प्रबल प्रताप सिंह और अनिल अब्राहम के बारे में सूचनानुमा अफवाहें

दो सूचनानुमा अफवाहें हैं. पहली यह कि सहारा मीडिया से भगाए गए अनिल अब्राहम फिर दुल्हन बनाकर इसी विंग में लाए जा रहे हैं. उनसे पहले स्वतंत्र मिश्रा भी भगाए गए थे पर उनकी भी फूलमालाओं के साथ आश्चर्यजनक तरीके से वापसी कराई गई. और, स्वतंत्र मिश्रा के आने के कई माह बाद उसी अंदाज में अनिल को भी सहारा मीडिया में ले आया गया है. कहने वाले कहते हैं कि वापसी से संबंधित सूचनार्थ कागजात सहारा मीडिया के आफिसों में चस्पा हो गए हैं, पर हम यही कहेंगे कि यह तो अफवाह है, पता नहीं सच है या नहीं.

दूसरी खबर आईबीएन7 में कार्यरत प्रबल प्रताप सिंह के बारे में है. वो यह कि प्रबल जल्द ही आईबीएन7 से इस्तीफा देकर नई पारी की शुरुआत आजतक न्यूज चैनल के साथ करने वाले हैं. ऐसी संभावनानुमा आशंका है. प्रबल प्रताप की पहचान आजतक न्यूज चैनल में काम करने के दौरान ही बनी थी. वे अफगानिस्तान गए और वहां के बम-कट्टों-तोपों के बीच खुद को बचते-बचाते दिखाकर बड़े आदमी बन गए.  फिर वे वहीं से चैनल7 चले आए जो बाद में आईबीएन7 बन गया. हालांकि खुद प्रबल भड़ास4मीडिया से बातचीत में कहते हैं कि ये खबर भरपूर झूठ से भरी है लेकिन टीवी वाले कई बड़े लोग हैं कि मानते ही नहीं कि ऐसी चर्चा गलत है. देखना है कि यह अफवाहनुमा खबर भविष्य में सच होती है या आए दिन धड़ाम-बड़ाम होती मार्केट, टीआरपी और जिंदगी की तरह ही झूठासच या सच्चाझूठ हो जाती है.

कानाफूसी कैटगरी की खबरें सच भी होती हैं और पूरी तरह झूठ भी. इसलिए इसे अपनी इच्छा व स्वभाव के अनुरूप पढ़ें. इन खबरों को जो भरोसेमंद मानकर पढ़ेगा और कोर्ट-कचहरी की बातें करेगा वो वाकई मूर्ख होगा. अपनी मूर्खता या विद्वता प्रदर्शित करने के लिए आप नीचे दिए गए कमेंट बाक्स का सहारा ले सकते हैं या फिर bhadas4media@gmail.com पर सीधे मेल कर सकते हैं. हम आपके लिखकर भेज देने की हिम्मत की एडवांस में सराहना करते हैं.

Comments on “प्रबल प्रताप सिंह और अनिल अब्राहम के बारे में सूचनानुमा अफवाहें

  • कुमार सौवीर, लखनऊ says:

    मैं अपनी मूर्खता और विद्वता, दोनों का ही प्रदर्शन करना चाहता हूं।
    कृपया इस मूर्ख-विद्वान यात्रा-कारवां में मुझे अनुमति दें।

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  • kumarkalpit says:

    yashwant jee, shahitya me thunk kar chatna vibhatsah rsh hai tw kuch logon ke liye yah shringar rsh hota hai. sahyad sahara bhi unme se yek hai. anil abraham kaya abhi dekhiye dastwin se kis-kis ko jhar-ponchkar nikalte hai. sahara ne kuch karmchariyon ko nikal dene ke baad vighapan dekar unse sambandh na rakhne ki hidayat tak de dalee lekin baad me unhe samman ke sath rakh liya. ab inse kawn puche ki bhiya jb thunk diya tw chata kawn. kaya mediakamiyon ka tota par gaya hai.

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  • krishan gopal raj says:

    prabal ji ke baarey me yeh likhna ki bombs se bachtey dikha kar badey aadmi ban gaye , yeh koi frustreted banda hi likh sakta hai sher ko gidad aur choohon se title ki zaroorat nahi hai . jab dangey me goliyan chalti hai tab kai patrakar apni khisakti pent sambhalne lagtey hai vahan to bomb aur rocket chal rahe the .sabhya bhasha ka prayog dusron ko bhi prarit karta .

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