलने तक खबर न भेजने का एलान किया : चैनल के भीतर स्थिति भयावह : आर्यन में घमासान जारी है. पहले चैनल हेड संजय मिश्रा ने विदा ली, अब झारखंड के बीस जिलों के स्ट्रिंगर हड़ताल पर चले गए हैं. झारखंड की खबरें आर्यन टीवी पर नहीं चल रही हैं. स्ट्रिंगरों ने पैसा नहीं मिलने के चलते यह कदम उठाया है. खबर है कि बिहार के स्ट्रिंगर भी हड़ताल की तैयारी में लग गए हैं. प्रबंधन को कुछ सूझ नहीं रहा है. चैनल की व्‍यवस्‍था अभी सीएमडी सीधे देख रहे हैं. चैनल ठीक से चला भी नहीं कि डगमगाने लगा है.

चैनल के लांचिंग के समय से काम कर रहे झारखंड के स्ट्रिंगरों को पिछले चार महीने की सेलरी नहीं मिली है. झारखंड के 22 जिलों में से 20 जिले के स्ट्रिंगर हड़ताल पर हैं. जिसके चलते झारखंड की खबरें आर्यन टीवी पर देखने को नहीं मिल रही हैं. केवल लोहरदग्‍गा और साहबगंज के स्‍टाफर ही आर्यन को खबरों भेज रहे हैं. स्ट्रिंगरों ने साफ लहजे में चेतावनी दे दी है कि अगर पैसा नहीं तो खबर नहीं. प्रबंधन पिछले काफी समय से स्ट्रिंगरों को पैसा दिए जाने का आश्‍वासन दे रहा था. कभी एकाउंट नम्‍बर मांगा जाता तो चेक से पैसे देने की बात की जाती रही. चार महीना बाद जब पैसा नहीं मिला तो झारखंड के स्ट्रिंगर आपस में मीटिंग कर हड़ताल पर जाने का एलान कर दिए.

सूचना है कि बिहार में भी यही स्थिति है. यहां भी ज्‍यादातर स्ट्रिंगरों का पैसा प्रबंधन ने नहीं दिया है. झारखंड के बाद अब बिहार के स्ट्रिंगर भी हड़ताल पर जाने की तैयारी में लग गए हैं. चैलन पहले से ही डांवाडोल चल रहा है. संजय मिश्रा ने भी यहां की स्थितियों और प्रबंधन के व्‍यवसायिक दबाव से आजिज आकर इस्‍तीफा दे दिया था. संजय आर्यन ज्‍वाइन करने से पहले वे सहारा समय, बिहार-और झारखंड के चैलन हेड थे. वे करीब बारह सालों से सहारा से जुड़े हुए थे. सहारा ज्‍वाइन करने से पहले वे जी न्‍यूज की टीम में भी रहे थे.

संजय ने ही आर्यन की टीम खड़ी की थी. लेकिन वे इससे ज्‍यादा समय तक जुड़े नहीं रह पाए. संजय ने जब आर्यन ज्‍वाइन किया तो इसकी टीम आधी अधूरी थी. संजय के चलते झारखंड के ज्‍यादातर स्ट्रिंगर सहारा समय छोड़कर आर्यन से जुड़े थे. सर्वेश कुमार सिंह भी स्‍टेट हेड के रूप में आर्यन से जुड़े हुए थे. चैनल की लांचिंग में सर्वेश की भी महत्‍वपूर्ण भूमिका रही. वे भी कई चैनलों में वरिष्‍ठ पोस्‍ट पर काम कर चुके थे. लेकिन शुरू से ही संजय और सर्वेश के बीच के शीत युद्ध ने चैलन को जमने नहीं दिया. इसका असर यह हुआ कि पहले भी एक बार संजय मिश्रा ने इस्‍तीफा दे दिया था, परन्‍तु मान मनौव्‍वल के बाद वापस आए थे. इधर सर्वेश ने साधना ज्‍वाइन कर लिया था. तब लगा कि स्थिति में सुधार होगा, परन्‍तु संजय मिश्रा ने स्थितियों से आजिज आकर दोबारा फाइनली इस्‍तीफा दे दिया. उनके साथ आउटपुट हेड संजय कुमार भी चैनल को बॉय कर गए.

