नीरा राडिया आईएएस अफसर सुनील अरोड़ा से कहती है- उस पत्रकार से बात करो…

क्या पत्रकार, क्या उद्यमी और क्या अधिकारी. सबसे नीरा राडिया ऐसे धड़ल्ले से बात करती है, जैसे वे सब नीरा राडिया के बाल सखा हों. इस टेप में एक आईएएस अधिकारी से नीरा राडिया बातचीत कर रही है. 1980 बैच के इस आईएएस अफसर का नाम सुनील अरोड़ा है. सुनील अरोड़ा से नीरा राडिया की बातचीत के टेप पहले भी जारी हो चुके हैं. इस नए टेप में नीरा राडिया आईएएस अफसर सुनील अरोड़ा को एक पत्रकार से बात करने को कहती है. नीरा कहती है कि हे सुनील अरोड़ा, उस पत्रकार से नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल से संबंधित स्टोरी पर बात करो.

सुपर दलाल नीरा राडिया और आईएएस अधिकारी सुनील अरोड़ा के बीच इस बातचीत में लंदन के किसी राजीव सिंह की भी चर्चा आ जाती है. पूरी बातचीत को सुनिए, इस टेप पर क्लिक करके….

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Comments on “नीरा राडिया आईएएस अफसर सुनील अरोड़ा से कहती है- उस पत्रकार से बात करो…

  • lo media bhi hua sare aam nnga, bhut khum radiya ji,
    jo apne kiya string is media ka, vo bat or hai hona kuch nahee, aapka
    or media ka are jach hogi bs …………………………………

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  • Upendra Rai se bahut umeed hai sahara samay ko . lekin kayee tape me bar bar unka nam aaya jab wo star news ko sewa de rahe the . Agar tape 2010 me record hota to sahara media group ki hee badnami hoti.

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  • आज का मेल टूडे में साफ लिखा है कि सहारा ग्रुप के न्यूज़ डायरेक्टर उपेंद्र राय को किस तरह नीरा राडिया स्टोरी करने के लिए आईडिया दे रही है। राडिया टेप के कनेक्शन सामने आने के बाद ये साफ हो रहा है कि राडिया मीडिया की असली बॉस थी। इस टेप को सुनने के बाद ये साफ हो रहा है कि उपेंद्र राय को नीरा राडिया ने ही सहारा ग्रुप में लाई थी, ताकि कम से एक एक न्यूज़ चैनल उसके हुक्म पर काम करे। राडिया के उपेंद्र राय से बातचीत से साफ हो रहा है कि उपेंद्र राय भले ही तीसमार खां रिपोर्टर अपने को बताते रहे हैं लेकिन उनके पास आईडिया तक नहीं है। सहारा ग्रुप के मीडिया साथियों के साथ दुर्भाग्य है कि उनका बॉस निपट रूप से दलाली के बलबूते यहां तक पहूंचा है। इसलिए इस समय वो भी दलाली करने वालों को ही सहारा में प्रमोट कर रहे हैं। भले ही टेप में बातचीत के समय उपेंद्र राय स्टार न्यूज में थे लेकिन लेकिन अब वे सहारा ग्रुप में हैं जाहिर है सहारा बच नहीं सकता है इस टेप कांड से आखिरकार सुब्रत राय को एक दलाल का सहारा क्यों लेना पड़ा ? अब तो ये भी जांच होनी चाहिए कि जब से उपेंद्र राय सहारा में आए हैं तब से लेकर आज तक जितनी भी कारपोरेट स्टोरी चैनल में चली है और चल रही है कहीं उसमें भी दलाली तो नहीं है। जांच तो होनी चाहिए और होगी भी। सहारा के मीडिया साथी को एक आदमी के कारण जलालत झेलनी पड़ेगी। इसके पहले जितने भी सहारा के चीफ आए कम से कम दलाल तो नहीं थे। भगवान बचाए ऐसे न्यूज़ डायरेक्टर से सहारा के मीडिया साथियों को।

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  • Sahara ko Upendra Rai hi naheen,unke aane ke bad ese kayee dalal mil gaye hain..jo ashleel CD tak ke mamle mein charchit rahe hain.yakeen na ho to assignment tak pahunche ek stringer ke mail ko hi dekh lijiye.

