मालिक-संपादक की परम्‍परा को अतुल ने तोड़ा

आगरा। अमर उजाला के प्रबंध निदेशक अतुल माहेश्वरी ने हिंदी पत्रकारिता को नई दिशा देकर इसे प्रवाहमान बनाया। उनका असामयिक निधन मीडिया जगत की अपूरणीय क्षति है। यह विचार ताज प्रेस क्लब में शुक्रवार को संपन्न शोक सभा में वक्ताओं ने व्यक्त किये। अध्यक्षता अनिल शर्मा ने की। श्रद्धांजलि सभा का संचालन करते हुए महासचिव डा. उपेन्द्र शर्मा ने अमर उजाला में अपने कार्यकाल के दौरान अतुलजी के साथ अपने संस्मरण को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वह नई ऊर्जा और चेतना से परिपूर्ण व्यक्तित्व थे।

प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष गजेन्द्र यादव ने अतुलजी की प्रबंधकीय कुशलता को रेखांकित किया। अकिंचन भारत के संपादक संजय तिवारी ने दिवंगत आत्मा को हिंदी पत्रकारिता का अप्रतिम योद्धा करार दिया जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने काम को अंजाम देते रहे। जनसंदेश टाइम्स के ब्यूरो चीफ डा. महाराज सिंह परिहार ने कहा कि उन्होंने अमर उजाला में मालिक-संपादक की परम्परा तोड़ी और अपने बहुआयामी कृतित्व से हिंदी पत्रकारिता को समृद्ध किया। इस अवसर पर अमर उजाला के संपादक राजेन्द्र त्रिपाठी ने अतुलजी के साथ बिताये पच्चीस सालों का अश्रुपूरित स्मरण करके उनके मानवीय मूल्यों की चर्चा की।

शोकसभा में सर्वश्री डा. गिरिजाशंकर, बीपीएन टाइम्स के सिटी प्रभारी दिनेश भदौरिया, शिवकुमार भार्गव, पत्रकार परिषद उ.प्र. के महासचिव के.पी. सिंह, ब्रजेन्द्र पटेल, ब्रजेश दुबे आदि ने अपने श्रद्धासुमन प्रस्तुत किये। इस मौके पर विजय अग्रवाल, महेश धाकड़, मनोज मिश्रा, अरविंद दोहरे समीर, सीमा अरोरा, सत्येन्द्र सिंह फोटोग्राफर आदि सैंकड़ों पत्रकार और छायाकार मौजूद थे।

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