जीएनएन न्‍यूज से शिखा एवं स्‍वयंका का इस्‍तीफा

जीएनएन न्‍यूज से खबर है कि शिखा सिंह ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर एंकर थीं. उन्‍होंने अपनी नई पारी यूपी न्‍यूज के साथ शुरू की है. बताया जा रहा है कि वो जीएनएन न्‍यूज के माहौल में खुद को फिट नहीं कर पा रही थीं. वे महुआ से इस्‍तीफा देकर जीएनएन न्‍यूज पहुंची थीं. वे इसके पहले भी कुछ चैनलों में काम कर चुकी हैं. उन्‍हें यूपी न्‍यूज में भी एंकर बनाया गया है.

जीएनएन से स्‍वयंका सिंह ने भी इस्‍तीफा दे दिया है. वे भी यहां पर एंकर थीं. स्‍वयंका यूएनआई टीवी से इस्‍तीफा देकर जीएनएन से जुड़ी थीं. बताया जा रहा है कि वो अपनी नई पारी खबर भारती के साथ शुरू करने वाली हैं. इसके पहले वे आजाद न्‍यूज एवं इंडिया न्‍यूज चैनलों से भी जुड़ी रही हैं.

जीएनएन के स्ट्रिंगर्स की दशहरा सूनी, दीवाली काली

चिटफंडियों के मीडिया मार्केट में उतर आने के बाद से पत्रकारों और पत्रकारिता का हाल बुरा हो गया है. शुरुआत में तो ये कंपनियां तमाम लुभावन वादा करके अच्‍छे संस्‍थानों, अच्‍छी जगहों पर काम करने वाले पत्रकारों को अपने साथ जोड़ लेती हैं, फिर कुछ महीने बाद जब उल्‍टे-सीधे कामों में मीडिया हाउस खोलने का कोई रिस्‍पांस नहीं मिलता है तो फिर शुरू हो जाता है सेलरी न देने का खेल. ऐसा ही हाल जीएनएन न्‍यूज का है. जीएनएन से जुड़े स्ट्रिंगगरों का दशहरा तो सूना बीता ही अब लग रहा है उनकी दीवाली भी काली हो जाएगी.

अपने लांचिंग के पहले से ही यह न्‍यूज चैनल दुनिया जहान की खबरों की बजाय अपने खबरों के लिए ही काफी चर्चित हो चुका है. भड़ास को भेजे गए मेल में इस न्‍यूज चैनल के छत्‍तीसगढ़ के स्ट्रिंगर ने सूचना दी है कि उन लोगों का तीन महीने का बकाया कंपनी नहीं दे रही है. जून में इस चैनल की लांचिंग हुई थी. तभी से स्ट्रिंगरों का बकाया नहीं दिया गया है. जब भड़ास की तरफ से छानबीन की गई तो इस चैनल से जुड़े ज्‍यादातर स्ट्रिंगरों ने यही बताया कि कंपनी पैसे नहीं बल्कि आश्‍वासन दे रही है, जिनके लिंक सीनियरों से ठीक हैं उनको तो कुछ मिल जाता है, पर जिनका कोई माई-बाप इस चैनल में नहीं है वो अपना मेहनताना पाने के लिए तरस रहे हैं.

जीएनएन न्‍यूज के हेड ऑफिस में भी अंदरूनी घमासान मचा हुआ है. यहां भी सेलरी लेट-लतीफ मिल रही है. अगस्‍त महीने की सेलरी 28 सितम्‍बर को मिली है, जबकि सितम्‍बर की सेलरी अब तक नहीं आई है. सीनियर लोग की आपसी पॉलिटिक्‍स में जूनियर पिस रहे हैं. कई जूनियर पहली नौकरी होने के बावजूद यहां काम से इस्‍तीफा देने में ही भलाई समझी, जिन जूनियरों ने इस्‍तीफा दिया है उनमें रोहित कुमार, सिद्धार्थ यादव, विपुल समेत कई अन्‍य शामिल हैं. न्‍यूज रूम का माहौल जूनियरों के काम करने लायक नहीं रह गया है. खबर है कि पिछले एक सप्‍ताह में एंकर शिखा सिंह एवं स्‍वयंका सिंह ने भी इस्‍तीफा दे दिया है. सूत्रों का कहना है कि माहौल से तंग कुछ और लोग जल्‍द ही इस्‍तीफा दे सकते हैं.

सेलरी के संबंध में जब हेड अमिताभ भट्टाचार्य से बात की गई तो उन्‍होंने कहा कि ऐसी बात नहीं है. यह सूचना गलत है. सभी स्ट्रिंगरों को उनकी सेलरी भेजी जा रही है. दीपावली का गिफ्ट भी भेजा जा रहा है. सब कुछ ठीकठाक चल रहा है. कहीं कोई दिक्‍कत नहीं है.

चिटफंडिये भागने लगे मीडिया से? जीएनएन में सेलरी संकट

: सीवीबी में भी सेलरी का इंतजार : पैसा कमाने के लिए मीडिया में घुस आए चिटफंडिये अब भागने लगे हैं. मध्‍य प्रदेश समेत कई प्रदेशों में चिटफंडियों पर कार्रवाई के बाद उनका मीडिया में घुसने का भूत उतरने लगा है. चिटफंडियों के पैसों से चलने वाले चैनलों की हालत भी खराब हो गई है. कर्मचारियों को सेलरी संकट से जूझना पड़ रहा है. सीवीबी (सी वोटर ब्राडकास्‍ट) में चिटफंडिया पार्टनर के निकल जाने के बाद कर्मचारियों की सेलरी लटकी पड़ी है. चिटफंडियों के चैनल जीएनएन में भी सेलरी संकट शुरू हो गई है.

