निर्भीक पत्रकारिता के लिए पूरन सिंह सम्मानित

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित राम सुमेर शुक्ल के 33 वीं पुण्यतिथि पर अखिल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उतराधिकारी संगठन द्वारा निर्भीक पत्रकारिता करने के लिए ईटीवी, उधमसिंह नगर के रिपोर्टर पूरन सिंह रावत समेत प्रदेश के अन्य क्षेत्र के 12 लोगों को  विशिष्ट प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया. रूद्रपुर के डीडी चौक पर आयोजित कार्यक्रम में पूरन सिंह को यह सम्मान उत्तराखंड सरकार के कृषि मंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं बजाज ऑटो लिमिटेड के इकाई प्रमुख पीऍम डिंडोकर द्वारा संयुक्त रूप से प्रदान.

पूरन सिंह रावत ईटीवी में 2005 से उधमसिंह नगर में कार्य कर रहे हैं. पूरन सिंह की पत्रकारिता के पूरनवजह से समय-समय पर मीडिया जगत में उधमसिंह नगर सुर्खियों में रहा हैं. श्री सिंह के ऊपर बीते 6 जून को पुलिस लाइन से खेलकर घर जाते समय दो नकाबपोश बदमाशों ने आंख में मिर्च डाल कर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया था. इस के पीछे भू-माफियों का हाथ बताया जा रहा था. इस घटना के बावजूद निर्भीक रूप से पूरन सिंह पत्रकारिता कर रहे हैं. पूरन ने 2008 में पुलिस हिरासत से भाग रहे बंगलादेशी डकैत को अपनी मोटरसाइकिल से पीछा कर के पकडा था.

सम्मानित होने के बाद पूरन सिंह रावत ने कहा कि पत्रकारिता के मूल्यों से कभी समझौता नहीं करना चाहिए और कभी भी डर के खबर नहीं छोड़ना चाहिए. इस अवसर पर राजेश शुक्ल, सुरेश परिहार, बब्बन सिंह, लता सिंह, सच्चिदानंद सिंह आदि मौजूद रहे.

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Comments on “निर्भीक पत्रकारिता के लिए पूरन सिंह सम्मानित

  • JYOTSNA RAWAT says:

    hi CHACHA / MAMA
    aaj maine jana aap itna busy kyu rehte ho.
    CONGRATULATIONS for your award. This is the right way to start the new year with the success so, keep it up. Wish you a very happy new year.
    Jo apne banglore wale gundo ko pakda ye toh waqai me quabil-e tarrif tha. Agar apke jagah koi aur hota toh kabka bhag jata. Main toh janti hi thi aisa bahaduri ka kaam sirf aap hi kar sakte ho magar aaj toh dekh bhi liya. You must dissolved this award.Ok, MAMA treat kab doge …………….
    keep smiling forever :);):D;D;D;D

    Reply
  • digvijay singh says:

    pooran singh rawat ko is k liye dhero bhadhai.
    pooran patrakarita ki padhai ke samay hi kahata tha ki jo dara wo mara.

    Reply
  • पूरन रावत को यह पुरुस्कार निर्भीक पत्रकारिता के लिए नहीं मिला है बल्कि यहाँ के विधायक तिलक राज बेहड़ की खिलाफत के कारण दिया गया है / जिस अखिल भारतीय स्वंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन ने पूरन को सम्मानित किया है, उसके प्रदेश अध्यक्ष राजेश शुक्ला यहाँ के विधायक के विरोधी है /पिछले दिनों एक रामलीला मैदान पर जब शुक्ला ने कब्ज़ा करने का प्रयास किया तो विधायक ने उसके इस प्रयास को विफल कर दिया था पर उस समय खबरों में पूरन ने राजेश शुक्ला का साथ दिया था/ इस कारण ही शुक्ला ने अब पूरन को सम्मानित कर दिया /दोनों के लिए एक कहावत है चोर चोर मोसेरे भाई /भाजपा नेता राजेश शुक्ला के उधोग पर उत्तराखंड के बिजली विभाग का लाखो रुपए का बकाया है /अगर श्री रावत वास्तव में निर्भीक पत्रकार है तो यह खबर चला कर दिखाए/
    शनिवार को माननीय पूरन रावत सम्मानित हो रहे थे उस से एक दिन पहले अर्थात शुक्रवार को एक स्वंत्रता संग्राम सेनानी श्री इन्द्रासन की मोत हो गयी थी और शनिवार को श्री इन्द्रासन जी का अंतिम किर्या कर्म था / होना तो यह चाहिए था कि श्री इन्द्रासन कि मोत के बाद उनके सम्मान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन को अपने सारे प्रोग्राम स्थगित कर देने चाहिए थे पर ऐसा नहीं हुआ क्योकि यह सारे प्रोग्राम संस्था के प्रदेश अध्यक्ष श्री शुक्ला के पिता श्री राम सुमेर शुक्ला की पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित किया गए थे इस कारण संस्था ने श्री इन्द्रासन की मोत को भी अनदेखा कर दिया /संस्था की यह हरकत अपने आप में एक खबर थी पर ई टीवी के पत्रकार यह खबर दिखाने की बजाय सम्मानित होने में लगे/क्या यह निर्भीक पत्रकारिता है /निर्भीकता तो तब होती जब वह सम्मान को ठुकरा कर एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की मौत का अपमान करने वाले संगठन पदाधिकारियों को नंगा करते / जो लोग स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का सम्मान नहीं करते वो लोग उनके उत्तराधिकारी का किया सम्मान करेंगे /पूरन रावत एक वीर पत्रकार है ,यह रुद्रपुर का हर आदमी जनता है पर उन्हें आज तक यह नहीं पता चल सका कि दो तीन महीने पहले एक- दो टटपुन्जिए टाइप के लोगो ने क्यों मारा /एकमे उधोग के हड़ताली मजदूरो ने खुले आम ई टीवी का पत्रकार पूरन रावत दलाल है, जैसे नारे क्यों लगाये/
    पूरन रावत को विधायक विरोधी नेता रोज पुरुस्कार से सम्मानित करे /हमें एतराज नहीं है ,पर उन्होंने कोंन सी खबर निर्भीकता से दिखाई, सिर्फ धरने प्रदर्शन और बयानबाजी के अलावा /

