‘महुआ वाले चिरकुट ब्‍यूरो के कर्म से जल्‍द बरबाद हों’

आदरणीय यशवंतजी, मेरा नाम चंदन चौधरी है. मुझे महुआ न्‍यूज के लिए महाराजगंज का संवाददाता बनाया गया था. ये दया मेरे ऊपर गोरखपुर के ब्‍यूरो गोपाल जी ने किया, लेकिन ये दया इतना ज्‍यादा हुआ कि आईडी की कौन कहे मुझे तो खबर का भी पूरा भुगतान नहीं किया जाता था. पैसे को लेकर आवाज उठाने पर गोपाल जी ने दूसरे लड़के को रख दिया और उसे तुरंत आईडी भी दे दी गई.

आज कई महीने बीत गए और उस लड़के ने नाम मात्र की खबर भेजी है, लेकिन गोपाल जी शांत हैं. इससे दाल में कुछ काला जरूर लग रहा है, पर महुआ वाले क्‍यों शांत हैं यह समझ में नहीं आ रहा है. मुझे मिले हुए चेक को देखिए और मेरे भेजे खबर को देखिए सब फर्क साफ हो जाएगा. सब मिलाकर महुआ वालों को मेरी बददुआ है कि वो जल्‍द ही ऐसे चिरकुट ब्‍यूरो के कर्म से बरबाद हों.

चंदन चौधरी

पूर्व रिपोर्टर महुआ न्‍यूज

महाराजगंज, उत्‍तर प्रदेश

मोबाइल- 09838410384

chandanntw@gmail.com

Comments on “‘महुआ वाले चिरकुट ब्‍यूरो के कर्म से जल्‍द बरबाद हों’

  • यह कलम आपकी युही चलती रहे यह दुआ हे मेरी रब से की जब तक मेरी जिंदगी का आखिरी पल नहीं आजाए तब तक आपकी कलम युही चलती रहे। इन भ्रस्ट मीडिया वालो की पोल खोलकर रखती रहे । वास्तव में बिंदास लिखा है । लगता नहीं आजकल रंडी धारी पत्रकारिता में भी ऐसा लेख लिखने वाले है। उस ढाई फुट के आदमी को देखो जो की मीडिया का मालिक बन बता है लेकिन मीडिया के लोगो के लिए कुछ नहीं कर रहा है और अपनी लुगाई के साथ मिलकर एक चैनल और खोल डाला है जिससे पत्रकारों का सोसण कर रहा है। पता नहीं क्या होगा इस रंडी धारी पत्रकारिता का ।

    Reply
  • भाई यह घटना आपके साथ कोई नयी नहीं है इससे पहले भी इस तरह के करामात होते रहे है (ताजा उदाहरण राची का है .. पंडितजी , शुक्ला जी के पडोसी मजा मारने आ गए है ) लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है की जिसकी मलाई जितना मोटा है वहा उतना ही देर से मजा मारता है .जिसका कोई नहीं, वह आपके जैसा है . … अगर इन सभी बातों को लेकर तिवारी बाबा केवल कनफुकवा बाबा बनकर रहे जायेंगे तो …… तो ऊपर बैठे यह ढाई फुट के लोग अपना सरल बाजा ऐसे ही बजायेंगे …. इस पर बाबा को ध्यान देने होगा .. नहीं तो महुआ ब्रांड बैंड पार्टी बनकर रह जाएगा . तीन साल से हम निशब्द पद (स्ट्रिंगरो) का मेहनत किया हुआ पैसा लोग खाकर मुस की तरह मोटा होते जायेंगे …… यही नहीं महुआ परिवार की रिवाज है की जिसे परमोसन मिलना चाहिए उसे हटा दिया जाता है परफार्मेंस कहकर …….. ऊपर बैठे लोग नौकरी में दुःख भी दिए और अब जीवनीक दर्द भी ….

    Reply
  • abhi aapne dekha hi kaha hai abhi to ranchi me shuruaat hui hai pahle 2 mehnat kast stringaro ko bahar kar diya gaya hai iske baad se jharkhand ke tamaam stringar bachfoot par chale gaye hai sath hai ab 18 jilo ke stringar ne kaam lagbhag band kar diya hai kuch log to mahuaa ko by by karne ka man bana chuke hai or chhath ke baad ye sarjamin par utarta dikhega

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *