देवरिया में हिन्दुस्तान और हॉकरों की मुश्किल कम नहीं हो रही है. हिन्दुस्तान के सर्वेयरों के साथ ग्राहकों की बुकिंग कराने वाले हॉकर परेशान हैं. यहां हिन्दुस्तान का उठान अब भी प्रभावित है. हॉकर अखबार नहीं उठा रहे हैं. सिर्फ लखनऊ से आने वाली कॉपियां ही बंट रही हैं. हॉकरों को पचीस रूपया का तात्कालिक लाभ उन्हें परेशानी में डाल दिया है.
हिन्दुस्तान के गोरखपुर यूनिट लांच होने से पहले अखबार के सर्वेयरों ने हॉकरों को विश्वास में लेकर देवरिया में ग्राहकों की बुकिंग कराई थी. बुकिंग के समय पाठकों से 120 रुपये लिए गए. ग्राहकों को बताया गया कि बुकिंग के इस रूपये से उन्हें बारह डिस्काउंट कूपन दिए जाएंगे. जिसमें पत्येक का मूल्य दस रुपये होगा. ग्राहकों को अखबार साठ रुपये महीने में मिलेगा. प्रत्येक महीने दस रुपये के इस डिसकाउंट कूपन को वापस करने पर उन्हें अखबार के लिए केवल पचास रुपये ही देने पड़ेंगे. अखबार ग्राहकों को सातवें महीने में नान स्टिक कड़ाही भी देगा. इसके बाद ईनामी कूपन भी दिया जाएगा. इस योजना के तहत बुकिंग कराने वाले हॉकरों को अखबार की तरफ से 25 रुपये दिए गए. इन रुपयों के चलते हॉकरों ने जमकर अखबार की बुकिंग करवाई.
मामला में पेंच यह फंस गया है कि अब हिन्दुस्तान प्रबंधन बुकिंग करा चुके ग्राहकों से पचास की जगह अस्सी रूपये वसूलने को कह रहा है. हॉकर परेशान हैं. पाठक भी अखबार नहीं आने के बारे में लगातार उनसे पूछताछ कर रहे हैं. स्कीम बदले जाने की जानकारी देने के बाद ज्यादातर ग्राहक हॉकरों से अपने एक सौ बीस रुपये वापस कराने की बात कह रहे हैं. हॉकर परेशान हैं कहां से उनके पैसे वापस कराए. कई ग्राहक तो पैसे वापस न होने तक दूसरे अखबारों के बिल भी रोक लिए हैं. परेशान हॉकर अब पम्पलेट और हैंडबिल के सहारे लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं. अब देखना है कि हिन्दुस्तान प्रबंधन और हॉकरों के बीच की यह टशन कब तक जारी रहती है.











