उत्तराखंडी जनकवि की आडियो सीडी ”अब कथगा खैल्यू” ने उड़ाई निशंक की नींद

उत्तराखंडी जनकवि और लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी की हालिया रिलीज ऑडियो सीडी ‘अब कथगा खैल्यू’ (अब कितना खायेगा) की 2 जून से अब तक 10 हजार से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं. यूट्यूब पर इस एल्बम के कुछ गीतों के मुखडे़ अपलोड किए गए हैं. फेसबुक पर सैकड़ों लोग इसे अपनी वाल (मुखपृष्ठ) पर चस्पा कर चुके हैं. आखिर ऐसा इस सीडी में क्या है जो लोग इसे हाथों हाथ खरीद रहे हैं?

क्यों यह सीडी रिलीज होने से पहले ही चर्चा में आ गई थी? चलिए आपको फ्लैश बैक में लिए चलते हैं- 2005 में रिलीज नेगी की ऑडियो वीडियो एल्बम ‘नौछमी नारैणा’ ने खूब धूम मचाई थी. उससे पहले दुनिया के मशहूर गायक माइकल जैक्शन के एक एल्बम की ढाई लाख प्रतियां बिकी थीं मगर अब तक नौछमी नारैणा की लगभग चार लाख प्रतियां बिक चुकी हैं. उत्तराखंड के तात्कालिक मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के कार्यकलापों पर आधारित एक गीत ने उन्हें राजनीति से चलता कर दिया था और कांग्रेस को भी उत्तराखंड में हासिए पर खडा कर दिया. ‘नौछमी नारैणा’ पर सैंसर के बैन लगाने के बावजूद भी यह सीडी चोरी छिपे खूब बिकती रही. यूट्यूब पर इसके कई वीडियो मौजूद हैं जिसे अब तक लाखों लोग देख चुके हैं.

अब लौटते हैं ‘अब कथगा खैल्यू’ की ओर. यूं तो एल्बम को लोकपाल से चर्चित हो चुके समाजसेवी अण्णा हजारे को समर्पित किया गया है. परंतु असल में इस सीडी ने उत्तराखंड में भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री निशंक की नींद उड़ा रखी है. सीडी में पहले गीत कमिसन की मीट भात रिश्वत कू रैल्यू रै, बस कैर बिंड्या ना सपोड़ अब कथगा खैल्यू रै… में 56 बांधों में कमिशन खोरी, कुंभ मेला गड़बड़झाला, स्टर्डिया जमीन घोटाला जैसे सरकारी घपलों का उल्लेख किया गया है. बारम चुनौ च भुलू, हैंसिलु कि रवेलु रै पंक्ति से जनकवि ने 2012 के विधानसभा चुनाव में निशंक के लिए प्रश्नचिन्ह छोड़ दिया है. राष्ट्रमंडल खेल और टूजी घोटालों का जिक्र करके केन्द्र में फैले भ्रष्टाचार पर भी तीखा प्रहार गीतकार ने बखूबी किया है.

यूट्यूब पर सुनने के लिए क्लिक करें- अब कथगा खैल्यू

जनकवि नेगी के इस गीत को भी सुनें- देहरादून वाला हूं

रिलीज से पहले निशंक के चेले-चपेटों ने इसे रोकने की हर संभव कोशिश की. नेगी से सीधे संपर्क कर भी सरकार को इसमें कामयाबी नहीं मिल पाई. 2 जून को रिलीज के वक्त देहरादून के राजपुर रोड़ स्थित होटल सनराइज में सरकार के अधिकारी जासूसों की तरह रेंगते रहे. पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री खंडूरी और भगत सिंह कोश्यारी के भाजपा आलाकमान से निशंक को हटाने की मांग को खारिज के बावजूद अब निशंक विरोधी भाजपाई इसे आलाकमान और नितिन गडकरी को सुनाने की सोच रहे हैं. भ्रष्टाचार पर एक और गीत को सीडी में स्थान मिला है- माछू पाणी पेंदु नि दिखे पंछी डालु सेंदु नि दिखे, लेंदु छैंच भैजि घूस सबि जणदन पर झूट क्यो ब्वन लेंदु नि दिखे… गीत में किस तरह सरकारी तंत्र को घूसखोरों ने जकड़ रखा है. पैलि चा-पाणि मा होंदु छौ काम, अब जतगा मांगदु ततगा दे… शब्दों में कवि का आक्रोश साफ झलकता है.