सीवीबी न्‍यूज में पिछले तीन महीने से हालात खराब हैं. तमाम लोगों को निकाल बाहर किए जाने के बाद भी सेलरी संकट खतम नहीं हुआ है. पिछले दो महीने से यहां के कर्मचारियों को सेलरी नहीं मिली है. तीसरा महीना भी पूरा होने वाला है. सीवीबी के चिटफंडिये पार्टनर ने अपना हिस्‍सा समेट लिया और यशवंत देशमुख को अकेला छोड़कर नौ-दो ग्‍यारह हो गया. यूएनआई टीवी से करार खतम होने के बाद सीवीबी न्‍यूज को लांच करने की योजना दूसरे पार्टनर पुरुषोत्‍तम अग्रवाल के हाथ खींच लेने के बाद मुश्किल में पड़ गई है. इंटर्नों के सहारे किसी तरह काम चलाया जा रहा है.

एक और चिटफंड कंपनी के चैनल जीएनएन न्‍यूज में भी सेलरी संकट शुरू हो गया है. पिछले महीने की सेलरी अब तक कर्मचारियों को नहीं दी गई है. चिटफंडियों पर कार्रवाई के बाद से चैनल के दुर्दिन शुरू हो गए हैं. कई हेड बदलने वाला यह चैनल काम से ज्‍यादा विवादों के चलते सुर्खियों में रहता आया है. पिछले दिनों दर्जनों कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया गया था. अब भी कई कर्मचारियों को निकालने की तैयारी की जा चुकी है. बावजूद इसके सेलरी संकट हल नहीं हुआ है. प्रबंधन कर्मचारियों के सामने कुछ भी स्‍पष्‍ट नहीं कर रहा है कि कब तक सेलरी आएगी या नहीं आएगी.

जीएनएन के भीतर के हालात से यहां काम करने वाले लोग काफी परेशान हैं. सीनियर पदों पर काम करने वाले कुछ दूसरे चैनलों में भी नौकरी तलाश रहे हैं. परेशानी में जूनियर स्‍तर के पत्रकार एवं कर्मचारी हैं. छोटी सेलरी उपर से मा‍नसिक दबाव के चलते वे यहां खुद को असहज पा रहे हैं. खबर है कि जूनियर स्‍तर पर काम करने वालों की साप्‍ताहिक छुट्टियां भी रोक ली जा रही हैं, जो छुट्टी लेने की बात कर रहे हैं उन्‍हें नौकरी से निकाले जाने की धमकी भी दी जा रही है. पहले काम का दबाव दूसरे सेलरी का संकट जीएनएन के पत्रकारों को मुश्किल में डाल रखा है.

अमिताभ भट्टाचार्य फिर बने जीएनएन के चैनल हेड

जीएनएन न्यूज से खबर है कि अमिताभ भट्टाचार्य फिर से चैनल हेड बन गए है. जल्‍द ही वे अपनी जिम्‍मेदारी संभाल लेंगे. पिछले तीन-चार दिनों की माथापच्‍ची के बाद प्रबंधन ने दुबारा अमिताभ भट्टाचार्य को चैनल की कमान सौंप दी है. अमिताभ वरिष्‍ठ पत्रकार हैं तथा पिछले तीस वर्षों से मीडिया इंडस्‍ट्री में हैं. जीएनएन से पहलने वे कोलाकाता के आर प्‍लस चैनल में वरिष्‍ठ पद पर कार्यरत थे. वे एसवन चैनल के साथ भी कार्य कर चुके हैं.

उल्‍लेखनीय है कि अमिताभ भट्टाचार्य जीएनएन के पहले चैनल हेड थे. इनको ही चैनल की लांचिंग की जिम्‍मेदारी सौंपी गई थी. परन्‍तु बीच में युवा पुत्र की असमय मौत के चलते इन्‍होंने जीएनएन से इस्‍तीफा दे दिया था. इनके जाने के बाद ही राघवेश अस्‍थाना की सीईओ के रूप में नियुक्ति हुई थी. इसके बाद शिव कुमार राय को चैनल हेड बनाकर लाया गया था. शिव कुमार राय को भी तीन महीने के अल्‍पकाल में ही चैनल छोड़कर जाना पड़ा, उसके बाद सीईओ राघवेश अस्‍थाना भी चैनल से विदा हो गए. जिसके बाद प्रबंधन ने अपने पुराने साथी अमिताभ भट्टाचार्य को फिर से हेड के रूप में एप्‍वाइंट कर लिया है. इस संदर्भ में पूछे जाने पर अमिताभ भट्टाचार्य ने चैनल हेड के रूप में जुड़ने की पुष्टि की.

जीएनएन से प्रोडक्‍शन हेड धीरज त्रिखा का इस्‍तीफा, राघवेंद्र मुगदल नहीं आ रहे ऑफिस

: अपडेट : जीएनएन न्‍यूज में अब भी सब कुछ स्थिर नहीं हुआ है. खबर है कि प्रोडक्‍शन हेड के पद पर कार्यरत धीरज त्रिखा ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे शिव कुमार राय के समय में पी7 के पीसीआर हेड के पद से इस्‍तीफा देकर जीएनएन न्‍यूज से जुड़े थे. धीरज ने अपना इस्‍तीफा प्रबंधन को सौंप दिया है. खबर है कि जीएनएन का क्राइम शो देखने वाले राघवेंद्र मुगदल भी संस्‍थान में दो दिनों से नहीं आ रहे हैं.

