पदमजी का संपूर्ण इस्तीफानामा जल्द

Padam Patiहिंदी मीडिया के मशहूर खेल पत्रकार पदम पति शर्मा उन दिनों दैनिक हिंदस्तान में बनारस में सहायक संपादक  हुआ करते थे। उन्होंने 26 अप्रैल 2002 को  अपने अखबार  के प्रधान संपादक को एक लंबा-चौड़ा पत्र लिखा। पत्र को मेल से भेजने के तुरंत बाद उन्होंने संस्थान को टाटा बाय बाय बोल दिया। पदम जी का वह  इस्तीफानामा कई मायनों में ऐतिहासिक दस्तावेज की तरह है। तीन दशकों तक हिंदी प्रिंट मीडिया के लिए खेल पत्रकारिता के पर्याय रहे पदम जी ने इस्तीफे में अपने पूरे खेल जीवन के मर्म को निचोड़कर रख दिया है।

इसमें उन्होंने अपने जीवन, अपने करियर, अपने मिशन, अपने दुखों, अपनी  भावना, अपनी सोच को उजागर किया है। यह इस्तीफानामा भड़ास4मीडिया को एक अनाम सज्जन ने मेल के जरिए उपलब्ध कराया। पत्र पदम जी का ही है, यह कनफर्म करने के लिए भड़ास4मीडिया टीम ने पदम जी से संपर्क करने के लिए उनके पुराने दिनों के मित्रों और शिष्यों से संपर्क स्थापित किया। पदम पति का मोबाइल नंबर उपलब्ध होने पर जब उन्हें इस्तीफे में लिखी बातों को पढ़कर सुनाया गया तो पहले तो वे इस बात पर चौंके कि यह भड़ास4मीडिया तक कैसे पहुंचा, बाद में उन्होंने इस पत्र को वास्तविक बताया और इसे भूली बिसरी एक कहानी  बताकर इससे पल्ला झाड़ने की कोशिश की।

भड़ास4मीडिया ने पदम पति से अनुरोध किया कि वे अपनी तस्वीर भेज दें तो यह इस्तीफानामा भड़ास4मीडिया पर प्रकाशित किया जाए ताकि पत्रकारिता की आज की पीढ़ी जो पैसे व पद के लिए हर तरह के समझौते करने को तत्पर है, जान सके कि किस तरह अपने वरिष्ठ पत्रकार नीतिगत मुद्दों पर लड़ा करते थे और पत्रकारिता को एक मिशन व एक जुनून की तरह जिया करते थे। तब अखबार छोड़ने का मतलब पद व पैसे का बड़ा आफर नहीं बल्कि सिद्धांत व विचार को पूरी संपूर्णता के साथ जी पाने की आजादी हुआ करता था।

पदम पति शर्मा इन दिनों अंग्रेजी की एक मैग्जीन में सीनियर एसोसिएट एडीटर हैं। इससे पहले वे दैनिक आज, अमर उजाला, दैनिक जागरण, दैनिक हिंदुस्तान आदि बड़े अखबारों में असिस्टेंट एडीटर और स्पोर्ट्स एडीटर के रूप में सर्वेसर्वा रहे। इन्होंने न सिर्फ इन अखबारों के खेल पन्नों को तेवरदार, धारधार और पठनीय बनाया बल्कि खेल की खबरों को लिखने व पढ़ाने का नया अंदाज रचा। कहने वाले तो यहां तक कहते हैं कि पदम जी ने हिंदी हार्टलैंड के पाठकों को क्रिकेट पढ़ना सिखाया। उन्होंने हिंदी अखबारों को कभी अपना प्रतिस्पर्धी नहीं माना और अंग्रेजी अखबारों को मुख्य प्रतिस्पर्धी मानकर उनको पछाड़ने का प्रयास किया। इस बात की तस्दीक अंग्रेजी के दिग्गज खेल पत्रकार भी करते हैं। तभी तो टाइगर पटौती (मंसूर अली खान) के संपादन वाली विख्यात अंग्रेजी खेल साप्ताहिक स्पोर्ट्स वर्ल्ड में विशेष स्थान देते हुए उन पर संपादकीय लिखा गया।

पदम पति शर्मा सही मायनों में खेल पत्रकारिता के एक संस्थान की तरह हैं और हमारी हिंदी मीडिया के उस हीरो की तरह हैं जिसने अपने जीवन में हमेशा दूसरों को सिखाने-बढ़ाने के साथ-साथ पत्रकारिता के झंडे को बुलंद रखने के लिए हमेशा सब कुछ दांव पर लगाने को तत्पर रहे और समय आने पर तेरा तुझको अर्पण क्या लागे जो मेरा है  के अंदाज़ में यह लो अपनी लकुट कमरिया  बोलकर अपनी स्टाइल में बिंदास जीवन जीने को अकेले ही आगे बढ़ चले।

उनकी चिंता में आज भी खेल पत्रकारिता सर्वोपरि है।

भड़ास4मीडिया पर जल्द ही पदम पति शर्मा का संपूर्ण इस्तीफानामा पेश किया जाएगा और उसके बाद पदम पति शर्मा का विस्तृत इंटरव्यू प्रकाशित किया जाएगा। पदम पति शर्मा से आप भी कुछ सवाल करना चाहते हैं तो लिख भेजिए yashwant@bhadas4media.com पर। हम आपके सवाल उनके सामने पेश करेंगे।

उससे पहले इंतजार करिए पदम पति शर्मा का संपूर्ण इस्तीफानामा, जो जल्द भड़ास4मीडिया पर आनलाइन किया जाएगा।

 

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