नए लांच हुए न्यूज चैनल जीएनएन न्यूज से कई बुरी खबरें हैं. इस चैनल की भव्य लांचिंग पिछले दिनों दिल्ली के एक बड़े होटल में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में समारोहपूर्वक किया गया. जीएनएन न्यूज की लांचिंग के करीब महीने भर बाद अब खबर आ रही है कि चैनल ने जो बड़े बड़े दावे किए थे, उस पर वह खरा नहीं उतरा है. और यह भी कि यह न्यूज चैनल दूसरे कई घटिया न्यूज चैनलों की कैटगरी में आ चुका है जहां काम का माहौल बिलकुल नहीं है.
धंधेबाजों की लंबी-चौड़ी फौज इकट्ठी हो चुकी है. इनके सरगना हैं सीईओ राघवेश अस्थाना. सब लोग अपनी ढपली अपना राग बजाने-अलापने में व्यस्त हैं. इस मनमानी से झेल रहा है चैनल. प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा है इसलिए न्यूज चैनल का संचालन भगवान भरोसे हो चुका है और चैनल की आड़ में कई दुकानें चलने लगी हैं.
इस चैनल में लांचिंग से पहले ही दो-तीन चैनल हेड हटाए जा चुके हैं. और अंततः चैनल पर कब्जा नान-एडिटोरियल वाले व्यक्ति राघवेश अस्थाना ने किया. उन्होंने कई चैनलों से घपले-घोटाले व अनियमितताओं के आरोपों में निकाले गए लोगों को रखा और शुरू कर दिया अपने नेतृत्व में चैनल के नाम पर निजी दुकानदारी चलाने का खेल. कंटेंट के ठीकठाक लोगों के वरिष्ठ पदों पर न होने, कोई चैनल हेड न होने का असर चैनल पर खूब दिख रहा है.
लांचिंग समारोह में जिस तरह से भोंडा प्रदर्शन किया गया, जिस तरह से टुटपूंजिए नेताओं के आगे चैनल का प्रबंधन झुका रहा, जिस लाउड तरीके से चैनल के बारे में बताया गया… वह सब समारोह में मौजूद लोगों को काफी अखरा और तभी लोगों ने यह मान लिया था कि ये चैनल सिर्फ बातें कर रहा है, इसका हश्र वही होगा जो बाकी चैनलों का हुआ है. समारोह में जो विनम्रता और शिष्टता होनी चाहिए, वह कहीं नहीं दिखा. ऐसा ही हाल चैनल का भी है. कोई प्लानिंग न होने के कारण चैनल का कोई स्तर, तेवर आजतक डिफाइन नहीं हो सका है.
ताजी सूचना ये है कि चैनल के ज्यादातर स्टाफ को सेलरी नहीं मिली है. जून महीने की सेलरी जुलाई का आखिरी सप्ताह आने तक भी न मिलने से लोग अंदाजा लगाने लगे हैं कि मैनेजमेंट चैनल को लेकर सीरियस नहीं है और जिस तरह से चैनल को नान-न्यूज के लोगों के हाथों में सौंपा गया है उससे दिन प्रतिदिन चैनल गर्त में गिरता जा रहा है. अब देखना है कि यह चैनल कब किसी प्रोफेशनल न्यूज वाले बंदे के हाथ में आकर उद्धार की तरफ बढ़ता है या फिर यूं ही अपनी धीमी मौत को प्राप्त होता है.
इस न्यूज चैनल में काम करने वाले कई ठीकठाक लोग माहौल से नाखुश होकर चैनल से विदा लेने की तैयारी कर रहे हैं, कुछ लोगों ने तो चैनल छोड़ भी दिया है. इन लोगों का कहना है कि इस चैनल में अराजकता की स्थिति है. कंटेंट पर कोई डिसीजन लेने वाला नहीं है. जो कुछ आता है, सब परोस दिया जाता है. जीएनएन में सेलरी संकट और अराजकता के बारे में बात करने के लिए भड़ास4मीडिया की तरफ से जब चैनल के सीईओ राघवेश अस्थाना को फोन किया गया तो उन्होंने फोन पिक नहीं किया.
