ईटीवी में राजेश तोमर एवं भुवन किशोर के बीच शीतयुद्ध, दूसरे कर्मचारी तनाव में

ऐसा लग रहा है कि ईटीवी, झारखण्ड में स्टेट हेड राजेश तोमर से ईटीवी प्रबंधन खुश नहीं है. इसलिए जयपुर अब नए इन्चार्ज के रूप में रांची के रिपोर्टर भुवन किशोर झा को आगे कर रहा है. राजेश तोमर को महत्वपूर्ण माने जाने वाले कंट्रोलरूम से हटा दिया गया है और इसकी जिम्मेदारी भुवन किशोर झा को दे दी गई है. ईटीवी के अंदरखाने से ये भी खबर है कि भुवन किशोर झा सीधे चैनल हेड जगदीश चन्द्र के संपर्क में हैं और किसी भी वक़्त ईटीवी झारखण्ड के पूर्व हेड अमन कुमार की तरह झारखण्ड की जिम्मेदारी सम्‍भाल सकते हैं.

भुवन किशोर झा के बारे में कहा जा रहा है कि बिहार में स्ट्रिंगर से पदोन्नति पाकर संवाददाता बनते ही उनका ग्राफ तेजी से बढ़ा है और वह जयपुर टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी बन गए हैं,  जो राजेश तोमर के पत्ता साफ़ करने के लिए काफी है. खबर तो ये भी है कि ईटीवी की हर एक बात- सीओबी से लेकर चपरासी तक की पल-पल की खबर भुवन जयपुर में आलाकमान को देते हैं.

भुवन किशोर के बढ़ते कद से जहाँ हैदराबाद डेस्क परेशान है वहीं रांची ऑफिस में भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. सीओबी ने तो अपनी नौकरी बचाने के लिए अभी से ही भुवन किशोर की खुशामद करना शुरू कर दिया है. सबसे ख़राब हाल तो ईटीवी के शुरुआती टीम के मेम्बर रहे वरिष्‍ठ संवादाता राजेश कुमार की है, जो समझ नहीं पा रहे हैं कि वो भुवन और राजेश तोमर में किसे खुश करें. यही हाल नरेन्द्र और मनोज का भी है, वहीं भुवन के साथ प्रमोशन पाने वाले उपेन्द्र यादव भी परेशान हैं, अपनी बराबरी के रिपोर्टर भुवन को जवाब देते हुए उपेन्‍द्र शर्म महसूस करता है. कंट्रोलरूम में काम करने वाले स्टाफ को भी भुवन रोज जलील करता है. कई ने तो नई नौकरी की तलाश भी शुरू कर दी है. उनका कहना है कि छह हजार की नौकरी में कितने बॉस होंगे, जिनकी गलियां हम दिन रात सुनें.

इससे पहले भी रांची ऑफिस में स्ट्रिंगर विक्रम सिंह परेशान होकर अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेल लिया था और राजेश तोमर ने नौकरी की धमकी देकर सबका मुह बंद करा दिया था. काफी रोकने के बाद भी बात ऊपर तक यानी आरएफसी और पटना तक पहुंच गई थी, जिस में भुवन ने सक्रिय भूमिका निभाकर तोमर की जान बचाई थी, जिसका कर्ज तोमर अब तक चुका रहे थे,  लेकिन अब उसी भुवन की नजर राजेश तोमर की सीओबी की कुर्सी पर है, जिसके लिए भुवन एक बार छुट्टी लेकर दिल्ली और जयपुर का दौरा भी कर चुके हैं. इस खुलासे ने तोमर की नींद छीन रखी है.

झारखण्ड के सभी स्ट्रिंगर, इन्फार्मर के साथ-साथ अभिषेक धनबाद रिपोर्टर, अन्नी अमृता जमशेदपुर रिपोर्टर का तनाव भी रोज़ सुबह ताज़ा पट्टी के लिए पड़ने वाली गाली से बढ़ रहा है.  अन्नी तो कई बार इस घटना से अपसेट होकर ऑफिस आना ही छोड़ दिया है. भुवन किशोर के बढ़ते कद से परेशान तोमर ने ऑफिस बॉय से लेकर रिपोर्टर तक को टॉर्चर करना शुरू कर दिया है क्योंकि सांप को दूध पिलाना उन्हें अब महंगा साबित हो रहा है.

नीचे रांची आफिस के हाल को लेकर ईटीवी के वरिष्‍ठों को भेजा गया मेल.


 

Respected sir,

we are  a few staff sending this secret mail to inform u regarding the atmosphere of etv office in ranchi.we are victim of the office incharge mr. rajesh tomer. tomar has become dictator in this office. we want to inform u about some incident took place in office.we are very fearful giving u this information. sir, mr. tomar behaves like channel head. most of the staffs are victim of his atrocities.

sir, on 03-05-11,an incident took place in ranchi office. that was serious and peculiar. mr. tomar pressurised a news contributor mr. vikram singh to go to apollo to cover a story. he expressed some problem in going to apollo.but,mr. tomar threatened him to do so.as a result, vikram singh attempted to commit suicide and put on gallon of kerosene oil and poured down half gallon .he ran to kitchen to take match box. there were many staff of every department.we tried to catch mr. vikram. ultimately, we overcame him and he was saved at last. there was unusual scene.mr. tomar was stunned.then he started to manage this incident. later, he threatened all the available staff not to leak this news to anyone.

Sir, since then ,he has been enjoiying thinking so that this news has been suppressed.if vikram singh cuoil have committed suicide in office ,we were sent to jail and the office of etv might be closed. there is such serious situation in ranchi.this news was sent to many of patna office over telephone.due to his action, no one came in front. But, situation is continuing in this office. please inquire in to the matter.

