भगवान माने जाने डाक्टरों की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली. टीवी टुड़े ग्रुप चैनल तेज के एसोसिएट ईपी प्रणव रावल के पांच साल का बच्चा डाक्टरों की गलत इलाज के चलते असयम काल के गाल में समा गया. रावल ने अपने पुत्र को तबीयत खराब होने पर इंदिरापुरम, गाजियाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया था. डाक्टरों ने मासूम को टाइफाइड बताकर इलाज शुरू कर दिया, जिससे बच्चे की हालत बिगड़ गई.
इधर, जांच में यह बात सामने आई कि बच्चे को टाइफाइड नहीं बल्कि डेंगू हुआ था. गलत दवाओं के असर बच्चे के कई अंगों पर विपरीत प्रभाव पड़ा जिससे उसकी मौत हो गई. बच्चे की अन्त्येष्टि के दौरान काफी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे. एक मासूम की मौत से सभी लोग आहत थे. इस दुखद सूचना के बाद टीवी टुडे में भी माहौल गमगीन हो गया था. प्रणव रावल की गिनती टीवी टुडे ग्रुप के अच्छे तथा सुलझे पत्रकारों में की जाती है.












कुमार सौवीर, लखनऊ
October 22, 2011 at 9:28 am
बेहद शोकजनक। साथ ही डॉक्टरी के पेशे के लिए शर्मनाक भी।
अब बच्चा तो वापस नहीं आ सकता है, लेकिन हम इतना तो कर ही सकते हैं कि कम से कम दूसरे बच्चे तो इस तरह जबरिया काल के गाल में न समा सकें।
बेहतर होगा कि इसकी शिकायत हो और मामले को संजीदगी के साथ लड़ा जाए, ताकि इस डॉक्टर को सजा दिलाकर दूसरे डॉक्टरों को सबक सिखाया जा सके। वे समझें कि जीवन से खिलवाड़ करने की कीमत उन्हें किस तरह चुकानी पड़ सकती है। इस तरह अगर उन्हें संजीदा बनाया जा सका और दूसरे मासूमों की जिन्दगी बचायी जा सकती है तो मैं समझता हूं कि रावल के बच्चे को यह असली श्रद्धांजलि होगी।
himanshu dixit
June 7, 2012 at 9:08 pm
galat hua