पत्रकार सुशील हत्‍याकांड की सीबीआई जांच की मांग

: पत्रकारों ने जिला मुख्‍यालय पर दिया धरना : बिलासपुर के पत्रकारों ने दैनिक भास्कर के वरिष्ठ पत्रकार सुशील पाठक के हत्यारों की दो महीने बाद भी गिरफ्तारी न होने पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ धरना दिया. नेहरू चौक पर धरनारत पत्रकारों का गुस्‍सा पुलिस की नाकामी पर फूट पड़ा. पत्रकारों ने जांच पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपे जाने की मांग की. कलक्‍टर के माध्‍यम से मुख्‍यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया.

लगभग दो महीने बाद भी सुशील के हत्‍यारों की गिरफ्तारी न होने पर प्रेस क्‍लब के बैनर तले पत्रकारों ने मोर्चा खोल दिया. पत्रकारों ने आरोप लगाया कि दो महीने बाद भी हत्‍यारों की गिरफ्तारी न होना कानून व्‍यवस्‍था के लिए चुनौती है. यह किसी भी समाज के लिए उचित नहीं है. पत्रकारों ने मांग किया कि किसी भी कीमत पर हत्‍यारों की गिरफ्तारी जरूरी है. चाहे मामला भले ही सीबीआई को सौंपनी पड़े. शासन-प्रशासन को अपनी जिम्‍मेदारी समझने की जरूररत है. पुलिस चोरी, डकैती, लूट जैसी घटनाओं को रोकने में अक्षम हो रही है, जिसके चलते शहर में अपराध बढ़ते जा रहे हैं. सुशील पाठक के हत्‍यारों का खुला घूमना इस बात का प्रमाण है.

सर्वदलीय मंच के लोगों ने आरोप लगाया कि आम आदमी और पत्रकारों के प्रति पुलिस का रवैया उपेक्षापूर्ण है. तभी पुलिस सुशील के असली हत्‍यारों की गिरफ्तारी के लिए कोई सार्थक कदम नहीं उठा रही है. पत्रकारों ने मुख्‍यमंत्री से मांग की कि हत्‍याकांड की जांच सीबीआई से कराई जाय. गौरतलब है कि पिछले साल 18-19 दिसंबर की रात पत्रकार सुशील पाठक की सरकंडा स्थित उनके निवास के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

सर्वदलीय मंच के दबाव में राज्य शासन ने एसपी का तबादला कर दिया और जांच के लिए विशेष टीम का गठन कर दी, लेकिन अब तक कोई सार्थक नतीजा सामने नहीं आया. पुलिस शक के आधार पर एक व्‍यक्ति को गिरफ्तार किया है परन्‍तु उसके पास से भी हत्‍या में प्रयुक्‍त हथियार तथा सुशील का मोबाइल पुलिस बरामद नहीं कर पाई है. धरना-प्रदर्शन में मुंगेली, कोटा, पेंड्रा, तखतपुर, लारेमी समेत पूरे जिले के पत्रकार शामिल होने के लिए आए थे.

धरना देने वालों में ज्ञान अवस्‍थी, प्राण चड़ढा, मनीष दवे,  नंदकिशोर शुक्ल, बजरंग केडिया, हबीब खान, ओपी शर्मा, वासु कलवानी, बल्लू दुबे, सूर्यकांत चतुर्वेदी, कौशल मिश्रा, कमलेश शर्मा, प्रियंक परिहार, तिलकराज सलूजा, सलीम काजी, दिनेश ठक्कर, दिलीप जगवानी, राजेश दुआ, अनिल टाह, सुदीप श्रीवास्तव, शहजादी कुरैशी, हर्ष पाण्डेय, यशवंत गोहिल, विश्वेश ठाकरे, सुनील चिंचोलकर, अशोक व्यास, सुब्रत पाल, कृष्णा गोस्वामी, कृष्णा तंबोली, बल्लू दुबे, कमल दुबे, वीरेन्द्र शर्मा, रविशंकर मिश्रा, सतीश मिश्रा, जोगेंदर खालसा, रियाज अशरफी, सुरेश केडिया, रमेश दुबे, संतोष ठाकुर, रमेश शर्मा, धर्मेश दुबे आदि मौजूद थे. संचालन किशोर श्रीवास्‍तव ने किया.

Comments on “पत्रकार सुशील हत्‍याकांड की सीबीआई जांच की मांग

  • santosh jain.raipur says:

    do mahine bad bhi aapka housla barkarar hai,aap ko mera salam,kuch dabav rajdhani me bhi jaroori hai,vidhan sabha me halla hua hai ,lekin bahro ko dhol sunayee nahi deta,

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