दैनिक भास्‍कर ने रांचीवासियों से झूठ बोला था

13 अक्तूबर को दैनिक भास्कर ने अपने अखबार में पाठकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा था कि वह रांची का सबसे बड़ा अखबार है. शहर में इस आशय के होर्डिंग भी लगाये गये थे. इसके पूर्व दैनिक भास्कर ने एक परचा बंटवाया था, जिसमें रांची का नंबर वन अखबार होने का दावा किया गया था.

वह नंबर वन कैसे हैं, इस  सूचना में किसी  स्रोत के बारे में नहीं बताया गया था. प्रभात खबर ने इस बारे में एडवरटाइजिंग काउंसिल ऑफ़ इंडिया (एएससीआइ) के पास शिकायत की थी. एएससीआइ ने प्रभात खबर को लिखित जवाब देकर कहा कि कंज्यूमर कंप्लेन काउंसिल (सीसीसी) ने इस शिकायत पर चर्चा की और शिकायत को सही पाया और कहा कि  यह एएससीआइ के चैप्टर 1.1 का उल्लंघन है.

सीसीसी इस निर्णय पर पहुंची है कि रांची का सबसे बड़ा अखबार होने का दावा किसी मार्केट रिसर्च संस्थान के सर्वे  के आधार पर नहीं किया गया. एएससीआई ने विज्ञापन प्रकाशित करनेवाले अखबार को इस विज्ञापन में संशोधन के लिए कहा है. साभार : प्रभात खबर

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Comments on “दैनिक भास्‍कर ने रांचीवासियों से झूठ बोला था

  • Dinesh k Mishra says:

    I want to know the figures, how Dainik Bhaskar in no.1 news paper in Jharkhand. These things are not good for any media house like Bhaskar. This is not a bhaji market where any person can claim what they want. We have research agencies which give the figures. ASCI should ask to Bhaskar on what basis they are no.1. Bhaskar should apologies for it. People have trust on news papers. I have question on Bhaskar journalism. Now question will arise about the news printed in the Bhaskar are they true? Bhaskar should answer it.

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  • madan kumar tiwary says:

    मुर्ख हैं दैनिक भास्कर वाले । पहले एक सर्वे कंपनी से एग्रीमेंट कर लेना चाहिये था , और खुद हीं कुछ दिन १०-५ हजार अखबार खरीद लेना चाहिये था । दावा सही हो जाता ।

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