Sir, he has been doing some illegal work. he orders cameramen to record his self anchored programme’ kuchh batein, kucch khas aapke saath’. he supplies CDs of this programme to the celebrity of the programme. Sir, mr. rajesh tomer has developed the culture of getting transfer news items everyday.

एक पत्रकार द्वारा भेजा गया मेल.

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Comments on “ईटीवी में राजेश तोमर एवं भुवन किशोर के बीच शीतयुद्ध, दूसरे कर्मचारी तनाव में

  • कमल शर्मा says:

    ईटीवी की हर एक बात- सीओबी से लेकर चपरासी तक की पल-पल की खबर भुवन जयपुर में आलाकमान को देते हैं……इस खबर में यह बात है। यह बताओ यह भुवन पत्रकार है या दलाल अथवा भडुआ।

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  • ईटीवी में कुछ भी संभव है। राजेश तोमर इंडिया न्यूज का टुंटपुंजिया स्टिंगर था। उसे जगदीश कातिल ने ब्यूरो चीफ बना दिया। बंदर के हाथ में नारियल आया तो उसने अपना मुंह ही फोड़ लिया। तोमर का व्यवहार सही नहीं है। वह लोगों के साथ गालीगलौज करता है। ईटीवी प्रबंधन का रवैया देखते हुए वैसे सारे वरिष्ठ चैनल छोड़कर जा चुके हैं जो लांचिंग टीम से जुड़े थे। चैनल की टीआरपी भी पांचवे-छठे स्थान पर है। जल्द ही इसका भट्टा बैठना भी तय है।
    सुरेंद्र, रांची

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  • jagdish katil ki yahi maya hai dost…jyada dino tak kisi ka sath use nahi chahiye…usane jab kabil logo ko nipta diya to phir tomar to eak no ka nikamma hai…aman kumar ne use stringer se boss banba diya tha. tomar jis tarah se rajesh kumar ko jalil karata hai oh ranchi me sabko pata hai.

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  • यह बात केवल ईटीवी के रांची कार्यालय में ही नहीं हो रहा है,पटना में भी गुरु जी को चेला बनाने की कोशिश कई नामुराद कर रहे हैं.अरुण अशेष जी जैसे वरिष्ठ पत्रकार की जड उनके द्वारा पैदा किया गया प्रबोध खोदने में लग हुआ है.मुजफ्फरपुर की बदनाम गलियों में डूब रहे प्रबोध को अरुण जी ने निकाल कर 2003 में ईटीवी में रखवाए थे,तब अरण जी ईटीवी में थे,दुबारा ईटीवी में आने के बाद प्रबोध उनके और उनके लोगों के खिलाफ लग गया है.चुकी अरुण जी चहते हैं कि ईटीवी में पुराने लोगों को फिर से लाया जाय ,और लगातार गिर रही ईटीवी की साख को बचाया जाय.कई लोग झारखण्ड में ऐसे थे जिन्होने ईटीवी की गरिमा को बरकरार रखा था.पर जयपुर और हैदराबाद की भुलभुलैया उनलोगों को रास नहीं आयी और ईटीवी को अलविदा कह गए,अरुण अशेष के पटना ज्वाइन करने के बाद कुमार प्रबोध का खुला खेल ……….नहीं खेल पा रहे लिहाजा ,अपने गुरु को चेले बनाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं.यही हाल रांची का है,रांचीमें तो विवाद की वजह लूट है.अमन कुमार की विरासत सम्भालने आए राजेश तोमर लूट में उनसे आगे निकलने की होड में लग गए और कमाउ कार्यक्रम बातें कुछ खास के जरिए अधिकारियों नेताओं से सम्पर्क का फआयदा लेने लगे,पहले छोटी गाडी और अब बडी गाडी की सवारी करने लगे.जमीन मकान भी हो गया ऐसे में राजेश ,भुवन ,उपेन्द्र या मनोज क्यों पीछे रहते,आपको जानकर आश्चर्य होगा यशवंत जी कि लूट का हिस्सा जयपुर भी जाता है.
    आपका tauseef

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  • inderjeet tiwari says:

    मिस्टर श्री अनूप सिन्हा पर जो भी आरोप लगा है वह सरा सर गलत है और जहा तक की उनके ऊपर जो इल्जाम मार्केट से उगाही के लगाये गए है वह भी सरा सर झूट और बे बुइंयाद है हमारी जहा तक सोच है और हमारा मिडिया में जितना अब तक का अनुभव है की अगर कोई कहे की मार्केट में वह व्कती उगाही कर रहा है यह भी गलत होगा और मेरा यह मानना है की अगर कोई भी यह साबित कर दे तो मिस्टर अनूप सिन्हा की मार्केट उगाही करते है तो उनकी पत्रकरीता से पहले में अपनी पत्र करिकता छोड़ दुगा इतना ही नही और भड़ास में कोई लिखा है उनके पास न्यूज का आईडी है तो यह सच है मगर आज जमशेदपुर में दस बंन्दे प्रिंट या विज्वल मिडिया में काम कर रहे है तो आज कही न कही अनूप सिन्हा का ही हाथ है और रही मार पीट की बात तो लोग अपने गिरेबान में पहले झाके तब दुसरे को दोषी करार दे .और भड़ास में अनूप के बारे में लिखा है तो यह सरा सर गलत काम किया है कियोकी यह जमशेदपुर से किसी ने नही बल्कि राजधानी से किसी ने भड़ास में लिखा है और अपनी पुराणी खुनस को निकलने का काम कर रहे है .

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  • mai pradip kumar kuch din pahle maine control room me lagatar 6mahine tak kam kiya ,cob tomar ne kah payment ayega …….lekin payamet nahi aya …..last me muft me bin kuch diya hata diy a …………….kya yahi hai cob ka kam ……………………..?

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