मीडिया फालतू खबरें दिखाकर क्‍या साबित करना चाहता है

: जैप के कार्यक्रम में अजय चौधरी ने खड़े किए सवाल : लोगों में यह एक आम धारणा बन गयी है कि पुलिस खराब ही होती है. उससे अच्छाई की उम्मीद की ही नहीं जा सकती. मगर सच्चाई यह है पुलिस के लोग भी साधारण इंसान होते हैं और उसे हर किसी ने अपने-अपने तौर पर अत्यधिक बदनाम कर दिया है. उक्त बातें दक्षिण पूर्वी दिल्ली के नए एडिशनल पुलिस आयुक्त अजय चौधरी ने जर्नलिस्‍ट एसोसिएशन फॉर पीपल द्वारा पुलिस पब्लिक इंटेरक्‍शन के दौरान कही.

उल्लेखनीय है कि आम लोगों की भलाई के लिए काम करने वाले पत्रकारों के संगठन जर्नलिस्ट एसोसिएशन फॉर पीपल (जैप) ने नए एडिशनल पुलिस आयुक्त अजय चौधरी से जामिया नगर की जनता के साथ एक मुलाक़ात का आयोजन किया था. इस आयोजन का उद्देश्य यह था कि जामिया नगर के लोग अजय चौधरी को जान सकें और पुलिस से उनकी जो शिकायत है वह उनके सामने रख सकें.

श्रोताओं में से कई लोगों ने संबोधित किया. अधिकतर लोगों की यही शिकायत थी पुलिस का रवैया जनता के प्रति अच्छा नहीं होता. सभों की शिकायत सुनने के बाद अजय चौधरी ने कहा कि हर कोई अपनी गलती नहीं देखता बस एक ही बात की रट लगाए रहता है कि पुलिस खराब होती है. हर पुलिस वाला बेइमान ही होता है और पुलिस से सहानुभूति की उम्मीद नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि यह एक गलत सोच है जो हर किसी के भीतर पैदा हो गई है.

अजय चौधरी ने कहा कि बहुत से लोग ऐसे हैं जिन से पुलिस ने कभी एक पैसा भी नहीं लिया, उनका कोई नुकसान नहीं किया इसके बाद भी वो यही कहते हैं कि पुलिस खराब होती है. उन्होंने यह बात मानी कि हमारे अंदर भी खराबी है, मगर खुद की कमी पर भी ध्यान देना चाहिए. जामिया नगर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यहां बड़े-बड़े पदों पर काम करने वाले लोग भी हैं और अफसोस की बात यह है कि इस इलाक़े में अपराधी लोग भी हैं. उन्होंने मीडिया को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह अनावश्यक समाचार कार्यक्रम दिखा कर समाज को खराब कर रहा है उसकी चिंता किसी को नहीं है.

उन्‍होंने मीडिया की शिकायत करते हुये कहा कि यदि किसी तीन साल की बच्ची के साथ कुछ बुरा हुआ है तो उसे दिन भर दिखाकर मीडिया क्‍या साबित करना चाहता है। जुर्म से संबंधित कई कार्यक्रमों का नाम लेते हुये उन्‍होंने कहा कि ऐसे बकवास प्रोग्राम से आम जनता का क्‍या भला हो रहा है। आप पुलिस को तो दोष देते हैं, मगर मीडिया को दोष नहीं देते जिनकी ग़लत खबरों से कई बार मामला बिगड़ता है। कार्यक्रम में फिरोज बख्त अहमद, मोहम्मद अखलाक, जावेद खान, जफर अब्बास व इजहरुल हसन आदि ने भी अपने विचार रखे।

समारोह में इलाक़े के महत्वपूर्ण व्यक्ति के अलावा पत्रकार तारिक हुसैन रिजवी, खालील हाशमी, प्रभात मोहन, मीडिया पोस्ट के संपादक मोहम्मद अनवर, इम्तियाज़ अहमद आजाद, एनएफसी और जामिया नगर के एसएचओ के अलावा एसीपी दाता राम भी शामिल हुए. कार्यक्रम को सफल बनाने में जैप के अध्यक्ष महमूद अहमद, उपाध्यक्ष इनमुर रहमान, महासचिव माज अली हैदर, सचिव ख़ालिद मोइन, पीआरओ एएन शिबली और अन्य महत्वपूर्ण सदस्यों में यावर रहमान, इमरान शाहिद, जफर अब्बास मोबाशिर आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रेस रिलीज

