भोपाल में अपनी लांचिंग से दूसरे अखबारों को हक्का-बक्का कर देने वाला पत्रिका अब इंदौर का किला फतह करने के लिए कूच कर गया है। इंदौर की लांचिंग के लिए तैयारियां गुपचुप तरीके से की जा रही हैं। संपादक भुवनेश जैन भोपाल के बाद अब इंदौर में डेरा डाले हुए हैं और वहां की दिन प्रतिदिन की रणनीति और कार्य पर नजर रखे हुए हैं।
भोपाल में पत्रिका ने अपना संस्करण एकाएक मार्केट में लाकर दूसरों अखबारों को क्लीन बोल्ड कर दिया था। इसके चलते हड़बड़ी में भास्कर को 16 पन्ने का नया टैबलायड अपने पाठकों के लिए फ्री लाना पड़ा। हड़बड़ी में यह टैबलायड निकाले जाने से इसकी शुरुवाती क्वालिटी ठीक न थी सो भास्कर ने अपने दिग्गजों को टैबलायड डीबी स्टार सुधारने के लिए बुलाया। इसके बाद दैनिक भास्कर, जयपुर के संपादक कल्पेश याज्ञनिक को डीबी स्टार का संपादक नियुक्त कर दिया गया। अब यह प्रोडक्ट बेहतर निकल रहा है। पर इस शुरुवाती झटके से संभले भास्कर ने अपने इंदौर के किले को यूं ही न जाने देने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। भास्कर का इरादा है कि इंदौर में पत्रिका के लांच से पहले ही वो अपने पाठकों को इतना कुछ दे दे कि उन्हें किसी नए अखबार की तरफ झांकने की जरूरत ही न पड़े। देखते हैं, भास्कर की यह रणनीति कितनी सफल होती है और पत्रिका इंदौर में भास्कर को पटकनी देने में सफल हो पाता है या नहीं?











