डाक्‍टरों की लापरवाही से पत्रकार के मासूम पुत्र की मौत

भगवान माने जाने डाक्‍टरों की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली. टीवी टुड़े ग्रुप चैनल तेज के एसोसिएट ईपी प्रणव रावल के पांच साल का बच्‍चा डाक्‍टरों की गलत इलाज के चलते  असयम काल के गाल में समा गया. रावल ने अपने पुत्र को तबीयत खराब होने पर इंदिरापुरम, गाजियाबाद के एक अस्‍पताल में भर्ती कराया था. डाक्‍टरों ने मासूम को टाइफाइड बताकर इलाज शुरू कर दिया, जिससे बच्‍चे की हालत बिगड़ गई.

इधर, जांच में यह बात सामने आई कि बच्‍चे को टाइफाइड नहीं बल्कि डेंगू हुआ था. गलत दवाओं के असर बच्‍चे के कई अंगों पर विपरीत प्रभाव पड़ा जिससे उसकी मौत हो गई. बच्‍चे की अन्‍त्‍येष्टि के दौरान काफी संख्‍या में पत्रकार उपस्थित रहे. एक मासूम की मौत से सभी लोग आहत थे. इस दुखद सूचना के बाद टीवी टुडे में भी माहौल गमगीन हो गया था. प्रणव रावल की गिनती टीवी टुडे ग्रुप के अच्‍छे तथा सुलझे पत्रकारों में की जाती है.

टीवी टुडे से सारबोजीत चटर्जी का इस्‍तीफा, निम्‍बस में वीपी बने

टीवी टुडे समूह से सारबोजीत चटर्जी ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर मार्केटिंग और स्‍पेशल प्रोजेक्‍ट्स के चीफ के तौर पर कार्यरत थे. सारबो‍जीत आठ सालों से टीवी टुडे नेटवर्क से जुड़े हुए थे.  वे अब निम्‍बस से जुड़ गए हैं. वे वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर निम्‍बस का हिस्‍सा बने हैं. सारबोजीत के पास टीवी टुडे ग्रुप के आजतक, हेडलाइंस टुडे, तेज, दिल्‍ली आजतक और एफएम रेडियो ओए के मार्केटिंग की जिम्‍मेदारी थी. सारबोजीत को मैनेजमेंट, स्‍पॉसरशिप मार्केटिंग, स्‍ट्रैटेजिक प्‍लानिंग, टाई अप्‍स और एलायंस में विशेषज्ञता हासिल है.

इंकलाब के नार्थ इंडिया हेड बने शकील शम्‍सी, सौरभ हेडलांइस टुडे से जुड़े

सहारा उर्दू चैनल से वरिष्‍ठ पत्रकार शकील शम्‍सी ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर आरई के रूप में काम देख रहे थे. हालांकि उनका पोस्‍ट सीनियर प्रोड्यूसर का था. उन्‍होंने अपनी नई पारी जागरण ग्रुप के अखबार इंकलाब से शुरू की है. उन्‍हें इंकलाब का उत्‍तर भारत हेड बनाया गया है. जागरण ग्रुप और शम्‍सी के बीच काफी समय से इसे लेकर बातचीत चल रही थी, बीच में मामला ठंडा पड़ गया था. बाद में प्रबंधन ने फिर कोशिश करके शम्‍सी को अपने साथ जोड़ लिया. वे दिल्‍ली में ही बैठेंगे.

शकील शम्‍सी ने लगभग तीन दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वो दूरदर्शन में 21 साल सेवा करने के बाद वीआरएस ले लिया था. इसके बाद वे लोकसभा टीवी से जुड़ गए थे. यहां से इस्‍तीफा देने के बाद वे सहारा उर्दू देख रहे थे.

गौरतलब है कि जागरण ने इंकलाब नामक अखबार काफी पहले खरीद चुका है, हालांकि अभी इसका प्रकाशन शुरू नहीं किया गया है. अभी तक इंकलाब मुंबई से प्रकाशित होता था. शम्‍सी के इंकलाब से जुड़ने के बाद संभावना जताई जा रही है कि सहारा उर्दू से कुछ और लोग जागरण समूह के अखबार से जुड़ सकते हैं.

सौरभ चक्रवर्ती ने एनडीटी प्रॉफिट से इस्‍तीफा दे दिया है. वे अब हेडलाइंस टुडे से जुड़ गए हैं. इन्‍हें सीनियर प्रोड्यूसर बनाया गया है. सौरभ ईटीवी, सहारा समय, सीएनबीसी आवाज सहित कई न्‍यूज चैनलों में काम कर चुके हैं.

सिनेमा संपादक मनीष दुबे ने आजतक को अलविदा कहा

मनीषआजतक, मुंबई से सिनेमा संपादक मनीष दुबे ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर आजतक के फिल्‍म डिविजन के हेड थे. आजतक के साथ यह इनकी दूसरी पारी थी. यह पता नहीं चल पाया है कि वे कहां ज्‍वाइन करने वाले हैं, परन्‍तु माना जा रहा है कि वे किसी नए प्रोजेक्‍ट के साथ जुड़ रहे हैं.