धीरज पी7 से पहले जी स्‍पोर्टस से कई सालों तक जुड़े रहे. वे अपनी नई पारी कहां से शुरू करेंगे इसकी जानकारी नहीं हो पाई है. दूसरी तरफ सूत्रों ने बताया कि राघवेश अस्‍थाना एंड कंपनी के जाने के बाद तीन दिनों तक जीएनएन का क्राइम शो नहीं चला. इस शो में एंकरिंग करने वाले राघवेंद्र मुगदल भी तीन-चार दिनों से ऑफिस नहीं आ रहे हैं. कल इस शो की एंकरिंग धीरज कुमार ने की. इस संबंध में जब राघवेंद्र मुगदल से वास्‍तविकता जानने के लिए फोन किया गया तो उन्‍हों ने कहा कि एक स्‍कूटर सवार ने मुझे धक्‍का मार दिया था, जिसकी वह से मुझे चोटें आई हैं. गिर जाने के चलते आंख के ऊपर भी चोट लगी है. आंखों में सूजन है. जिसकी वजह से मैं आफिस नहीं जा पा रहा था. इस्‍तीफा देने जैसी कोई बात नहीं हैं. मैं अब भी संस्‍थान से जुड़ा हुआ हूं. फिर आप उसी तेवर के साथ इस शो को देखेंगे.

जीएनएन न्यूज से तीन और के इस्तीफा देने की चर्चा

: अपडेट : जीएनएन न्यूज के सीईओ राघवेश अस्थाना और उनके करीबी तीन वरिष्ठों के इस्तीफे के बाद कई अन्य पत्रकारों के भी इस्तीफे की चर्चा है. अभी-अभी मिली अपुष्ट सूचना के अनुसार अभिजीत सिन्हा (एसोसिएट प्रोड्यूसर इनपुट), नितिन श्रीवास्तव (इनपुट हेड) और कुमार संभव (प्रोड्यूसर इनपुट) ने भी इस्तीफा दे दिया है. बताया जा रहा है कि पांच अन्य लोग भी हैं जिन्होंने इस्तीफा दिया है पर इनके नाम व पद का पता नहीं चल सका है.

सूत्रों के मुताबिक वे लोग जो राघवेश अस्थाना के बेहद करीबी थे, उनके जाने के बाद इस्तीफा दे रहे हैं. इस्तीफा देने वाले एक पत्रकार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सेलरी संकट और छंटनी के दबाव से आजिज आकर सीईओ पद से राघवेश अस्थाना ने इस्तीफा दिया है और उनके समर्थन में करीब दर्जन भर लोगों ने संस्थान को बाय बाय बोला है. राघवेश अस्थाना के साथ एसोसिएट एडिटर वीएन झा, आउटपुट हेड मधुकांत श्रोतिया और प्रोग्रामिंग हेड श्रीनिवास ने इस्तीफा दिया. अब तीन और लोगों अभिजीत सिन्हा, नितिन श्रीवास्तव और कुमार संभव के इस्तीफे की खबर आई है. इस तरह इस्तीफा देने वालों की संख्या सात हो चुकी है.

राघवेश खेमे के लोगों का कहना है कि पांच अन्य लोगों ने भी इस्तीफा दिया है पर उनके नाम पता नहीं चले हैं. उधर, चैनल के ही कुछ लोगों का नाम न छापने की शर्त पर कहना है कि राघवेश अस्थाना जीएनएन न्यूज को सही दिशा में नहीं ले जा सके और ओवरस्टाफिंग करके प्रबंधन के निर्देशों का उल्लंघन किया. इसका खामियाजा उन्हें खुद भुगतना पड़ा है. साथ ही, चैनल में आंतरिक राजनीति चरम पर हो जाने और चैनल के दिशाहीन व अराजक हो जाने के कारण प्रबंधन को राघवेश के खिलाफ कार्रवाई को मजबूर होना पड़ा.

ताजी स्थिति : चैनल की तरफ से बताया गया है कि अभी सिवाय दो लोगों के, किसी का भी इस्तीफा नहीं हुआ है. सीईओ राघवेश अस्थाना किसी वजह से आफिस से चले गए जिसके बाद अफवाह उड़ गई कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है. ऐसी कोई बात नहीं है. प्रबंधन राघवेश अस्थाना से संपर्क में है और यथाशीघ्र सारी स्थितियों का हल निकाल लिया जाएगा. चैनल से जिन जिन लोगों के जाने की बात कही जा रही है, उनमें से दो को छोड़कर बाकी किसी का इस्तीफा एचआर के पास नहीं पहुंचा है.

जीएनएन न्यूज में बड़ा उलटफेर, सीईओ राघवेश अस्थाना समेत चार गए?

: अपडेट : जीएनएन न्यूज चैनल में उठापटक का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजी सूचना ये है कि सीईओ राघवेश अस्थाना को यहां से जाना पड़ा है. उनके साथ वीएन झा एसोसिएट एडिटर, आउटपुट हेड मधुकांत श्रोतिया और प्रोग्रामिंग हेड श्रीनिवास भी कार्यमुक्त हुए हैं. सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन ने चैनल के पटरी पर न आने के कारण सीईओ व अन्य वरिष्ठों पर दबाव बनाया जिसके कारण इन लोगों को इस्तीफा देना पड़ा.

