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बीपीएन टाइम्‍स आगरा से आरई अमी आधार निडर सहित बीस का इस्‍तीफा

: अखबार की हालत दयनीय : चिटफंड कंपनी बीपीएन ग्रुप का अखबार बीपीएन टाइम्‍स आगरा में भी बंद होने के कगार पर पहुंच गया है. खबर है कि आगरा के स्‍थानीय संपादक अमी आधार निडर समेत डेढ़ दर्जन से ज्‍यादा लोगों ने अखबार को अलविदा कह दिया है. बताया जा रहा है कि ग्‍वालियर में चिटफंड कंपनी के प्रेस समेत कई संपत्तियों पर सरकारी कब्‍जा होने के बाद से ही अखबार की स्थिति दयनीय हो गई थी, जिसके बाद एक साथ इतने लोगों ने प्रबंधन को अपना इस्‍तीफा सौंप दिया.

<p style="text-align: justify;">: <strong>अखबार की हालत दयनीय</strong> : चिटफंड कंपनी बीपीएन ग्रुप का अखबार बीपीएन टाइम्‍स आगरा में भी बंद होने के कगार पर पहुंच गया है. खबर है कि आगरा के स्‍थानीय संपादक अमी आधार निडर समेत डेढ़ दर्जन से ज्‍यादा लोगों ने अखबार को अलविदा कह दिया है. बताया जा रहा है कि ग्‍वालियर में चिटफंड कंपनी के प्रेस समेत कई संपत्तियों पर सरकारी कब्‍जा होने के बाद से ही अखबार की स्थिति दयनीय हो गई थी, जिसके बाद एक साथ इतने लोगों ने प्रबंधन को अपना इस्‍तीफा सौंप दिया.</p> <p style="text-align: justify;" />

: अखबार की हालत दयनीय : चिटफंड कंपनी बीपीएन ग्रुप का अखबार बीपीएन टाइम्‍स आगरा में भी बंद होने के कगार पर पहुंच गया है. खबर है कि आगरा के स्‍थानीय संपादक अमी आधार निडर समेत डेढ़ दर्जन से ज्‍यादा लोगों ने अखबार को अलविदा कह दिया है. बताया जा रहा है कि ग्‍वालियर में चिटफंड कंपनी के प्रेस समेत कई संपत्तियों पर सरकारी कब्‍जा होने के बाद से ही अखबार की स्थिति दयनीय हो गई थी, जिसके बाद एक साथ इतने लोगों ने प्रबंधन को अपना इस्‍तीफा सौंप दिया.

इस्‍तीफा देने वालों में स्‍थानीय संपादक अमी आधार निडर समेत अंबुज उपाध्‍याय, अनुज उपाध्‍याय, मुनेन्‍द्र शंकर त्रिवेदी, तरुण कुमार, बीएस राघव, योगेश पाठक, हेमन्‍त कुमार, राहुल सिंह, रवि शर्मा, बिहारी शरण शर्मा, मनोज चौहान समेत कुछ अन्‍य लोग भी शामिल हैं. ये लोग संपादकीय, मार्केटिंग एवं सर्कुलेशन डिपार्टमेंट में कार्यरत थे. खबर है कि प्रबंधन ने निडर के इस्‍तीफे के बाद दो महीने पहले अखबार से छंटनी के नाम पर निकाले गए सब एडिटर शंकर देव तिवारी को अखबार की कमान सौंपी है. खबर है कि अब वे अखबार के प्रकाशन की जिम्‍मेदारी उठा रहे हैं. सैकड़े की संख्‍या में अखबार दिल्‍ली से प्रकाशित होकर आ रहा है.

उल्‍लेखनीय है कि पिछले साल ही बीपीएन टाइम्‍स का प्रकाशन आगरा से शुरू हुआ था. अमी आधार निडर को इस अखबार का स्‍थानीय संपादक बनाया गया था. डा. निडर इसके पूर्व आई-नेक्‍स्‍ट आगरा के इंचार्ज थे. लगभग 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय निडर ने अमर उलाला से अपने करियर की शुरुआत की थी. उसके बाद वे जागरण के साथ दस वर्षों तक आगरा, मथुरा, मेरठ, अलीगढ में रहे. ये पत्रकारिता पर किताबें भी लिख रहे हैं. संपादक बनने के बाद निडर ने कई तेजतर्रार लोगों को अपने साथ जोड़ा था. बीते समय में सब कुछ ठीक चल रहा था, परन्‍तु मध्‍य प्रदेश में चिटफंड कंपनियों पर कार्रवाई के बाद अखबार की स्थिति खराब हो गई थी.

चिटफंड का धंधा करने वाले बीपीएन ग्रुप पर भी एमपी सरकार ने अपना शिकंजा कर दिया था. मध्‍य प्रदेश के ग्‍वालियर में अखबार के प्रिंटिंग प्रेस पर भी ताला जड़ दिया गया था. इसके बाद से ही आगरा में अखबार प्रकाशन पर प्रभाव पड़ने लगा. कर्मचारियों की सेलरी भी लटक गई. पिछले तीन माह से कर्मचारी बिना सेलरी के काम कर रहे थे. अखबार भी ग्‍वालियर की बजाय किसी तरह दिल्‍ली से छपकर आ रहा था. इसके बाद स्‍थानीय संपादक पर वेतन दिलाने का दबाव कर्मचारियों की तरफ से बढ़ने लगा था. खबर है कि उन्‍होंने सभी कर्मचारियों का बकाया दिलवाकर अपने भी अखबार से इस्‍तीफा दे दिया. अखबार की स्थिति देखते हुए सेलरी मिल जाने के बाद डेढ़ दर्जन दूसरे लोगों ने भी अपना इस्‍तीफा सौंप दिया.

उल्‍लेखनीय है कि एमपी में बीपीएन टाइम्‍स के तमाम धंधे बंद पड़े हुए हैं. इस ग्रुप की कई सम्‍पत्तियों पर सरकार ने अपना कब्‍जा जमा लिया है. इसके मालिकों के ऊपर भी दो हजार का इनाम घोषित किया गया है. वे लोग फरार चल रहे हैं. बीपीएन टाइम्‍स का मध्‍य प्रदेश में सभी संस्‍करण बंद हो चुके हैं. फिलहाल दिल्‍ली संस्‍करण किसी तरह चलाया जा रहा है. वहीं से छपकर आगरा में भी कुछ सौ कापियां फिलहाल भेजी जा रही हैं. पर यह कब तक चलेगा कहना मुश्किल है. इधर, बताया जा रहा है कि अमी आधार निडर जल्‍द ही एक ग्रुप से अपनी नई पारी शुरू करने वाले हैं. सभवत: पितृपक्ष के बाद वे ज्‍वाइन कर लेंगे.

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0 Comments

  1. rahul singh

    September 19, 2011 at 2:04 pm

    आज फिर में और मेरे साथी, जीवन की उस्सी देहलीज पर आ खड़े हो गए हैं, जहाँ पर हमने कभी आपने करियर की शुरुआत की थी, बस फर्क सिर्फ इतना हैं की तब हम करियर के राह में अकेले थे और ने थे, लकिन आज हम न तो अकेले हैं और ना ही नए हैं …… अब आगे देखना हैं की ज़िन्दगी हम लोगों को कहाँ ले जाती हैं ….

  2. saurabh varshney

    September 20, 2011 at 8:26 am

    ami je ko namaskar, sir thankyu kam se kam apne kuch sahas to dikhaya aur aap to vo hera ho jo kese johari ko mil jaye to bah malamal ho jaye, meri subh kamnaye apke sath he sir your are great men

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