    Reply
  • पूरन रावत को यह पुरुस्कार निर्भीक पत्रकारिता के लिए नहीं मिला है बल्कि यहाँ के विधायक तिलक राज बेहड़ की खिलाफत के कारण दिया गया है / जिस अखिल भारतीय स्वंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन ने पूरन को सम्मानित किया है, उसके प्रदेश अध्यक्ष राजेश शुक्ला यहाँ के विधायक के विरोधी है /पिछले दिनों एक रामलीला मैदान पर जब शुक्ला ने कब्ज़ा करने का प्रयास किया तो विधायक ने उसके इस प्रयास को विफल कर दिया था पर उस समय खबरों में पूरन ने राजेश शुक्ला का साथ दिया था/ इस कारण ही शुक्ला ने अब पूरन को सम्मानित कर दिया /दोनों के लिए एक कहावत है चोर चोर मोसेरे भाई /भाजपा नेता राजेश शुक्ला के उधोग पर उत्तराखंड के बिजली विभाग का लाखो रुपए का बकाया है /अगर श्री रावत वास्तव में निर्भीक पत्रकार है तो यह खबर चला कर दिखाए/
    शनिवार को माननीय पूरन रावत सम्मानित हो रहे थे उस से एक दिन पहले अर्थात शुक्रवार को एक स्वंत्रता संग्राम सेनानी श्री इन्द्रासन की मोत हो गयी थी और शनिवार को श्री इन्द्रासन जी का अंतिम किर्या कर्म था / होना तो यह चाहिए था कि श्री इन्द्रासन कि मोत के बाद उनके सम्मान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन को अपने सारे प्रोग्राम स्थगित कर देने चाहिए थे पर ऐसा नहीं हुआ क्योकि यह सारे प्रोग्राम संस्था के प्रदेश अध्यक्ष श्री शुक्ला के पिता श्री राम सुमेर शुक्ला की पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित किया गए थे इस कारण संस्था ने श्री इन्द्रासन की मोत को भी अनदेखा कर दिया /संस्था की यह हरकत अपने आप में एक खबर थी पर ई टीवी के पत्रकार यह खबर दिखाने की बजाय सम्मानित होने में लगे/क्या यह निर्भीक पत्रकारिता है /निर्भीकता तो तब होती जब वह सम्मान को ठुकरा कर एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की मौत का अपमान करने वाले संगठन पदाधिकारियों को नंगा करते / जो लोग स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का सम्मान नहीं करते वो लोग उनके उत्तराधिकारी का किया सम्मान करेंगे /पूरन रावत एक वीर पत्रकार है ,यह रुद्रपुर का हर आदमी जनता है पर उन्हें आज तक यह नहीं पता चल सका कि दो तीन महीने पहले एक- दो टटपुन्जिए टाइप के लोगो ने क्यों मारा /एकमे उधोग के हड़ताली मजदूरो ने खुले आम ई टीवी का पत्रकार पूरन रावत दलाल है, जैसे नारे क्यों लगाये/
    पूरन रावत को विधायक विरोधी नेता रोज पुरुस्कार से सम्मानित करे /हमें एतराज नहीं है ,पर उन्होंने कोंन सी खबर निर्भीकता से दिखाई, सिर्फ धरने प्रदर्शन और बयानबाजी के अलावा /

