तेरा क्या होगा अमर उजाला!

अतुल जी चले गए. किसी के जाने के बाद कुछ दिन तक चीजें थम जाती हैं. लेकिन राजुल माहेश्वरी ने एक प्रोफेशनल टीम लीडर की भांति कुछ भी थमने नहीं दिया. बड़े भाई के अचानक चले जाने से अंदर से अपार दुखी होते हुए भी बाहर से अपनी टीम के सभी लोगों को प्रेतिर-उत्प्रेरित करते रहे और ऐसे नाजुक मोड़ पर भावुक होने की बजाय ज्यादा ऊर्जा से काम कर अतुल जी के सपने को पूरा करने का आह्वान करते रहे. राजुल के इस स्नेह और प्रेरणा से सभी विभागों और सभी यूनिटों के लीडर्स ज्यादा एक्टिव हो गए और एक मुश्किल घड़ी को सबों ने अदभुत एकजुटता से पार कर लिया.

नवोन्‍मेषक : अमर उजाला के प्रिंट लाइन में अतुल माहेश्‍वरी

ऐसा लग रहा है कि अमर उजाला में वर्चस्‍व की लड़ाई में अग्रवाल परिवार की सहमति अथवा सहभागिता कमजोर होती जा रही है तथा माहेश्‍वरी परिवार का दबदबा तथा वर्चस्‍व उजाला परिवार में बढ़ता जा रहा है. अब तक अमर उजाला के प्रिंट लाइन में संस्‍थापक द्वय स्‍व. डोरी लाल अग्रवाल और स्‍व. मुराली लाल अग्रवाल तथा संपादकों का नाम प्रकाशित होता था. इनके अलावा किसी का नाम नहीं जाता था.

आईएमएस की ताशा को प्रथम अतुल माहेश्‍वरी स्‍मृति गोल्‍ड मेडल

पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्‍वपूर्ण योगदान देने वाले अमर उजाला समूह के पूर्व एमडी स्व. अतुल माहेश्वरी की स्मृति में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की ओर से शुरू किया गया प्रथम गोल्‍ड मेडल आईएमएस, नोएडा की ताशा सिंह परिहार को दिया जाएगा. ताशा ने मास्टर इन जर्नलिज्म में विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध कॉलेजों की कॉमन मेरिट लिस्ट में प्रथम स्थान प्राप्त किया है. विश्‍वविद्यालय ने ताशा को पदक देने की घोषणा की.

मुकाबला धीरेंद्र मोहन व अतुल माहेश्वरी के बीच भी था

नौनिहाल शर्मा: भाग-38 : दैनिक जागरण के बाद अमर उजाला का भी मेरठ से संस्करण शुरू होने पर मेरठ के पुराने स्थानीय अखबारों का अस्तित्व संकट में पड़ गया था। उस समय मेरठ से दो दर्जन से ज्यादा दैनिक अखबार और करीब 800 साप्ताहिक अखबार पंजीकृत थे। इनमें से ज्यादातर नियमित थे। दैनिकों में प्रभात, मेरठ समाचार, हमारा युग और मयराष्ट्र बिकते भी थे। पर नये माहौल में उनकी बिक्री पर बहुत असर पड़ा। मेरठियों को जागरण और अमर उजाला में अपने आसपास की तमाम खबरें पढऩे को मिलने लगीं।

मालिक-संपादक की परम्‍परा को अतुल ने तोड़ा

आगरा। अमर उजाला के प्रबंध निदेशक अतुल माहेश्वरी ने हिंदी पत्रकारिता को नई दिशा देकर इसे प्रवाहमान बनाया। उनका असामयिक निधन मीडिया जगत की अपूरणीय क्षति है। यह विचार ताज प्रेस क्लब में शुक्रवार को संपन्न शोक सभा में वक्ताओं ने व्यक्त किये। अध्यक्षता अनिल शर्मा ने की। श्रद्धांजलि सभा का संचालन करते हुए महासचिव डा. उपेन्द्र शर्मा ने अमर उजाला में अपने कार्यकाल के दौरान अतुलजी के साथ अपने संस्मरण को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वह नई ऊर्जा और चेतना से परिपूर्ण व्यक्तित्व थे।

अतुलजी को याद कर नम हुईं आंखें

नोएडा। अमर उजाला के प्रबंध निदेशक और पत्रकार अतुल माहेश्वरी को बुधवार को हजारों लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सेक्टर-50 स्थित उनके आवास के सामने सी ब्लॉक पार्क में बुधवार अपराह्न संपन्न हुई उठावनी की रस्म में राजनीति, मीडिया, साहित्य, समाजसेवा और उद्योग जगत समेत समाज के हर वर्ग के लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान अतुल जी को याद कर कई बार लोगों की आंखें नम हो गईं।