((कुछ पत्रकारों द्वारा भेजे गए पत्र, फोन से बताई गई बातों व अन्य लोगों से लिए गए इनपुट पर आधारित))












पुष्पेन्द्र सिह राजावत गोल्ड सूख न्यूज
July 23, 2011 at 1:09 pm
इन दुकानदारों के चक्कर में बेचारे पत्रकार मारे जाते है इनको तो बाजार में नंगा करके मारों
ajay singh
July 23, 2011 at 1:36 pm
सही कह रहे हो गुरु २० हजार की id दे रहा हैं और ३०० रुपीस खबर के दे रहा हैं और महीने में केवल ५ खबर लगाएगा और फिर करवाएगा दलाली और फिर बदनाम होंगे दबंग की मुन्नी की तरह gnn के पत्रकार / दलाली में एक और नया नाम जुड़ जाएगा फिर भड़ास पर खबर छपेगी की gnn के पत्रकार ने करी दलाली अब बाताओ इसमें stringer का क्या दोष महंगाई चरम सीमा पर हैं पेट्रोल ७० हो गया हैं बेचारा क्या घर से लगाकर पत्रकारिता करेगा
rajnish
July 23, 2011 at 1:47 pm
yashwant jee lagta hai aapki dukandari yeha nahi chal pai….GNN mein sab sukhi hai or abb aap jaise tutpunjiye bhadasion kee koch nahi chalney waali..blackmailing ke dhandhe se to achha hai aap katori le kar sadak par aa jayen to jyada samman se paisa milega
mediawatcher
July 23, 2011 at 2:17 pm
ye sirf ek channel ka nahi balki ek aur naye channel ka haal hai….naam hai JANTA TV. yahan ki kahani aisi hi hai..infact iss se bhi badtar….malik khud ko sabse samjhdar samjhta hai…journalism ka j bhi nahi aata hai use bt phir bhi channel head bana hua hai….channel par kuch bhi chalta hai…kaisi bhi ghatiya khabr ho sab chalti hai…..journalism ka tamasha dekhna ho to channel khol kar dekh lo..agar channel aata ho to….
rachit kathil
July 23, 2011 at 2:31 pm
EN GHOTALE BAJO KE STH ME KAM KARKE HAM JISE PATRKARO KI NUKRI KAHTRE ME AJATIO HAI…
Khoji patrakaar
July 23, 2011 at 6:03 pm
matra is channel ki ye halaat nahi hai…bahut se aise channels hai jinme salary nahi di ja rahi or patrakaaro ka khula aarthik shoshan kiya ja raha hai….
KK
July 24, 2011 at 10:10 am
चैनल चले न चले सीईओ साहब बहुत खुश है…… चैनल के पास दारू की दूकान जो है……. बस एक बन्दे की तलाश रहती है जो साथ में पी सके और पिला सके…….. शाम होते ही चैनल में बोतले आने लगती है …. GNN या PNN …………………..
KK
July 24, 2011 at 10:26 am
यशवंत जी सही बात करेंगे तो ,………
चाटुकार चुप तो रहेंगे नहीं….
कौन बताये पत्रकारिता चापलूसी से नहीं होती …
कितने दिन यशवंत को झूठा कहोगे चापलूसों…..
…… लोग ……… क्या क्या ……… करते है ….
rekha
July 25, 2011 at 2:53 am
ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha yahi hona tha…..mai bhi gai thi JANTA TV waha ke khel to JANTA hi jane….GNN ha ha ha ha ha ha ha ASTHANA G yaad hai ra rekha ko bhool gaye…..ghatia aadmi….
Rohit
July 25, 2011 at 2:26 pm
bhaiya, maine to channel ke launch hote hi keh diya tha ki ya to is channel ki umra 6 mahine se zyada nahi hai aur ya fir iske maujooda prabandhan ki umra 3 mahine se zyada nahi hai…. ye asthana, himanshu aur mehroof ki teen bandaron ki team jitne din
GNN me rahegi. Channel ka uddhaar sambhav nahi hai
jasvinder singh sabharwal
July 27, 2011 at 4:59 pm
EVERY PERSON……..OPEN AS INDIA LAW……….TO RIGHT……..BUT I REQUEST TO ALL VIEWERS…………….WITHIN ONE YEAR THIS NEWS CHANNEL ON TOP…………I PROMISE……………….
anonymous
August 4, 2011 at 5:59 pm
yah channel kiya khak chalega, launch hote huye mushkil se 1 mahina hi hua hoga, but avi se politics full swing main hain. kaam chor politics shuru.