कार्यालय में सोते इस पत्रकार को देखिए

हिंदुस्‍तान, लखनऊ में इस समय खबरों पर काम करने के अलावा कुर्सियों पर बैठे-बैठे सो लेने का काम भी जारी है. काम के दौरान किसी कार्यालय में सोना हालांकि उचित नहीं है परन्‍तु एक भागदौड़ करने वाले पत्रकार के काम की अवधि नहीं होती, लिहाजा कार्यालय में सो लेने कोई गुनाह नहीं माना जा सकता, फिर भी इससे अन्‍य काम करने वाले लोगों को परेशानी तो होती ही है. इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता.

हिंदुस्‍तान, लखनऊ के एक पत्रकार ने वहां सोने के माहौल और सोते एक वरिष्‍ठ पत्रकार की फोटो भड़ास के पास भेजी है. यही मेल उन्‍होंने अपने प्रधान संपादक शशि शेखर को भी भेजी है. अब शशि शेखर इस पर क्‍या एक्‍शन लेते हैं ये तो वो ही जाने परन्‍तु भड़ास इसके प्रकाशन का अपना काम कर रहा है. हालांकि पत्र भेजने वाले पत्रकार महोदय ने हिंदुस्‍तान के कई लोगों की खटिया खड़ी करने वाला पोल खोलता लेख भी भेजा था, परन्‍तु पत्रकारों की गरिमा का ख्‍याल रखते हुए उसे प्रकाशित नहीं किया जा रहा है.

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Comments on “कार्यालय में सोते इस पत्रकार को देखिए

  • चंदन सिंह says:

    यशवंत जी, भड़ास को हम पत्रकार मीडिया जगत की हलचलों से बाखबर रहने के लिए पढ़ते हैं…इस तरह की खबरें दिखाकर अपने पोर्टल को हल्का मत बनाइये…अगर एक थके हारे इंसान ने झपकी ले ली तो ऐसा क्या गुनाह कर दिया…ऊपर से आप ये शशि शेखर जी से कार्रवाई की भी बात लिखते हैं…ये सरासर गलत बात है, ये यकीन करना मुश्किल है कि आप सिर्फ हिट्स के लिए ऐसी खबरें छाप रहे हैं…जवाब जानना चाहूंगा…

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  • कुमार सौवीर, लखनऊ says:

    काम तो अपने ही लगाते हैं भैया।
    तिल का ताड़ बना देते हैं अपने लोग।
    मैं तो एक बार बेहद बुखार और टूटन से पीडि़त होकर एक बड़े पत्रकार की प्रतीक्षा में बीएचयू अस्‍पताल की सीढि़यों पर बैठ गया था। मगर आगापीछा सोचे बिना ही उस पत्रकार-शिरोमणि ने मुझे यह कह कर बाद में खारिज कर दिया था कि- सौवीर में तो अब दमखम बचा ही नहीं। बिलकुल थका हुआ है वह तो।
    तो भैया कामधाम की आपाधामी में अगर नींद नहीं पूरी हो पायी हो तो कोई दूसरा तरीका खोज लो।
    अरे सोना ही हो तो, अबकी बार आफिस टॉयलेट के कमोड पर बैठ कर झपकी ले लेना।
    बस यूं ही सलाह है।आजमाया हुआ नुस्‍खा है।

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  • Mulayam maurya, ballia says:

    Birla group k bade banner k patrkar hai to Ab Itna to adhikar hona hi chahie bhai… Nidra Deva k Samman me pair chair par chali hi gai to Sobhana bhartiya & Sasi sekhar ji ko kya aitraj hoga?

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  • yahan to apne hi lage hai.jara gaur yeh bhi kare ki playig card bhi koi khel raha hai. par yeh kisi ko nahi dikha. kyo….

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  • ye photo lene wala ya to bewkoof h ya fir jyada hi samrt banne ki kosis kar raha h,ek banda sote nagar aa raha h,lekin itne log kam karte nagar nahi aa rahe kya,our ho sakta h wo aadmi apni khabar k bare me kya line likhu iski charcha apne man se kar raha h,photo lene k liye or bhi kai mudde h josayad media or media karmiyo k liye kargar sabit ho sakte ho,ok

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  • ashwini sharma says:

    jisne bhi iss tasveer ko liya hai..use yasia nahi karna chahiye…aage wo lakh bar sochen …ek bhai ki badnami yaise karna ethics nahi hai…baki unki marzi…
    ashwini sharma
    journalist,mumbai

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  • यशवंतजी, दो अलग-अलग फोटो में ये महाशय अगल-अलग कपड़ों में सोते नजर आ रहे हैं। मतलब साफ है कि दोनों फोटुएं अगल-
    अलग दिन की हैं। फिर भी कुछ चमचे इनके पक्ष में कमेंट कर रहे हैं। साहब हिन्दुस्तान में इससे भी बड़ी-बड़ी गड़बड़ियां हैं, लेकिन सामने नहीं आ पाती। यशवंतजी आपसे आग्रह है कि हिन्दुस्तान के लखनऊ संस्करण के गड़बड़झाले का जो पत्र आपके पास आया है उसे पूरा प्रकाशित कीजिए ताकि लोगों की आखें खुल सके। प्रबन्धन की भी पोल खुल जाएगी जो मालिकों को गुमराह करने में लगा है। अपने ही साथियों की चोरी उजागर करने वाले ऐसे जागरूक पत्रकारों को सलाम। अल्लाह उन्हें कामयाबी बख्शे।

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  • ab tak police k sone ki khabar aati hai. lejin ab patrakar ki khabar bhi aa rahi hai. bechare so rahe hain. thak gaye honge. isme ye sab karne ki kya jarurat thi.

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