हिंदुस्तान की परंपरा- मरने वाला महान था

राजीवमहान था तो वो जीते-जी भी रहा होगा…अगर जीते जी महान कहते तो क्या वो महानता का टैक्स मांग लेता…? अतुल माहेश्वरी को जानने वाले पत्रकार प्राणियों की संख्या हजारों में न हो लेकिन सैकड़ों में तो है ही, इसमें कोई शक भी नहीं। कुछ बहुत नजदीक से तो कुछ दूर से उन्हें जानते रहे होंगे। अतुल माहेश्वरी के निधन से पहले कभी किसी पत्रकार प्राणी ने न कोई अफसाना लिखा और न ही फलसफा या फसाना। …आज झड़ी लगी हुई है, क्या इन सभी को इसी दिन का इंतजार था?

अतुल माहेश्‍वरी को श्रद्धांजलि

अमर उजाला के एमडी अतुल माहेश्वरी के निधन पर पलवल के पत्रकारों  ने गहरा शोक प्रकट किया है। पलवल रेस्टहाउस में आयोजित शोक सभा में पत्रकारों ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत माहेश्वरी को अपनी श्रद्वांजलि अर्पित की। शोकसभा की अध्यक्षता पलवल प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता तथा संचालन एचयूजे के जिलाध्यक्ष कंवर रामबीरसिंह ने की। अमर उजाला के पत्रकार प्रकाश राठौर ने दिवंगत अतुल माहेश्वरी के जीवन पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला।

अतुलजी जी पत्रकारिता और पत्रकार दोनों की रक्षा के प्रति सचेत रहे

अमर उजाला के प्रबंध निदेशक पत्रकार अतुल माहेश्‍वरी के निधन से पत्रकारों में शोक की लहर है। प्रेस क्लब द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर अतुल जी को श्रृद्धासुमन अर्पित किया गया। पत्रकारों ने कहा कि देश ने पत्रकारिता क्षेत्र के कुशल शिल्पी और समर्पित साथी को खो दिया है। उनकी कमी सदैव खलेगी। उनके कर्म पथ पर निरन्तर आगे बढ़ना ही अतुल जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

अतुलजी को इतनी जल्‍दी नहीं बुलाना चाहिए था

मैंने अमर उजाला में करीब साढ़े चार साल काम किया। अमर उजाला में ही मैंने इंटर्नशिप की। प्रशिक्षु बना और उसके बाद सब एडिटर। अमर उजाला से मैनें बहुत कुछ सीखा है। सन 2005 से 2010 का वह मेरा सफर मुझे अच्छी तरह याद है। मैं अतुल जी से कभी मिला तो नहीं लेकिन अमर उजाला लखनऊ यूनिट में उनके कार्य और व्यवहार की छवि प्रतिदिन कर्मचारियों में दिखाई देती थी। उनके रहते किसी भी कर्मचारी को यह भय नहीं था कि कभी उसे अखबार से निकाला भी जा सकता है। हर कर्मचारी बड़े ही आत्मविश्‍वास के साथ काम करता था।

अतुलजी की मौत को झुठला देने की कोशिश कर रहे हैं

अतुलजी के साथ काम करने का मौका अमर उजाला की कानपुर यूनिट खुलने के दौरान मिला। मैं भी लॉचिंग टीम में था। उस वक्त यूनिट खोलने की तैयारी जोरों पर थी। तब स्थानीय सम्पादक के तौर पर आदरणीय अच्युतानंद जी पर जिम्मेदारी थी। पहले से किये वायदे के मुताबिक 14 फरवरी 92 को अतुलजी कानपुर पहुंचे और मुझे बुलाकर अच्युताजी से मुलाकात कराई। अखबार मालिक होने के बावजूद अतुलजी ने उनसे कहा कि ये सुनीत हैं और अपने साथ जुड़ना चाहते हैं। बस दूसरे दिन से मैं भी लांचिंग टीम में शामिल हो गया।