दूसरी तरफ इस्तीफा दे चुके लोगों का कहना है कि वे प्रबंधन की नीतियों से नाराज होकर और ढेर सारे कर्मियों को सेलरी न मिलने के विरोध में चैनल छोड़ दिया. बताया जा रहा है कि आज पूरे दिन जीएनएन न्यूज चैनल के आफिस में सरगर्मी बनी रही. जिन्हें सेलरी नहीं मिली है, वे परेशान रहे. कई लोग छंटनी की आशंका से त्रस्त थे. प्रबंधन ने जरूरत से ज्यादा लोगों को भर्ती कर लिए जाने के कारण राघवेश अस्थाना पर दबाव बना रखा था. आखिरकार बीच का कोई रास्ता नहीं निकल सका और प्रबंधन का इशारा होने के बाद राघवेश अस्थाना, वीएन झा, मधुकांत श्रोतिया और श्रीनिवास को इस्तीफा दे देना पड़ा.

भड़ास4मीडिया से बातचीत में श्रीनिवास ने इस्तीफे की पुष्टि की. श्रीनिवास के मुताबिक चैनल के ढेर सारे लोगों को सेलरी नहीं दी गई, और प्रबंधन सेलरी देने के मूड में भी नहीं दिखा, इसी के विरोध में सीईओ समेत चार वरिष्ठ लोगों ने इस्तीफा दिया. अभी यह पता नहीं चल सका है कि चैनल का कामधाम अब कौन देखेगा. चार लोगों के इस्तीफा देने से जीएनएन न्यूज चैनल में सीईओ, प्रोग्रामिंग हेड, आउटपुट हेड, एसोसिएट एडिटर के चार पद एक झटके में खाली हो गए हैं. यह पहला मौका नहीं है जब जीएनएन न्यूज चैनल में उठापटक हुआ है. इससे पहले भी दो संपादकों अमिताभ भट्टाचार्या और शिव कुमार राय को इस्तीफा देना पड़ा था. तब चैनल लांच भी नहीं हुआ था.

ताजी स्थिति : चैनल की तरफ से बताया गया है कि अभी सिवाय दो लोगों के, किसी का भी इस्तीफा नहीं हुआ है. सीईओ राघवेश अस्थाना किसी वजह से आफिस से चले गए जिसके बाद अफवाह उड़ गई कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है. ऐसी कोई बात नहीं है. प्रबंधन राघवेश अस्थाना से संपर्क में है और यथाशीघ्र सारी स्थितियों का हल निकाल लिया जाएगा. चैनल से जिन जिन लोगों के जाने की बात कही जा रही है, उनमें से दो को छोड़कर बाकी किसी का इस्तीफा एचआर के पास नहीं पहुंचा है.

नए लांच हुए चैनल ”जीएनएन न्यूज” में खींचतान तेज, सेलरी लटकी

नए लांच हुए न्यूज चैनल जीएनएन न्यूज से कई बुरी खबरें हैं. इस चैनल की भव्य लांचिंग पिछले दिनों दिल्ली के एक बड़े होटल में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में समारोहपूर्वक किया गया. जीएनएन न्यूज की लांचिंग के करीब महीने भर बाद अब खबर आ रही है कि चैनल ने जो बड़े बड़े दावे किए थे, उस पर वह खरा नहीं उतरा है. और यह भी कि यह न्यूज चैनल दूसरे कई घटिया न्यूज चैनलों की कैटगरी में आ चुका है जहां काम का माहौल बिलकुल नहीं है.

धंधेबाजों की लंबी-चौड़ी फौज इकट्ठी हो चुकी है. इनके सरगना हैं सीईओ राघवेश अस्थाना. सब लोग अपनी ढपली अपना राग बजाने-अलापने में व्यस्त हैं. इस मनमानी से झेल रहा है चैनल. प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहा है इसलिए न्यूज चैनल का संचालन भगवान भरोसे हो चुका है और चैनल की आड़ में कई दुकानें चलने लगी हैं.

इस चैनल में लांचिंग से पहले ही दो-तीन चैनल हेड हटाए जा चुके हैं. और अंततः चैनल पर कब्जा नान-एडिटोरियल वाले व्यक्ति राघवेश अस्थाना ने किया. उन्होंने कई चैनलों से घपले-घोटाले व अनियमितताओं के आरोपों में निकाले गए लोगों को रखा और शुरू कर दिया अपने नेतृत्व में चैनल के नाम पर निजी दुकानदारी चलाने का खेल. कंटेंट के ठीकठाक लोगों के वरिष्ठ पदों पर न होने, कोई चैनल हेड न होने का असर चैनल पर खूब दिख रहा है.

लांचिंग समारोह में जिस तरह से भोंडा प्रदर्शन किया गया, जिस तरह से टुटपूंजिए नेताओं के आगे चैनल का प्रबंधन झुका रहा, जिस लाउड तरीके से चैनल के बारे में बताया गया… वह सब समारोह में मौजूद लोगों को काफी अखरा और तभी लोगों ने यह मान लिया था कि ये चैनल सिर्फ बातें कर रहा है, इसका हश्र वही होगा जो बाकी चैनलों का हुआ है. समारोह में जो विनम्रता और शिष्टता होनी चाहिए, वह कहीं नहीं दिखा. ऐसा ही हाल चैनल का भी है. कोई प्लानिंग न होने के कारण चैनल का कोई स्तर, तेवर आजतक डिफाइन नहीं हो सका है.

