आश्‍चर्यजनक और अविश्‍वसनीय : सहाराश्री ने दी सफाई

देश सेवा की खाल ओढ़कर घी पीने वाला सहारा ग्रुप अब लग रहा है परेशान है. ईडी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सहारा के चेयरमैन सुब्रत रॉय, उपेंद्र राय तथा सुबोध जैन को अवमानना की नोटिस जारी की है. इसे लेकर कई अखबारों तथा न्‍यूज चैनलों पर खबरें भी चली, जिसमें सहारा ग्रुप पर लगे आरोपों को सामने लाया गया था. इसकी जांच चल रही है. अब असली सच्‍चाई तो जांच के बाद सामने आएगी, पर अपने खुले भेद पर टीका टिप्‍पणी को सहारा इंडिया परिवार इसे आश्‍चर्यजनक और अविश्‍वसनीय मान रहा है.

समय-समय पर विज्ञापन देकर देश हित की बात करने वाला सहारा ग्रुप अब अपने फंसा है तब भी विज्ञापन का सहारा लेकर इज्‍जत बचाने की कोशिश कर रहा है, जो उसके ऊपर सवालिया निशान लगाते हैं. इसके पहले भी कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में भ्रष्‍टाचार की पोल खोलने वालों को सहारा समय ने विज्ञापन देकर देशहित में चुप रहने की गुजारिश की थी. जिससे इस ग्रुप की नीयत पर पहले ही लोग शक करने लगे थे कि जिस मीडिया हाउस को भ्रष्‍टाचार की पोल खोलना चाहिए वह भ्रष्‍टाचार के मुद्दे पर चुप रहने की गुजारिश कर रहा है.

अभी 2जी, मनी लांड्रिंग, नियमों के विपरीत बाजार से पैसा जुटाने, कोड़ा से धन लेने संबंधी कई आरोपों से जूझ रहे सहारा ग्रुप ने फिर अखबारों को विज्ञापन देकर एक तीर से दो शिकार करने की रणनीति अपनाई है. पहला तो यह कि विज्ञापन देकर अपनी सफाई पेश की जाए दूसरे इन विज्ञापनों के सहारे अन्‍य मीडिया हाउसों को भी ओबलाइज कर लिया जाए ताकि वो खबर को सिर्फ सूचनात्‍मक लिखें विश्‍लेषण ना करें. अन्‍यथा क्‍या जरूरत पड़ गई सहारा श्री को विज्ञापन के माध्‍यम से अपनी सफाई पेश करने की.

सहारा श्री अगर बयान जारी करते तब भी कई अखबार उनकी बातों को प्रमुखता से रखते, पर तब शायद अखबार ओबलाइज नहीं होते और अपने तरीके से विश्‍लेषण करते.  सहारा इंडिया परिवार ने कई अखबारों में ‘आश्‍चर्यजनक और अविश्‍वसनीय’ शीर्षक के साथ एक विज्ञापन दिया है, जिसमें सहारा के चेयरमैन को पाक साफ बताया गया है. सभी आरोपों को झूठा और मनगढ़त बताया गया है. आप भी देखें नीचे विज्ञापन और तय करें इस ग्रुप और इसके कर्ताधर्ताओं की सच्‍चाई.

सहारा

Comments on “आश्‍चर्यजनक और अविश्‍वसनीय : सहाराश्री ने दी सफाई

  • tilak jatav says:

    sahara samay ki pol khulte dekha kr sahara me kam kr rha hr wo banda preshan h jo feeld me mehnat to karta h pr use pement ke nam pr sahara ka tgma pakda kr vigyapan lane ke bad hi kmeeshan ke nam pr pement dene ko kha jata h or upar se hme kha jata ki sahara ki grima ko bnaye rkhe are bhai jb hme pement hi nhi doge to jile bhar me bhag dod karke khabre kya pedal chal ke nikalege fir hme sahara ke anuroop apne stetas ko bhi to menten krna padta h pahle se kar me chalte the to aaj bhi kar se hi ghoomna padta h pr hm apne sahara parivar ke abhari h ki hm uske nam pr aaj bhi ijjat ki char roti to kha rhe h

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  • Lucky Singh says:

    written by LUCKY SINGH, Lucknow May 14, 2011
    Aap ne sahi likha hai , sahara me kam karne wala har chota aadmi prai san hai 4sall se na nahi inkriment hai nahi prmoson aur na hi koi polcy jo be top hai lutne mai he lagey hai!!!

    sahara india priwar……………. pariwar nahi rah gya hai….!!!!!

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