आजतक ज्‍वाइन करने से पहले वे स्‍टार न्‍यूज, मुंबई के इंटरटेनमेंट हेड थे. आजतक के साथ यह इनकी दूसरी पारी थी. उसके पहले ये सहारा, मुंबई के चैनल हेड भी रह चुके हैं. सहारा में आने से पहले वे आजतक से सात वर्षों तक जुड़े रहे. वो आजतक की लांचिंग टीम के सदस्‍य रहे हैं. मनीष को सबसे कम उम्र में सिनेमा संपादक बनने का गौरव हासिल है.

मनीष 27 साल की उम्र में ही सिनेमा संपादक बन गए थे. इन्‍होंने सलमान खान और विवेक ओबराय के बीच विवाद, ऐश्‍वर्या की दुर्घटना, सलमान द्वारा सड़क किनारे फुटपाथ पर सोए लोगों पर गाड़ी चढ़ाकर भागने जैसी अनेक खबरें ब्रेक की हैं. देश के बेहतरीन फिल्‍म जर्नलिस्‍टों में मनीष की गिनती की जाती है.

संजय पाठक ने हेडलाइंस टुडे से इस्‍तीफा दिया

संजय पाठकखबर है कि संजय पाठक ने टीवी टुडे ग्रुप के हेडलाइंस टुडे से इस्‍तीफा दे दिया है. वे हेडलाइंस टुडे में एसोसिएट एक्‍जीक्‍यूटिव प्रोड्यूसर थे. वे अपनी नई पारी कहां से शुरू करने वाले हैं इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. पर चर्चा है कि वे किसी दूसरे प्रोजेक्‍ट से जुड़ने वाले हैं. टीवी टुडे ग्रुप के साथ ये उनकी दूसरी पारी थी.

संजय हेडलाइंस टुडे आने से पहले सहारा समय से जुड़े हुए थे. वे वहां कंटेंट एडिटर हुआ करते थे. करीब सात वर्षों तक संजय आजतक में इसके पहले रहे हैं. पाठक तब ‘आजतक’ में रिसर्च और प्लानिंग का काम संभाल रहे थे. आजतक के बाद संजय पाठक ‘समय’ के साथ जुड़े जहां उन्होंने आउटपुट का जिम्मा संभाला था. ‘समय’ की टीआरपी और कार्यप्रणाली को पटरी पर लाने में संजय पाठक का अहम योगदान माना जाता रहा है. संजय पाठक को मीडिया में 17 सालों का अनुभव है और इससे पहले वे कई विभिन्न संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

संजय को साहित्य का शौक है. हिंदी कविता उनकी दीवानगी है. वे आजकल भारतीय चुनाव प्रणाली पर एक किताब भी लिख रहे हैं जो शीघ्र ही आनेवाली है. झारखंड के लातेहार जिले के रहने वाले संजय जैन टीवी, सी वोटर और आंखों देखी में भी काम कर चुके हैं. भावी योजनाओं के बारे में जानने के लिए जब संजय के मोबाइल पर संपर्क किया गया तो वो अनअवलेबल बताता रहा.

आजतक में बंटी इनक्रीमेंट-प्रमोशन की चिट्ठी

: अशोक सिंघल एडिटर व शमशेर डिप्टी एडिटर बने : सेलरी में 5 से 10 फीसदी की वृद्धि : आजतक न्यूज चैनल से सूचना है कि इनक्रीमेंट-प्रमोशन के लेटर जारी किए जा चुके हैं. नेशनल ब्यूरो चीफ अशोक सिंघल का पद अब एडिटर का हो गया है.

वे अभी तक डिप्टी एडिटर हुआ करते थे. माना जा रहा था कि टामियों की लिस्ट में आजतक के नंबर दो पर आ जाने की गाज अशोक सिंघल पर भी गिरेगी लेकिन उन्हें प्रमोशन देकर प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि अशोक पर कोई कार्रवाई नहीं होगी. हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि कई बार प्रमोशन देकर काम बदल दिया जाता है. टीवी टुडे ग्रुप में इनक्रीमेंट करीब 5 से 10 फीसदी के बीच हुआ है. तरक्की कम ही लोगों को मिली है. शमशेर को डिप्टी एडिटर बनाए जाने की सूचना है. टीवी टुडे के सभी मीडियाकर्मियों को प्रमोशन-इनक्रीमेंट की जानकारी मेल के जरिए दे दी गई है. इनक्रीमेंट कम होने से मायूसी तो है लेकिन बढ़ी हुई सेलरी अप्रैल से मिलने के कारण सभी को छह माह का एरियर मिलेगा. ज्ञात हो कि टीवी टुडे ग्रुप ने भी अपने यहां कथित मंदी के कारण इनक्रीमेंट व प्रमोशन रोक रखा था.