ताजी सूचना ये है कि चैनल के ज्यादातर स्टाफ को सेलरी नहीं मिली है. जून महीने की सेलरी जुलाई का आखिरी सप्ताह आने तक भी न मिलने से लोग अंदाजा लगाने लगे हैं कि मैनेजमेंट चैनल को लेकर सीरियस नहीं है और जिस तरह से चैनल को नान-न्यूज के लोगों के हाथों में सौंपा गया है उससे दिन प्रतिदिन चैनल गर्त में गिरता जा रहा है. अब देखना है कि यह चैनल कब किसी प्रोफेशनल न्यूज वाले बंदे के हाथ में आकर उद्धार की तरफ बढ़ता है या फिर यूं ही अपनी धीमी मौत को प्राप्त होता है.

इस न्यूज चैनल में काम करने वाले कई ठीकठाक लोग माहौल से नाखुश होकर चैनल से विदा लेने की तैयारी कर रहे हैं, कुछ लोगों ने तो चैनल छोड़ भी दिया है. इन लोगों का कहना है कि इस चैनल में अराजकता की स्थिति है. कंटेंट पर कोई डिसीजन लेने वाला नहीं है. जो कुछ आता है, सब परोस दिया जाता है. जीएनएन में सेलरी संकट और अराजकता के बारे में बात करने के लिए भड़ास4मीडिया की तरफ से जब चैनल के सीईओ राघवेश अस्थाना को फोन किया गया तो उन्होंने फोन पिक नहीं किया.

((कुछ पत्रकारों द्वारा भेजे गए पत्र, फोन से बताई गई बातों व अन्य लोगों से लिए गए इनपुट पर आधारित))

अनुत्‍तम, पणिनी, कलोल, सिद्धार्थ एवं रोहित के बारे में नई जानकारियां

एबीपी ग्रुप से इस्‍तीफा देकर अनुत्‍तम सेन ने अपनी नई पारी की शुरुआत नईदुनिया के साथ की है. उन्‍होंने जीएम (वेस्‍ट) नेशनल प्रोडक्‍ट मैनेजर के पद पर ज्‍वाइन किया है. वे मुंबई में बैठेंगे तथा यहीं वेस्‍ट में आर्थिक एवं अन्‍य गतिविधियों को देखेंगे. पिछले बारह सालों से मीडिया में सक्रिय अनुत्‍तम एबीपी ग्रुप में एक बांग्‍ला मैगजीन को हेड कर रहे थे. इस मैगजीन के लिए रिवेन्‍यू जुटाने की जिम्‍मेदारी उनके पास थी.

सहारा समय के न्‍यूज पोर्टल ‘समय लाइव’ से पणिनी आनंद ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे पोर्टल के हेड थे. पणिनी ने अपनी नई पारी कहां से शुरू करने वाले हैं इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. वे ग्‍यारह महीने पहले सहारा ग्रुप से जुड़े थे. इसके पहले पणिनी बीबीसी, आउटलुक और नवभारत टाइम्‍स को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. खबर है कि पणिनी के जाने के बाद समय लाइव की जिम्‍मेदारी आलोक कुमार संभालेंगे.

समय लाइव को दूसरा झटका मार्केटिंग हेड कलोल आचार्य के जाने से लगा है. कलोल ने भी प्रबंधन को अपना इस्‍तीफा सौंप दिया है. बताया जा रहा है कि वे काफी समय से प्रबंधन से नाराज चल रहे थे. उन्‍होंने कहां ज्‍वाइन किया है इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है.

जीएनएन न्‍यूज से खबर है कि सिद्धार्थ यादव एवं रोहित कुमार ने असिस्‍टेंट प्रोड्यूसर के रूप में अपनी नई पारी की शुरुअता की है. सिद्धार्थ इसके पहले आरोह अवरोह पत्रिका से जुड़े हुए थे. वहीं रोहित की यह पहली पारी है.

जीएनएन न्‍यूज एवं भक्ति चैनल लांच

राजधानी के अशोका होटल में रविवार को न्‍यूज चैनल जीएनएन न्‍यूज एवं जीएनएन भक्ति चैनल की लांचिंग हुई. लांचिंग के दौरान अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय तथा लोकसभा उपाध्‍यक्ष करिया मुंडा उपस्थित रहे. टेस्‍ट रन पर चल रहे दोनों चैनलों को कल विधिवत लांच किया गया. काफी दिनों से इस चैनल को लांच करने की तैयारी चल रही थी.

इस दौरान केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहायन ने कहा कि टेलीविजन चैनलों को समाज को सजग बनाना चाहिए. इसके लिए सयंम बरतने की जरूरत है. उन्‍होंने कहा कि आज सैकड़ों चैनल देश में मौजूद हैं परन्‍तु उनमें विजन को लेकर परिपक्‍वता नहीं है. जीएनएन न्‍यूज प्रसारण के क्षेत्र में नया है, उम्‍मीद है कि यह चैनल खबर दिखाने का काम करेगा बाबा बनाने का नहीं. उन्‍होंने कहा कि चैनलों की तरह गली-गली में बाबा आ गए हैं और चैनल उन्‍हें बढ़ावा दे रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि भारतीय चैनलों परिपक्‍व होने में अभी लम्‍बा सफल तय करना है. अमेरिका में ट्रेड टावर पर हमले के दौरान अमेरिकी चैनलों जो सयंम दिखाया उससे भारतीय चैनलों को सबक लेने की जरूरत है.