Comments on “मीडिया फालतू खबरें दिखाकर क्‍या साबित करना चाहता है

  • Ahahahaha! kya khoob kahi. Police to sakshat Bhagwan Shri Ramchandra hai. Kya kahne. Aise Maryada Purushottam police walon ke peeche bekaar media padi rahti hai. Sachmuch afsosnaak hai. Aur dhanya hai, aise patrakaron ka jo wahan baithe yeh sab sun rahe the. Sachmuch Kalyug aa gaya. Waise is media website ke sampadakji ko bhi bula lete, aur woh apni mata ke saath UP ki mahaan police ne kya bartaav kiya, uska pravachan dekar aap sabki aatmaon ko kritaarth kar dete. Sharm aani chachiye aise aayojanon par.

    Pahle thullon ko theek karo, phir updesh dena.

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  • Prabhat Ranjan says:

    बात तो सही है कि मीडिया कहीं न कहीं अपनी दिशा से भटकता जा रहा है….कहते हैं एक मछली पूरे तालाब को गंदा करती है…वैसे पुलिस के कारनामें भी जग जाहिर हैं…..

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  • Ajit Kumar Pandey says:

    Chaudhary sahab.. apmey tah kahwat to jaroor suni hogi ki srawan mahiney me huye andey ko hamesha hariyali hi dikhaiee deti hai… Delhi police ka chehara kitna kroor hai is baat ko apse behtar sayad koiee nahi janata… har achhaiee ke saath buraiee bhi hoti hai rahi baat media ki to yaha buraiee hai lekin na ke barabar.. eak ladaki saat bura hota hai use media 3 dino tak dikhati hai.. to kaya ye badi ghatna nahi hai, kaya ise janata batana galat hai.. crime ho use eak line likh de jise koiee padh na sake yahi chatey hai.. apne cheharey se police ka nakab utar kar dekhe sab samajh aa jayega… police abhi bhi firangiyo wali kartoot kati hai aapko kitney saboot aur jankari chahiye batye mai deta hu…eak gareeb admi se aapki police gali dekar baat karti hai lekin koiee bada aadmi hai to tahjeeb se pesh aati kyonki uski pahuch tak hai. aap to samjahate ho ki aadmi dekhkar baat kiya karo.. aap batayen ki nirdosh jamia ke students par apki police lati kayon barsaiee jaha girls bhi thi kaya aapko ipc, polivce regulation act me yahi batya gaya hai upar se aap kahtey hai kuch hua hi nahi yaad kariye us din motkers day tha aur apki tathakathit imaandar police ne eak maa ko bhi peet dia are bhaiee kuch to sharm karo itna bada lekh acha nahi lagat rajneeti karne se kursi bachi rahati imaandari nahi..agar kuch kar sakatey hai to jameen ke logo ko nyaya do jo sayad sambhav nahi hai curreted leaders ke samney gidgidaney wali police criminals ke samney bebas hai.. hume apke jabab ka intjar hai…..AJIT KUMAR PANDEY(ajit.editor@gmail.com)

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  • Abhimanyu Singh says:

    चौधरी साहब आप ये सब लिख कर क्या साबित करना चाहते है….

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  • farid bharti says:

    Dost media main abhi woh log woh taqat abhi baqi hai jo sirf desh aur desh ki janta k liye kaam karne k liye he paida hue hain, unhe main se bhadas media bhee aik h, aur main in logon ko salam karta hoon….

    Waqt Ne Sari Kahani Hi Badal Dali fareed,
    Pyar Ka Naam Jo Aata Hai To Dar Lagta Hai,
    Zakham Kuch Aise Bhi Apno Ne Diye Hai Mujhko,
    Ab Koi Haath Milata Hai To Dar Lagta Hai…

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