अतुल माहेश्वरी के निधन पर उपजा ने शोक जताया

अमर उजला के प्रबंध निदेशक अतुल माहेश्वरी के असामयिक निधन पर यूपी जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) ने शोक जताया है। उपजा ने श्री माहेश्वरी के निधन को मीडिया के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है। उपजा ने अपने शोक संदेश में कहा है कि श्री माहेश्वरी के निधन से न केवल अमर उजाला समूह को आघात लगा है, बल्कि पूरे हिन्दी मीडिया जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है। श्री माहेश्वरी की शख्सियत का अदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने केवल दो शहरों से प्रकाशित होने वाले अमर उजाला का कई प्रदेशों तक विस्तार किया तथा उसे राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।

भाइयों में सबसे तेजतर्रार थे अतुल

अमर उजाला के संस्‍थापक मुरारी लाल माहेश्‍वरी के पुत्र थे अतुल माहेश्‍वरी. मुरारी लाल और डोरी लाल अग्रवाल ने एक साथ मिलकर इस अखबार की नींव डाली थी. मुरारीलाल मूल रूप से मथुरा के रहने वाले थे. इनके तीन पुत्र थे. मुन्‍ना माहेश्‍वरी, अतुल माहेश्‍वरी और राजुल माहेश्‍वरी . तीनों भाईयों में अतुल सबसे तेज तर्रार माने जाते थे. वे अमर उजाला में निदेशक थे. उनके छोटे भाई राजुल भी कंपनी में निदेशक हैं.

बिना आदेश देश न छोड़ें अतुल माहेश्वरी

दिल्ली की एक अदालत ने रिश्वत कांड मामले में चार आरोपियों को जमानत दे दी है. साथ ही इन्हें बिना इजाजत देश से बाहर न जाने को कहा है. स्पेशल सीबीआई जज एएस यादव ने कहा कि 50-50 हजार रुपये के दो बांड भरवाकर अतुल माहेश्वरी, हर्षवर्धन लोढ़ा, विकास शुक्ला और अंकुर चावला को जमानत दे दी गई है. इस प्रकरण के बारे में आउटलुक की वेबसाइट पर प्रकाशित खबर इस प्रकार है-

अतुल माहेश्वरी, अंकुल चावला, वासुदेवन हाजिर हों!

[caption id="attachment_18518" align="alignleft" width="71"]अतुल माहेश्वरीअतुल माहेश्वरी[/caption]: कोर्ट ने अमर उजाला के मालिक अतुल माहेश्वरी और कंपनी लॉ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष आर. वासुदेवन समेत पांच को 24 नवंबर को तलब किया : अमर उजाला के सर्वेसर्वा बनने की चाहत अतुल माहेश्वरी को कहीं का नहीं छोड़ रही है. कंपनी लॉ बोर्ड (सीएलबी) में रिश्वत देकर अमर उजाला के मालिकों के झगड़े में फैसला अपने पक्ष में कराने की कोशिश अतुल माहेश्वरी पर भारी पड़ने लगी है. सीबीआई की तरफ से दाखिल चार्जशीट को संज्ञान में लेते हुए दिल्ली की एक अदालत ने पांचों आरोपियों को अदालत में अगली सुनवाई पर हाजिर होने को कहा है.

सुभाष राय ने छोड़ा अजय अग्रवाल का साथ

डा. सुभाष राय: जनसंदेश टाइम्स के संपादक के रूप में नाम फाइनल : 13 अक्टूबर को लखनऊ में ग्रहण करेंगे नया कार्यभार : लखनऊ से जल्द प्रकाशित होने जा रहे हिंदी दैनिक जनसंदेश टाइम्स के संपादक पद के लिए सुभाष राय का नाम फाइनल किया जा चुका है. खबर है कि डा. सुभाष राय ने डीएलए अखबार के चेयरमैन अजय अग्रवाल को संपादक (विचार) पद से अपना इस्तीफा भेज दिया है. अमर उजाला के निदेशक रह चुके अजय अग्रवाल का लंबे समय से साथ सुभाष राय दे रहे थे. अमर उजाला में बंटवारे के दौरान भी सुभाष राय पूरी मजबूती से अजय अग्रवाल के पक्ष में खड़े रहे. नौकरी के दर्जनों प्रस्तावों, साथ छोड़ने के अनेकों प्रलोभनों को लगातार ठुकराते रहने वाले सुभाष राय ने बहुत लंबे समय बाद अजय अग्रवाल का साथ छोड़कर किसी दूसरे ग्रुप का दामन थामने जा रहे हैं.