लोकसभा उपाध्‍यक्ष करिया मुंडा ने कहा कि आधुनिक समय में मीडिया ने लोकतंत्र को और भी जीवंत बनाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि जीएनएन न्‍यूज एवं भक्ति चैनल भेड़चाल में भागने की बजाय गुणवत्‍तापूर्ण तथा सरोकार की खबरों को प्राथमिकता देकर लोगों की आवाज बनने में मददगार साबित होंगे. चैनल की लांचिंग के दौरान चेयरमैन, सीईओ राघवेश अस्‍थाना, मधुकांत श्रोतिय, हिमांशु समेत तमाम मीडियाकर्मी एवं जीएनएन से जुड़े लोग मौजूद रहे.

आई-नेक्‍स्‍ट से शशि की विदाई, सुधीर एवं महरुफ की नई पारी

आई-नेक्‍स्ट, कानपुर से रिपोर्टर शशि पाण्‍डेय को कार्य मुक्त कर दिया है. संस्‍थान ने यह कदम डीएनई मुसाहिद के बारे में कुछ नागवार शब्‍द प्रयोग करने के चलते उठाया गया है. बताया जा रहा है कि आज सुबह डीएनई की अनुपस्थिति में मीटिंग चल रही थी.  मीटिंग के दौरान एक सहकर्मी ने अपना मोबाइल ऑन करके मुसाहिद जी को बातें सुना रहा था.

इसकी जानकारी शशि पाण्‍डेय को नहीं थी. ऐसे में शशि ने डीएनई के बारे में जो शब्‍द कहे उसे सुनकर वो नाराज हो गए. उन्‍होंने तत्‍काल इसकी शिकायत ग्रुप एडिटर आलोक सांवल से की. जिसके बाद उनके आदेश पर शशि को बाहर का रास्‍ता दिखा दिया गया.

दूसरी तरफ सूत्रों का कहना है कि मामला छेड़खानी से जुड़ा हुआ है. छेड़खानी के बाद ही शशि पांडेय ने  डीएनई को अपशब्‍द कहे थे. यह पूरा मामला हाईकमान के संज्ञान में भी था, परन्‍तु उनलोगों ने कोई न्‍यायिक कार्रवाई करने के बजाय शशि का शिकार करना बेहतर समझा. सूत्रों ने बताया कि बाकायदा इस संदर्भ में पूछताछ भी हुई थी.

पिछले दिनों हिंदुस्‍तान, हरदोई से इस्‍तीफा देने वाले सुधीर अवस्‍थी ने अपनी नई पारी जनसंदेश टाइम्‍स के साथ शुरू की है. उन्‍हें जनसंदेश में बघौली क्षेत्र का संवाददाता बनाया गया है. महरुफ रजा ने अपनी नई पारी जीएनएन न्‍यूज के साथ शुरू की है.

जीएनएन में तीन माह भी नहीं रह पाए शिवकुमार राय

इसी साल मार्च के पहले सप्ताह में जीएनएन न्यूज नामक नए लांच होने वाले चैनल के मैनेजिंग एडिटर बने शिवकुमार राय के बारे में खबर है कि उनका इस्तीफा हो गया है. वे तीन महीने भी चैनल के साथ नहीं रह पाए. सूत्रों का कहना है कि तय समय में जो टारगेट शिवकुमार को दिए गए थे, वह पूरा नहीं हो सका था, इसी कारण उन्हें जाना पड़ा. कुछ लोगों का यह भी कहना है कि आंतरिक राजनीति बढ़ गई थी जिसके कारण शिवकुमार का इस्तीफा हुआ.

कहा जा रहा है कि शिवकुमार के माध्यम से जीएनएन न्यूज में आए करीब आधा दर्जन लोगों ने भी इस्तीफा दे दिया है. पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है. जीएनएन न्यूज से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आज शिव कुमार राय और उनके करीबी आधा दर्जन लोग आफिस नहीं आए हैं पर यह स्पष्ट नहीं है कि आधा दर्जन लोगों के इस्तीफे हुए हैं या नहीं. उधर, जीएनएन प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि शिव कुमार राय ने इस्तीफा दे दिया है लेकिन किसी अन्य का इस्तीफा नहीं मिला है और अगर अनुपस्थित लोग काम पर लौटते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा, प्रबंधन निचले स्तर पर कार्यरत लोगों को नहीं निकालना चाहता.

उल्लेखनीय है कि जीएनएन न्यूज को लांचिंग से पहले ही झटके पर झटका लग रहा है. शिवकुमार राय से पहले मैनेजिंग एडिटर की कुर्सी पर अमिताभ भट्टाचार्या आसीन थे. इस तरह चैनल लांच हुए बिना ही जीएनएन न्यूज से दो मैनेजिंग एडिटरों का इस्तीफा हो चुका है. देखना है कि तीसरा मैनेजिंग एडिटर कौन बनता है और कितने दिन रह पाता है. इस ग्रुप के सीईओ राघवेश अस्थाना हैं जो कभी महुआ में हुआ करते थे.

चर्चा है कि राघवेश के साथ शिवकुमार राय की ट्यूनिंग नहीं बन पाई. पुराने कर्मियों को दरकिनार किया जा रहा था. कई तरह के विवाद शुरू हो गए थे. चैनल के मालिक जल्द से जल्द चैनल लांचिंग चाहते हैं पर उस दिशा में काम नहीं हो पा रहा था. इस चैनल में मचे घमासान से लांचिंग से पहले ही करीब 12 से ज्यादा लोग अब तक इस्तीफा दे चुके हैं. अभी हाल-फिलहाल जीएनएन न्यूज से अतुल सिंघल ने इस्तीफा देकर न्यूज एक्सप्रेस चैनल ज्वाइन किया है. लांचिंग से पहले कितने लोगों का अभी और इस्तीफा होना है, कुछ कहा नहीं जा सकता.

