मजीठिया की सिफारिश लागू कराने के लिए मीडियाकर्मी सड़क पर उतरे

पत्रकारों, संवाद एजेंसियों अखबारी कर्मचारियों के लिए गठित जस्टिस मजीठिया वेतनबोर्ड की सिफ़ारिशें लागू करने की मांग पर देश भर के पत्रकारों ने श्रम मंत्रालय के समक्ष करीब दो घंटे तक अभूतपूर्व प्रदर्शन किया. कर्मचारी नेताओं ने वेतनबोर्ड की सिफ़ारिशें पांच अप्रैल तक लागू करने का सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर वह नतीजे भुगतने को तैयार रहे.

कांफ़ेडरेशन आफ़ न्यूजपेपर एंड न्यूज एजेंसी एम्प्लायज आर्गेनाइजेशन्स के बैनर तले रफी मार्ग पर श्रम मंत्रालय के समक्ष लगभग दो घंटे तक चले प्रदर्शन की वजह से यातायात पूरी तरह ठप रहा. अखबारी कर्मचारियों की विभिन्न फ़ेडरेशनों ने परस्पर मिलकर बनाये गये कान्फ़ेडरेशन के बैनर तले अपने आक्रोश का इजहार कर अपनी जोरदार एकजुटता का परिचय दिया.

प्रदर्शन के दौरान कांफ़ेडरेशन आफ़ न्यूजपेपर एंड न्यूज एजेंसी एम्प्लायज आर्गेनाइजेशन्स के महासचिव एम एस यादव ने मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफ़ारिशें लागू करने के लिए सरकार को पांच अप्रैल तक का समय दिया. उन्होंने कहा कि यदि उक्त अवधि तक सिफ़ारिशें लागू नहीं हुई तो श्रम मंत्री नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहें.

पत्रकारों ने प्रदर्शन के दौरान वेतनबोर्ड की सिफ़ारिशें लागू करने के साथ साथ ट्रिब्यून अखबार से निलंबित कर्मचारियों को भी बहाल करने की जोरदार मांग की. यादव ने कहा कि कान्फ़ेडरेशन के बैनर तले देश भर से आये विभिन्न कर्मचारी महासंघों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपनी भारी एकजुटता का परिचय दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि 31 दिसंबर की तयसीमा के भीतर वेतनबोर्ड का रिपोर्ट दिये जाने के बावजूद सरकार जानबूझ कर इस मामले में देर कर रही है.

इस प्रदर्शन में चंडीगढ़ के ट्रिब्‍यून से आए कर्मचारियों के जत्‍थे के अलावा पीटीआई, यूएनआई, टाइम्‍स ऑफ इंडिया, इंडियन एक्‍सप्रेस एंप्‍लाइज यूनियन समेत एआईएनईएफ, आईएफडब्‍ल्‍यूजे, एनयूजे, डीयूजे, दिल्‍ली प्रेस यूनिटी सेंटर, एसोसिएशन ऑफ एक्रिडेटेड न्‍यूज कैमरामैन,  नेशनल एलायंस ऑफ जर्नलिस्‍ट आदि संगठनों से जुड़े लोगों ने भाग लिया.

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