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  • narayan pargain says:

    samnit karna thik hai lakin kya kabhi puran nai waha kay bhumafiyoo ko naggaa kyo nahi kiya sawal ak kyo samnit hua puran ,,,,,,,,,

    Reply
  • sanjay arora says:

    पूरन रावत को यह पुरुस्कार निर्भीक पत्रकारिता के लिए नहीं मिला है बल्कि यहाँ के विधायक तिलक राज बेहड़ की खिलाफत के कारण दिया गया है / जिस अखिल भारतीय स्वंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन ने पूरन को सम्मानित किया है, उसके प्रदेश अध्यक्ष राजेश शुक्ला यहाँ के विधायक के विरोधी है /पिछले दिनों एक रामलीला मैदान पर जब शुक्ला ने कब्ज़ा करने का प्रयास किया तो विधायक ने उसके इस प्रयास को विफल कर दिया था पर उस समय खबरों में पूरन ने राजेश शुक्ला का साथ दिया था/ इस कारण ही शुक्ला ने अब पूरन को सम्मानित कर दिया /दोनों के लिए एक कहावत है चोर चोर मोसेरे भाई /भाजपा नेता राजेश शुक्ला के उधोग पर उत्तराखंड के बिजली विभाग का लाखो रुपए का बकाया है /अगर श्री रावत वास्तव में निर्भीक पत्रकार है तो यह खबर चला कर दिखाए/
    शनिवार को माननीय पूरन रावत सम्मानित हो रहे थे उस से एक दिन पहले अर्थात शुक्रवार को एक स्वंत्रता संग्राम सेनानी श्री इन्द्रासन की मोत हो गयी थी और शनिवार को श्री इन्द्रासन जी का अंतिम किर्या कर्म था / होना तो यह चाहिए था कि श्री इन्द्रासन कि मोत के बाद उनके सम्मान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन को अपने सारे प्रोग्राम स्थगित कर देने चाहिए थे पर ऐसा नहीं हुआ क्योकि यह सारे प्रोग्राम संस्था के प्रदेश अध्यक्ष श्री शुक्ला के पिता श्री राम सुमेर शुक्ला की पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित किया गए थे इस कारण संस्था ने श्री इन्द्रासन की मोत को भी अनदेखा कर दिया /संस्था की यह हरकत अपने आप में एक खबर थी पर ई टीवी के पत्रकार यह खबर दिखाने की बजाय सम्मानित होने में लगे/क्या यह निर्भीक पत्रकारिता है /निर्भीकता तो तब होती जब वह सम्मान को ठुकरा कर एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की मौत का अपमान करने वाले संगठन पदाधिकारियों को नंगा करते / जो लोग स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का सम्मान नहीं करते वो लोग उनके उत्तराधिकारी का किया सम्मान करेंगे /पूरन रावत एक वीर पत्रकार है ,यह रुद्रपुर का हर आदमी जनता है पर उन्हें आज तक यह नहीं पता चल सका कि दो तीन महीने पहले एक- दो टटपुन्जिए टाइप के लोगो ने क्यों मारा /एकमे उधोग के हड़ताली मजदूरो ने खुले आम ई टीवी का पत्रकार पूरन रावत दलाल है, जैसे नारे क्यों लगाये/
    पूरन रावत को विधायक विरोधी नेता रोज पुरुस्कार से सम्मानित करे /हमें एतराज नहीं है ,पर उन्होंने कोंन सी खबर निर्भीकता से दिखाई, सिर्फ धरने प्रदर्शन और बयानबाजी के अलावा /

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  • pushkar jain says:

    nirbhik patrakrita ke liye sammman nischit roop se patrakarita ka sammman badhata hai. Pooran singh rawat is chetra me jo karya kar rahe hai usse desh aur samaj ko disha milegi

    Reply
  • rajesh singh says:

    pooran singh rawat ke bare main sab jante hain unke virodiyo ka kam ho sakta hai jinhone unki samman par sawal uthaya hai.
    yaha 12 logo ko sammanit ki ya gaya tha kya sab ke piche yahi karan the?
    rudrapur ke akhbar jo pooran ki tarif aur samman ke piche nirbhikata ki gatha chapi hai kya wao sab bhi jhoot hai.

    is tarike se samman par sawal uthana kahi na kahi pooran ki majaboti ko darsata hai.

    aur aap jante hai kutte bhaukate rahate hai aur hathi chalti rahati hai.
    aur bhokoooooooooooooooooo……….

    Reply
  • rajesh singh says:

    pooran singh rawat ke bare main sab jante hain unke virodiyo ka kam ho sakta hai jinhone unki samman par sawal uthaya hai.
    yaha 12 logo ko sammanit ki ya gaya tha kya sab ke piche yahi karan the?
    rudrapur ke akhbar jo pooran ki tarif aur samman ke piche nirbhikata ki gatha chapi hai kya wao sab bhi jhoot hai.

    is tarike se samman par sawal uthana kahi na kahi pooran ki majaboti ko darsata hai.

    aur aap jante hai kutte bhaukate rahate hai aur hathi chalti rahati hai.
    aur bhokoooooooooooooooooo……….