मधुकांत बने जीएनएन के आउटपुट हेड, धीरज एवं रजनीश भी जुड़े

दिल्‍ली आजतक से मधुकांत श्रोतिय ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर प्रोड्यूसर थे तथा पिछले छह सालों से जुड़े हुए थे. इन्‍होंने अपनी नई पारी जीएनएन न्‍यूज के साथ शुरू की है. यहां इन्‍हें आउटपुट हेड बनाया गया है. मधुकांत 17 सालों से मुख्‍य धारा की पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे लगभग बारह सालों तक समाचार एजेंसी यूएनआई के साथ भी जुड़े रहे. इनकी रिपोर्टिंग मैनेजिंग एडिटर डा. शिव कुमार राय को होगी.

पी7 न्‍यूज से धीरज त्रिखा ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर पीसीआर हेड थे. वे काफी समय से पी7 न्‍यूज से जुड़े हुए थे. उन्‍होंने अपनी नई पारी जीएनएन न्‍यूज के साथ शुरू की है. उन्‍हें यहां प्रोड्क्‍शन हेड बनाया गया है. पी7 से पहले धीरज जी स्‍पोर्टस को कई सालों तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं. कई अन्‍य संस्‍थानों के साथ भी वे जुड़े रहे.

रजनीश त्रिपाठी ने भी जीएनएन से अपनी नई पारी की शुरुआत की है. उन्‍होंने रिपोर्टिंग सेक्‍शन में ज्‍वाइन किया है. रजनीश अपने करियर की शुरुआत 2008 में सीएनईबी से की थी. वे महुआ न्‍यूज, कात्‍यायनी, धर्म टीवी को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. जीएनएन आने से पहले वे ई-मीडिया सॉल्‍यूशन प्रोड्क्‍शन हाऊस से जुड़े हुए थे.

राघवेश अस्‍थाना बने जीएनएन ग्रुप के सीईओ

जीएनएन न्‍यूज में राघवेश अस्‍थाना ने सीईओ के रूप में ज्‍वाइन किया है. उनके निर्देशन में ही दोनों चैनलों की लांचिंग कराई जाएगी. वे इसके पहले वे महुआ में सीईओ बिजनेस के पद पर कार्यरत थे. यहां से इस्‍तीफा देने के बाद वे बाम्‍बे में अपने प्रोजेक्‍ट से जुड़ गए थे. राघवेश मीडिया एवं प्रोड्क्‍शन से पिछले दो दशक से जुड़े हुए हैं.

राघवेश ने अपने करियर की शुरुआत 1989 में चेन्‍नई के एक प्रोड्क्‍शन हाउस से की थी. रडान मीडिया प्राइवेट लिमिटेड में कई सालों तक वरिष्‍ठ पद पर रहे. इसके बाद स्‍टार विजय में प्रोग्रामिंग हेड के रूप में काम किया. यूटीवी को भी अपनी सेवाएं दीं. काफी समय तक मुंबई तथा चेन्‍नई में काफी समय तक कई प्रोजेक्‍टों से जुड़े रहे.

इसके बाद ये महुआ टीवी से जुड़ गए थे. महुआ की लांचिंग कराने में इन्‍होंने महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई. कुछ कारणों से यहां से इस्‍तीफा दे दिया था. राघवेश को मैनेजमेंट के अलावा लेखन और डाइरेक्‍शन का शौक है. इन्‍होंने कई प्रोग्रामों को डाइरेक्‍ट भी किया है. राघवेश अस्‍थाना ने बताया कि जल्‍द ही ग्रुप के दोनों चैनलों की लांचिंग होने जा रही है. उन्‍होंने बताया कि पहले न्‍यूज चैनल लांच किया जाएगा. उसके बाद भक्ति चैनल की लांचिंग होगी. सारी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं.

शिव कुमार राय होंगे जीएनएन के ग्रुप मैनेजिंग एडिटर

शिवकुमारवरिष्‍ठ पत्रकार शिव कुमार राय जीएनएन न्‍यूज से जुड़ने जा रहे हैं. वे यहां ग्रुप मैनेजिंग एडिटर के रूप में ज्‍वाइन कर रहे हैं. उनके पास जीएन इंफो मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के न्‍यूज एवं भक्ति चैनल दोनों की लांचिंग की जिम्‍मेदारी रहेगी. पहले न्‍यूज चैनल लांच किया जाएगा. वे सीधे सीएमडी को रिपोर्ट करेंगे.

शिवकुमार वरिष्‍ठ पत्रकार तथा कॉलमिस्‍ट हैं. इनकी प्रिंट एवं इलेक्‍ट्रानिक मीडिया दोनों पर अच्‍छी पकड़ है. शिव कुमार ने अपने करियर की शुरुआत मध्‍य प्रदेश में नवभारत के साथ की थी. इसके बाद दिल्‍ली में दैनिक जागरण से जुड़ गए. यहां से इस्‍तीफा देने के बाद जी न्‍यूज पहुंचे. वहां एंकर के रूप में सेवाएं दीं. इसके बाद आजतक, वॉयस ऑफ इंडिया से भी वरिष्‍ठ पदों पर काम किया. दूरदर्शन से भी एंकर और फ्रीलांसर के रूप में जुड़े हुए हैं. यहां भी वे प्राइम टाइम पर एंकरिंग करते नजर आएंगे.

