दो बड़े अखबारों के चाट को प्रशासन ने खराब किया!

ग्वालियर से प्रकाशित समाचार पत्रों में से कुछ प्रमुख समाचार पत्रों के नगर निगम देख रहे संवाददाताओं ने अपना कॉकस बना रखा है। यह कॉकस निगम की खबरें एक साथ अपने-अपने समाचार पत्र में लगाकर निगम अधिकारियों से लेकर महापौर, सभापति व पार्षदों पर दबाव बनाकर पिछले कुछ सालों से अपने स्वार्थों की पूर्ति कर रहे हैं।

ऐसा ही कुछ पिछले दिनों हुआ, जब शहर के हृदय स्थल महाराज बाड़ा और सराफा बाजार में नाइट चाट बाजार लगाने को लेकर दो बड़े अखबारों ने एक साथ मुहिम शुरू की, लेकिन मझोले अखबारों ने सराफा बाजार के निवासियों एवं दुकानदारों के दर्द को समझा और उसको अपने समाचार पत्र में स्थान दिया। तत्पश्चात प्रशासन के दबाव से भयभीत दुकानदारों ने कुछ जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेकर अपनी आवाज बुलंद की।

नतीजा यह रहा कि प्रशासन ने सराफा बाजार के दुकानदारों और निवासियों की बात को गंभीरता से सुना एवं महाराज बाड़ा व सराफा बाजार में नाइट चाट बाजार लगाने से तौबा कर ली गई। इस समूचे घटनाक्रम में नाइट चाट बाजार को लेकर मुहिम चला रहे अखबारों की किरकिरी हुई है। इसको लेकर एक स्थानीय समाचार पत्र ने सम्पादकीय में आईना भी दिखाया है।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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