एक और खास बात इस एल्बम में पहली बार हुई है. नरेन्द्र सिंह नेगी के पुत्र कबिलास नेगी ने पिता के साथ युगल गीत गाया है. विपणन प्रबंधन में स्नातकोत्तर कबिलास ने ”मेरे को पाड़ी मत बोलो मैं देरादूण वाला हूं” गाकर उत्तराखंडी लोकसंगीत की दुनिया में कदम रखा है- कबिलास के लिए श्रोताओं की ढेर सारी शुभकामनाएं. बुद्धिजीवी और साहित्यकार गढ़वाली और कुमांउनी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए जोर लगा रहे हैं. मगर जब तक युवा पीढ़ी को पहाड़ी संस्कृति की ओर आकर्षित नहीं किया जाएगा तब तक ठोस सफलता नामुमकिन है. इस गीत में अपने पहाड़ी कहलाने वाले युवक के माध्यम से गीतकार ने सफल कटाक्ष किया है.

अपनी खास शैली की लिखावट के लिए प्रसिद्ध रहे नेगी ने इस सीडी में आखिरी गीत में मार्मिकता उड़ेलकर रख दी है. अब मेरा दुखमा पिड़ा नि हूंदी गीत में जरा ध्यान दीजिए- कब गाई बचपन कब ज्वानी आई, लोग बतौंदन मिन नि चिताई, कब पड़ा छाला कब मौलि गैनी, मेरि हथ-खुट्यूंन मै नि बताई… सीडी के बाकी चार गीत प्रेम और श्रृंगार रस से भरपूर हैं, जिन्हें सुनकर आजकल के गीतकारों को सीख लेनी चाहिए जो मुर्गी बांद छकना बांद जैसे बेहुदा शीर्षकों और तुरडि़तुरातुर ऐगे मजा सुर जैसे बेहूदा बोलों से अपनी दुकान चला रहे हैं. सीडी में इन द्विय माबत के अलावा मीना राणा ने भी अपना स्वर दिया है. संगीत संयोजन चिरपरिचत एच. सोनी पमपम का है. हमेशा की तरह बिक्रम सिंह रावत ने अपना भारी भरकम सहयोग सीडी में दिया है. सीडी के निर्माता मोहन लखेड़ा हैं.

यह लेख देहरादून से प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘युगवाणी’ के जुलाई २०११ के अंक में छपा है.

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Comments on “उत्तराखंडी जनकवि की आडियो सीडी ”अब कथगा खैल्यू” ने उड़ाई निशंक की नींद

  • Prakashkukrety says:

    Narendar singh negi jee ko bhagwan lambi umar de. Hamko garv hai ki hamare pass negi jee hai wahin ham sharminda hai ki nishank hamara c.m. Hai

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  • uttarakhandi says:

    निशंक मुख्यमंत्री हैं इसके लिए आपको शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं कुकरेतीजी. क्या आप तब शर्मिंदा हुए थे जब प्रदेश में कांग्रेस का राज था और इस गरीब प्रदेश के संसाधनों से हर किसी ऐरे गैरे को लाल बत्ती बांटी गयी थी. क्या आप तब शर्मिंदा हुए थे जब कांग्रेस शासन में साहित्य एवं लोक कला परिषद् का एक महत्त्वपूर्ण पदाधिकारी व तत्कालीन मुख्यमंत्री का खासम खास सेक्स स्कैंडल में फँस गया था. जब आप तब शर्मिंदा नहीं हुए तो अब क्यों हो रहे हैं ? अब तो निशंक पूरी मेहनत और लगन से काम कर रहे हैं. ऐसे में तो प्रदेश की जनता को उनका साथ देना चाहिए. लगता है आप भी उन्ही लोगों में से हैं जिन्होंने निशंक की गरीबी और संघर्ष को देखा है और अब इस बात को पचा नहीं पा रहे की जमीन से उठा ये साधारण सा दिखने वाला आदमी प्रदेश के सर्वोच्च पद पर पहुँच कैसे गया. उनके साथ के बहुत से कुंठित लोग इसीलिए शर्मिंदा हैं कि कल तक उनके सामने सामान्य सा दिखने वाला निशंक यंहा तक कैसे पहुँच गया और वे जंहा थे वंही रह गए. समय समय पर उनकी कुंठा ऐसे ही बहुत से माध्यमो द्वारा दिखाई दे जाती है.

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  • pankaj naithani says:

    hame aap par garv hai negi ji
    bhrastachaar jaise jwlant mudde ko aapne samay samay par uthaya hai aapka bahut bahut sukriya….

    2007 ELECTION me NAUCHAMI NAREN NE ND TIWARI GO SATTA SE BAHAR FENKA AUR AB 2012 ELECTION M,E AB KATHGA KHAILU NISHANK KO BENAKAAB KAR DEGA

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  • Prakashkukrety says:

    Uttrakhandi jee pranam. Mai tab bhi shrminda tha aur ab bhi sharminda hoon. Har wah aadmi to uttrakhandi hai wah jitna sharminda n.d.tiwari se tha utna hi ab bhi hai

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