इस संदर्भ में जब उनसे बात की गई तो उन्‍होंने जीएनएन से जुड़ने की पुष्टि की. उन्‍होंने बताया कि इस ग्रुप के दो चैनलों में पहले न्‍यूज चैनल लांच किया जाएगा. हम एक नए विजन के साथ चैनल को लांच करने जा रहे हैं. न्‍यूज चैनल में सिर्फ न्‍यूज कंटेंट ही दिखाए जाएंगे. हम इंटरटेनमेंट नहीं परोसेंगे. चैनल पूरी तरह न्‍यूज बेस्‍ड होगा और हम इसी पॉलिसी पर काम कर रहे हैं. जब उनसे व्‍यवस्तता के बीच कॉलम लिखने के बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने बताया कि वे अपने कॉलम लिखना जारी रखेंगे.

रमेंद्र ने भास्‍कर छोड़ा, शालिनी जीएनएन पहुंचीं

दैनिक भास्‍कर, रांची से रमेंद्र नाथ झा ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर सीनियर सब एडिटर थे. बताया जा रहा है उन्‍होंने पत्रकारिता को ही अलविदा कह दिया है. अब वे अपने खुद के कार्य में लगेंगे. रमेंद्र इसके पहले काफी समय तक दैनिक जागरण को भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

टाइम न्‍यूज से शालिनी सिंह ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर असिस्‍टेंट प्रोड्यूसर थीं. इन्‍होंने अपनी नई पारी जीएनएन न्‍यूज चैनल के साथ शुरू की है. इन्‍हें यहां भी असिस्‍टेंट प्रोड्यूसर बनाया गया है. शालिनी ने अपने करियर की शुरुआत भोजपुरी न्‍यूज चैनल हमार टीवी के साथ किया था. इसके बाद उन्‍हें नोएडा बुला लिया गया था. यहां से इस्‍तीफा देने के बाद वे टाइम न्‍यूज के साथ जुड़ गई थीं.

जीएनएन, एमपी के हेड बने रिजवान सिद्दीकी

रिजवान सिद्दीकी जीएनएन न्‍यूज से जुड़ गए हैं. उन्‍हें चैनल का एमपी हेड बनाया गया है. रिजवान पिछले दो दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. रिजवान ने अपने करियर की शुरुआत नवीन दुनिया, जबलपुर के साथ की थी. इसके बाद भास्‍कर को भी अपनी सेवाएं दीं. ईटीवी के साथ इलेक्‍ट्रानिक मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा. काफी वर्षों यहां रहने के बाद सहारा समय से जुड़ गए. सहारा समय के साथ जबलपुर एवं रायपुर में जुड़े रहे. भोपाल से प्रसारित होने वाले प्रादेशिक न्‍यूज चैनल की लांचिंग भी कराई. अब उन्‍होंने फिर से नेशनल न्‍यूज चैनल के साथ नई पारी शुरू की है.

धर्मेन्‍द्र ने राज एक्‍सप्रेस और दीपेश ने प्रदेश टुडे से नई पारी शुरू की

पिछले डेढ़ दशक से मुख्‍यधारा की पत्रकारिता में सक्रिय धर्मेन्‍द्र पैगवार ने अपनी नई पारी राज एक्‍सप्रेस के साथ शुरू की है. उन्‍होंने पॉलिटिकल रिपोर्टर के पोस्‍ट पर ज्‍वाइन किया है. धर्मेन्‍द्र ने अपने करियर की शुरुआत नई दुनिया के साथ की थी. इसके बाद वे दैनिक जागरण को अपनी सेवाएं दीं. दैनिक भास्‍कर से भी आठ साल तक जुड़े रहे. पत्रिका एवं पीपुल्‍स समाचार में भी सीनियर पदों पर काम किया. धर्मेन्‍द्र राज एक्‍सप्रेस ब्‍यूरो में काम देख रहे हैं.

दीपेश अवस्‍थी ने अपनी नई पारी प्रदेश टुडे के साथ शुरू की है. उन्‍हें रिपोर्टर बनाया गया है. उनको प्रशासनिक बीट की जिम्‍मेदारी सौंपी गई है. दीपेश कई अखबारों में काम कर चुके हैं.

चैनलों की भीड़ में शामिल होने वाला है ‘जीएनएन न्यूज’

टीवी चैनलों की भीड़ बढ़ती जा रही है. अब पता चल रहा है कि ‘जीएनएन न्यूज’ नाम से एक न्यूज चैनल लांच हो रहा है जो इंफोटेनमेंट चैनल होगा. चैनल का लाइसेंस मिल चुका है और इसके जनवरी में लांच होने की संभावना है. गुपचुप तरीके से इस चैनल में लगभग सभी नियुक्तियां हो चुकी हैं.

सूत्रों का कहना है कि पंजाब के एक उद्योगपति की तरफ से यह चैनल लाया जा रहा है. चैनल के मैनेजिंग एडिटर अमिताभ भट्टाचार्या बनाए गए हैं. इसी समूह का एक भक्ति चैनल भी आने वाला है, ‘जीएनएन भक्ति’ नाम से. देखना है कि ये चैनल कंटेंट व इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में दमखम दिखा पाते हैं ये फिर मीडियाकर्मियों को ठगने वाला एक और चैनल बनकर रह जाते हैं.