    Reply
  • surendra kasyap says:

    sanjay ji ne apne comment main likha hai ki poran sammanit hone ki jagaha khabar banate shayad unhe pata nahi hai ki etv par wo khabar chal chuki thi aur sanstha ke log bhi unhe shradhanjai diye the.

    Reply
  • digvijay tumhara comment padha ki puran patarkarita ki padhayi karte samay kahta tha ki jo dara wo mara.agar tum khud bhi reporter ho to yeh to pata hoga ki police ki bharti ka time ya fir chunav ke time neta desh,samaj’ hit ki badi badi bate karte hai or jab chun liye jate hai to gidho ki tarah logo ko nochte hai.nokri se pahle ki sari natikta nokri ke douran khatam ho jati hai mai’kiya’kahna chahta hu tu samjh hi gaye hoge

    Reply
  • Sunil Navprabhat says:

    cooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooooonratulations !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! Rawat ji.

    Reply
  • surendra ji aap kaa comment padha.aapne kaha ki etv per swatantarta sangram senani sre indrasan ki khabar aayi.per wo khabar uanki moat ki thi.kiya aap ko nahi lagta ki sri indrasan ki moat ke baad swatantrta sangram uttradhikari sanghthan ko shardhanjle dete huye apne sare programe cancel ker dene chahiye thai.per aisa nahi huya.mana ki yeh sangthan kaa apne fesla tha per ek patarkar ke liye yeh badi khabar thi ki ek sangthan ne apne sathi ki moat ke bajai ek anya sathi ki punya tithi manana jaruri samjha.agar puran yeh khabar dikhata to uski vah vahi hoti.
    Mane rajesh kaa comment bhi padha or uss comment ki antim line rajesh per puri tarah fit bathti hai.hahahahahahhahahaha

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  • Umesh Pathak says:

    पूरन सिंह रावत को मै तबसे जनता हूं जब वह पत्रकारिता पढ़ रहे थें.वह एक निर्भीक एवं साहसी हैं इसमें कोई संदेह नही है.कुछ आदर्श और मूल्य पूरन के अंदर शुरू से हैं जो आज के मानव में कम होते जा रहे हैं,ज़ाहिर है उनका विरोध भी इसी कारण हीसफल सच्चे व्यक्ति को विरोध का सामना करना पड़ता ही ,इतिहास गवाह है.
    वो हुस्न वो गुरुर ,वो रुतवा बदल गया!
    जलवा दिखने वालो का जलवा बदल गया !
    उनको बड़ा गुरुर था ,अपने सबब पर ,
    आइना जब दिखाया,चेहरा बदल गया !
    अपने सत्कर्मों से तुम और आगे बढ़ो और भारत भर में प्रतिष्ठा मिले .शुभकामनाएं और बधाई !

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  • digvijay singh says:

    sanjay jee aap ki bat se main bilkul sahamat hu!
    lekin kya sab mada hote hai aisa nahi hai.pooran unmain se nahi hai ki jo kahe wo kare na uski karni aur kathani main koi antar nahi hai.

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  • surendra kasyap says:

    sanjay ji
    main aap ko nahi janta ki aap kaun hai lekin pooran ko mile samman ke piche aap ki pidha aur dard nahi samajh main aa raha hai?
    sangathan walo ko kya karna chahiye aur kya nahi ye wo jane. is main pooran ki kya galti ki waha samman leliya.
    agar aap patrakar hai to jara sochiye ki patreakarita karne walon ko agar koi sammman kare to is main uslka kya dosh.
    aap agar patrakar hai ? to un sanstha walon ke kilaf likhiye aur aap ko bahut kast hai to aap indrasan ji ke liye sabhaye kar aur desh bakto ko jutaye ye sahi hoga .

    Reply
  • ashutosh chaturvedi says:

    badhai ho sir…………yun to univarsity me aapake bare me bahut sunata tha kintu aaz aapke puraskar ne saabit kar diya ki……………

    talwaro ki dharo par jag ki azadi palti hai

    itihas udhar chal deta hai jis or jawani chalti hai. thanks sir.

    Reply
  • HUSEN UDAIPURI says:

    Congratulation to Rawat sb.ournalism aur patrakar ke nate bebaak hona chhahiye.Ummid hai ise kayam rakhenge.

    Reply
  • HUSEN UDAIPURI says:

    Congratulation to Rawat sb.ournalism aur patrakar ke nate bebaak hona chhahiye.Ummid hai ise kayam rakhenge.

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