चार्जशीट वाली खबर किसी हिंदी अखबार में नहीं

कितना बुरा हाल है हिंदी मीडिया का. अमर उजाला के मालिक के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दायर कर दी, और इसकी खबर सभी हिंदी अखबार और न्यूज चैनल पी गए. किसी अखबार में एक लाइन नहीं. अगर कहीं भूले भटके होगी भी तो उसमें अमर उजाला और अतुल माहेश्वरी का नाम न होगा. इंटरनेट पर गूगल व याहू के न्यूज सेक्शन में जब सीबीआई, अंकुर चावला, अतुल माहेश्वरी, चार्जशीट आदि हिंदी शब्दों के जरिए खबरों को तलाशा गया तो कोई रिजल्ट न आया.

अतुल माहेश्वरी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

कंपनी लॉ बोर्ड (सीएलबी) रिश्वत कांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट स्पेशल सीबीआई जज ओपी सैनी की पटियाला हाउस स्थित अदालत में दाखिल किया गया. चार्जशीट में अमर उजाला के निदेशक अतुल माहेश्वरी, सीएलबी के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष आर. वासुदेवन, कंपनी सेक्रेटरी मनोज बंथिया, चार्टर्ड एकाउंटेंट हर्षवर्धन लोढा, सीएलबी में अमर उजाला के वकील अंकुर चावला और विकास शुक्ला के नाम हैं.

कोर्ट में अतुल माहेश्वरी की घेरेबंदी शुरू

: कोर्ट ने सीबीआई को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा : अगली सुनवाई 17 जनवरी को : आज दिल्ली हाईकोर्ट के कोर्ट नंबर तीस में अमर उजाला के मालिकों के झगड़े की सुनवाई शुरू हुई. अशोक अग्रवाल की तरफ से दायर याचिका पर उनके वकीलों ने अपना पक्ष रखा. अतुल माहेश्वरी व सीबीआई की तरफ से भी वकील पेश हुए. कोर्ट ने सुनवाई के बाद अतुल माहेश्वरी को नोटिस भेजने / जवाब देने / पक्ष रखने और सीबीआई को पूरे मामले में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा.

अशोक अग्रवाल ने किया अतुल पर मुकदमा

: साथ में सीबीआई को भी कोर्ट में घसीटा : सुनवाई आज होगी : अमर उजाला समूह के मालिक अतुल माहेश्वरी फिर नई मुसीबत में फंसने जा रहे हैं. उन्हें अमर उजाला ग्रुप के चेयरमैन अशोक अग्रवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में घसीटा है. साथ ही सीबीआई पर भी मुकदमा ठोका है. सूत्रों के मुताबिक अशोक अग्रवाल ने अपनी याचिका में सीबीआई पर अतुल माहेश्वरी के मामले में ढील बरतने, अतुल पर कंपनी विवाद निपटाने में अनैतिक तरीके अपनाने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

अशोक अग्रवाल के करीबियों पर गिर रही गाज

प्रभात रंजन दीन एंड कंपनी को नया काम मिला : भास्कर के डिप्टी एडिटर मानवर्द्धन कंठ हिंदुस्तान पहुंचे : दैनिक जागरण के आनंद राय और विजय उपाध्याय का ट्रांसफर : दैनिक जागरण सेंट्रल डेस्क के विजय झा ने भास्कर का दामन थामा : अमर उजाला, मेरठ से रामानुज का इस्तीफा : दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर से कई महत्वपूर्ण सूचनाएं मिली हैं. ये सूचनाएं आनंद राय, राजेश शुक्ला, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, विजय झा, मानवर्द्धन कंठ, प्रभात रंजन दीन, अतुल कुमार, विजय सिंह यादव, राजेश पटेल से संबंधित हैं. सबसे पहले सुरेंद्र सिंह के बारे में. अमर उजाला, आगरा के चीफ रिपोर्टर के रूप में लंबे समय से कार्यरत सुरेंद्र सिंह इस संस्थान से कार्यमुक्त हो गए हैं.

गुस्से में अतुल माहेश्वरी, मेरठ यूनिट में हड़कंप

कांपैक्ट के रिपोर्टर पर गाज गिरी : आरई के बदले जाने की चर्चा तेज : अमर उजाला समूह के निदेशक अतुल माहेश्वरी आजकल मेरठ यूनिट पर खास ध्यान दे रहे हैं. हफ्ते में दो-चार दिन मेरठ बैठने लगे हैं. अखबार के कंटेंट व सरकुलेशन से दुखी अतुल माहेश्वरी एडिटोरियल वालों समेत कई विभागों को टाइट कर रहे हैं. अखबार की रोजाना समीक्षा कर रहे हैं.