    From: “Anil Mountabu” Add sender to Contacts
    To: samayassignment@gmail.com
    Cc: upendra.rai@sahara.co.in
    आदरणीय सर,
    बहुत ही दुःख के साथ लिख रहा हूँ की सहारा परिवार के नए प्रभारी जी श्री अजय शर्मा के साथ काम करना मेरे लिए ही नहीं,सभी स्ट्रिंगर्स और रिपोर्टर्स के लिए मुश्किल हो गया है.वो आये दिन गली गलोच तो करते ही हैं,यह भी चेतावनी देते रहते हैं की चाहे जिसे शिकायत करें,उनका कुछ बिगड़ने वाला नहीं है क्योंकि वह जूता मारकर संस्थान में आये है,किसी की मेहरबानी से नहीं.उनके मुताबिक जब तक सी बी आई में तैनात उनके मित्र गल्होत्रा साहब प्राईम मिनिस्टर ऑफिस में हैं,तब तक न कोई राय साहब उसका बाल बांका कर सकते हैं और न ही कोई चेनल हेड या रिपोर्टर.ऐसे में हमारी तो उनके सामने औकात ही क्या है की उनकी शिकायत करें.
    लेकिन अब उनके गंदे व्यव्हार को बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया है.चाहे खबर को लेकर माउन्ट आबू की एस डी एम तीन सोनी से हुआ मेरा विवाद हो चाहे श्रीमती सोनी द्वारा मेरा मकान तोड़ देने की घटना.हर बार सोनी जहाँ सहारा परिवार और खुद अजय शर्मा के बारे में जहाँ उलटा सुलता बकती रही ,वहीं अपनी अश्लील सी डी के बाज़ार में मौजूद होने की चर्चाओं के बीच श्री शर्मा न जाने क्यों टीना सोनी का समर्थन और मेरी खिलाफत में जुटे रहे.माउन्ट आबू में तापमान के अचानक गिराने की खबर आपको बताने के बाद तो उनका पारा इतना गरम हुआ है की वह न केवल जन्मा से मिले संस्कारों को भूल गए है,बल्कि सहारा परिवार की मां मर्यादाओं को भी भूल गए हैं.आये दिन गली गलोच करने और उसे सुनाने तक ही बात सिमित होती तो भी बात अलग थी.अब तो वह यह भी चेतावनी देने लगे हैं की सहारा को अपना जहाज सही सलामत रखना है तो उनसे बनाकर रखना ही पड़ेगा.शर्माजी यह सब पता नहीं किस अभिमान और प्राईम मिनिस्टर ऑफिस में तैनात पता नहीं किस अधिकारी की धोंस में कह रहे हैं.लेकिन मेरा निवेदन यही है की में पर बेंकिंग हो चाहे सहारा होउसिंग या मीडिया,हर जगह सहारा की परमपराओं को कायम रखते हुए काम करता रहा हूँ.और अब आये दिन सहारा परिवार,सहारा श्री और हमारे बारे में कुछ भी सुनाने की स्थिति में नहीं हूँ.हो सकता है प्राईम मिनिस्टर ऑफिस में बैठे गल्होत्रा साहब उपयोगी हों या पवार फुल हों.लेकिन इसका अर्थ यह भी नहीं की एक अश्लील सी डी के कारन छः साल तक मीडिया से बाहर रहकर किसी बिल्डर के लिए काम करता रहा व्यक्ति सहारा मिडिया का राजस्थान प्रभारी बनकर माननीय सहारा श्री तक को चेलेंज करे और आये दिन हमें जलील करे.
    मैंने पांच सालों में संस्थान की सेवा में न पहले कोई कमी रखी है और न ही रखना चाहता हूँ.बस एक अनुरोध है की हमें इस अमानवीय व्यवहार और सी बी आई के अधिकारी की धोंस देने वाले व्यक्ति की जलालत से बचाएं.यदि इस शख्स के रसूखात सच मच इतने ही बड़े हैं तो संस्थान के हित में मुझे अलग होने में कोई दिक्कत नहीं है.लेकिन यह जांच फिर भी होनी चाहिए की सी बी आई में अपनी पकड़ और संस्थान की मजबूरी की बात कह कह कर यह व्यक्ति कितने लोगों को परेशान कर चुका है और कितने लोग अब तक ज्वाइन करने के साथ ही नौकरी छोड़ कर जा चुके हैं.
    उम्मीद है इस मामले में उचित जांच कर हमें प्रधान मंत्री कार्यालय में तैनात सी बी आई के अधिकारी की धोंस और अजय शर्मा की बादतमीजी से निजात दिलाएंगे.मेरे काम और व्यवहार को लेकर सहारा के रीजनल हेड बन्नाशिजी समेत पर बेंकिंग के अधिकारीयों से ही नहीं सहारा मिडिया में जिम्मेदार पदों पर दिल्ली और जयपुर में रहे प्रमुख लोगों से भी जांच की जा सकती है.गलती होने पर कान पकड़ कर गलती मानने में भी मैंने कोई हिचक नहीं रखी और संस्थान के सम्मान और काम के लिए जान लगा देने में भी मैंने कसार नहीं छोड़ी लेकिन अब पानी सर के ऊपर जा रहा है,इसलिए आपको लिखना मजबूरी हो गया है.
    आपका ही ,
    अनिल एरन

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