फिलहाल खबर है कि चेयरमैन अनिल कुमार चैनल को सीधे देख रहे हैं. परन्‍तु जिस तरह के हालात हैं और फायनेंशियल दिक्‍कतों के चलते स्ट्रिंगर हड़ताल पर हैं, उससे इस चैनल का भविष्‍य भी अस्‍पष्‍ट है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि सीएमडी कुछ वरिष्‍ठ पत्रकारों को चैनल से जोड़ने की कोशिश में लगे हुए हैं. कुछ लोगों से बातचीत भी हो रही है. वहीं दूसरी ओर चर्चा यह भी है कि सर्वेश को वापस चैनल हेड बनाकर लाया जा सकता है. खबर है कि प्रबंधन उनके संपर्क में है तथा चैनल से जोड़ने की कवायद में लगा हुआ है. उनके साथ मार्केटिंग एक्‍जीक्‍यूटिव रह चुके राजेंद्र के भी हेड बनने की खबरें न्‍यूज रूम में तैर रही हैं. फिलहाल सीएमडी के बाद दूसरे नम्‍बर पर हैं और चैनल की जिम्‍मेदारी देख रहे हैं.

इधर खबर है कि आर्यन से आजाद हुए संजय मिश्रा भी किसी प्रोजेक्‍ट को पाइप लाइन में डाले हुए हैं. कुछ दिनों के रेस्‍ट के बाद वे फिर से अपनी नई पारी की तैयारी में जुटने वाले हैं. इन सबके बीच आर्यन से जुड़े कर्मचारी सबसे ज्‍यादा परेशान हैं. उनकी समझ में नहीं आ रहा कि उनका भविष्‍य और चैनल का भविष्‍य क्‍या होगा. फिलहाल तो हम दुआ करते हैं कि सब कुछ ठीक ठाक हो जाए. नहीं तो एक और चैलन तमाम रीजनल चैनलों की राह पर चलने को तैयार दिखाई पड़ रहा है.

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Comments on “आर्यन से संजय मिश्रा के इस्‍तीफे के बाद अब स्ट्रिंगर हड़ताल पर

  • bihar ke lakhisarai.jamui,banka,khagriya.sekhpura.naugajhiya,mokama,bardh,aadi 2 darjan jil ke stringero ko 4 mah ka vetan bhi dene me tal matol kar rhe hai.ye bhi ek saptah me hartal par jaayenge.

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  • pta nhi chainl kholne baale yh kb smjhenge ki kam krne baalo ko paise chahiy.bina paise ke koi kb tk kam krega.sbse jyada sosit hai fild me kaam krne baale.jb mn aaye to pase do nhi aaye mt do aur dusra dudhne lgo ki farmula sadhna aur aryan me chl rha hai.chinl chlane me dimag km aur vigypn vsulne ki taiyari jyada chlti hai yese me bhgvan hi malik ho skta hai yese chainl ka.

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  • apana kale kartut chipane ke liye billder channel khol lete hai our reporter ko peesha ka apna magdur smachhate hai to reporter channel nahi chhodega to kya kare

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  • lagta hai kisine chanel khol kar gunah kar di, jaha tak mujhe aryan ke bare me pata hai wah ek bahut hi majbut group hai, kuch kamchor logo ke karan aj wah chanel pichar raha hai, lekin cmd ke dekhne ke bad wah teji se jald ubhrega. ab kamchor log chanel se haty ja chuke hai ,

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  • yashwant ji apne thik hi kaha hai mein bhi madhupur aur deoghar mein stringer hoon. lekin abhi tak paise ki bhugtan nahi ho payee hai. jabki teen mah beet chuki hai. Ajit Anand, madhupur.

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  • paise nahi milne par jo reporter strike par gaye hain unhe mera mubarakbaad. media me soshan ke khilaf likhne wale ka soshan ho rahai. iske liye hame ek jppt hona hoga. waise raftaar news ka bhi wahi haal hai. karib ek saal se jyda dino se kaam kar rahe bihar/jharkhand ke reporter ko abhi tak paisa nahi mila hai. uske alawa office me kaam karne wale staaf ko bhi abhi tak paisa nahi mila. maangne par company ke md monday ki baat karte hain. jo kabhi nahi aata. hum raftaar ke sabhi reporter ko bhi kadam uthane ko kahte hain

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  • Nand Kishore says:

    Yashwan jee, You have drawn clean picture of the regional tv channels which are meant for exploitation of youths who seeks bright career in the shining screens of tv. I have also worked as a stringer of a popular news channel for two years. I was treated by seniors like a servent of their houses. Thus I have left world of shining tv and came back to print.

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