पत्रकार वार्ता में नेता ने बांटे हजार के नोट, पत्रकारों ने किया बॉयकाट

गुड़गांव के शमां रस्टोरेंट में शनिवार को आयोजित एक तथाकथित कांग्रेसी नेता ने हजार के नोट बांटकर पत्रकारों को खरीदने की कोशिश की। इस पर गुस्साए मीडियाकर्मियों ने नोट का लिफाफा कांग्रेसी नेता को वापस कर पत्रकार वार्ता का बॉयकॉट कर दिया। बाद में तथाकथित कांग्रेसी नेता अपने रवैए पर माफी मांगकर मामले को सुलटाने की कोशिश भी की।

उधर, इस मामले पर जिला कांग्रेस कमेटी के शहरी अध्यक्ष जीएल शर्मा ने लिखित स्पष्टीकरण देकर उस तथाकथित कांग्रेसी नेता से कांग्रेस का संबंध होने से इनकार कर दिया।

दरअसल मेवात में आयोजित सोनिया गांधी की रैली में राव इंद्रजीत के साथ हुए बर्तात को लेकर उनके तथाकथित समर्थक अरविंद वर्मा ने एक प्रेसवार्ता आयोजित की थी। पर पत्रकार वार्ता की शुरुआत में ही अरविंद वर्मा ने मौजूद सभी मीडियाकर्मियों को एक-एक लिफाफा पकड़ा दिया। उसमें हजार का नोट देखकर मौजूद सभी मीडियाकर्मी भड़क गए। उन्होंने तुरंत पत्रकार वार्ता का बॉयकाट कर दिया। अरविंद वर्मा स्‍वयं को जिला कांग्रेस कमेटी शहरी का महासचिव बता रहा था।

इस मामले पर जब कांग्रेस कमेटी के शहरी जिला अध्यक्ष जीएल शर्मा से बात की गई तो उन्होंने लिखित रूप से स्पष्टीकरण देकर अरविंद वर्मा नामक किसी भी व्यक्ति के पार्टी में होने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि अरविंद वर्मा नामक किसी भी व्यक्ति को शहरी ईकाई में महासचिव नहीं बनाया गया है। अगर कोई व्यक्ति कांग्रेस का नाम लेकर कोई भी पत्रकार वार्ता या अन्य कोई काम करता है तो इसकी जिम्मेदारी स्‍वयं उस व्यक्ति की होगी।

नेता द्वारा पत्रकारों को पैसे देने की खबर को लगभग सभी छोटे और बड़े अखबारों  ने  दबा दिया. पंजाब केसरी और आज समाज को छोड़कर किसी भी इस खबर को प्रकाशित करने का जहमत नहीं उठाया.  इन दोनों अखबारों ने अंबाला एडिशन में इस खबर को प्रकाशित किया है.

Comments on “पत्रकार वार्ता में नेता ने बांटे हजार के नोट, पत्रकारों ने किया बॉयकाट

  • अभिषेक says:

    क्या अजीब खबर छाप रहे हैं यशवंत भाई.. ये तो बच्चों की मिठाई के लिए दिए गए थे.. दरअसल एक दो समझदार पत्रकारों ने खबर छाप कर नेता जी की भावना की लीज रख ली… याद होगा आपके ही पोर्टल पर अर्सा पहले ऐसी ही खबर छपी थी जिसमें किसी उभरती महिला नेता ने दिल्ली में भी ऐसे ही ‘बच्चों की मिठाई’ के लिए ‘छोटा सा नज़राना’ पेश किया था… तब भी सवाल उठाया गया था कि अगर नोट बड़ा होता तो..? सवाल आज भी वही है.. कोई जवाब..?

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  • Raja Singh says:

    बड़ा चिरकुट टाइप का नेता है। साला पत्रकारों को एक-एक हजार के नोट बाँट रहा है। पैकेट मोटे करके देना चाहिए था। इसीलिए नैतिकतावादी पत्रकारों ने पैकेट लेने के बाद वापस कर दिये। जय….जय

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