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ये डीजीपी करमवीर नहीं, चिरकुटवीर है

: प्रेस कांफ्रेंस में सवाल सुन भागा यह पुलिस अधिकारी : दिव्या हत्याकांड की जांच अपराध शाखा के हवाले : मायावती का रंगढंग उनके सिपहसालारों पर भी चढ कर बोलने लगा है। पुलिस के मुखिया करमवीर सिंह कानपुर की दस साल की मासूम दिव्या के साथ हुए बलात्कार और हत्या पर अपना पक्ष रखने के लिए मीडिया से बात करते समय आज मायावी अंदाज में दिखे और इस प्रेस कांफ्रेंस में पूछे गये सभी सवालों को यह कहते हुए टाल गये कि इन सवालों पर यह प्रेस कांफ्रेंस नहीं बुलायी गयी है।

<p style="text-align: justify;">: <strong>प्रेस कांफ्रेंस में सवाल सुन भागा यह पुलिस अधिकारी </strong>: <strong>दिव्या हत्याकांड की जांच अपराध शाखा के हवाले </strong>: मायावती का रंगढंग उनके सिपहसालारों पर भी चढ कर बोलने लगा है। पुलिस के मुखिया करमवीर सिंह कानपुर की दस साल की मासूम दिव्या के साथ हुए बलात्कार और हत्या पर अपना पक्ष रखने के लिए मीडिया से बात करते समय आज मायावी अंदाज में दिखे और इस प्रेस कांफ्रेंस में पूछे गये सभी सवालों को यह कहते हुए टाल गये कि इन सवालों पर यह प्रेस कांफ्रेंस नहीं बुलायी गयी है।</p>

: प्रेस कांफ्रेंस में सवाल सुन भागा यह पुलिस अधिकारी : दिव्या हत्याकांड की जांच अपराध शाखा के हवाले : मायावती का रंगढंग उनके सिपहसालारों पर भी चढ कर बोलने लगा है। पुलिस के मुखिया करमवीर सिंह कानपुर की दस साल की मासूम दिव्या के साथ हुए बलात्कार और हत्या पर अपना पक्ष रखने के लिए मीडिया से बात करते समय आज मायावी अंदाज में दिखे और इस प्रेस कांफ्रेंस में पूछे गये सभी सवालों को यह कहते हुए टाल गये कि इन सवालों पर यह प्रेस कांफ्रेंस नहीं बुलायी गयी है।

उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और भरी प्रेस कांफ्रेंस से पलायन कर गये। हां, इसके पहले उन्होंने बताया कि दिव्या मामले की जांच अब अपराध शाखा से करायी जाएगी। लेकिन इसके लिए केवल एक दिन का समय ही अपराध शाखा को दिया गया है। मीडिया से बातचीत की शुरुआत में डीजीपी ने यहां तक आरोप लगा दिया कि दिव्या मामला भड़काने में मीडिया जिम्मेदार है।

पिछले करीब एक पखवाड़े से पूरे कानपुर को सुलगा रहे दिव्या हत्याकांड की जांच अब अपराध शाखा को सौंपी गयी है। जांच के लिए इस शाखा के अफसर कानपुर रवाना हो गये हैं। लेकिन इस मसले पर पुलिस का रवैया अब भी संदिग्ध ही है। वजह यह कि आज प्रदेश के पुलिस प्रमुख ने इस मसले पर पत्रकारों से बात तो की, लेकिन किसी भी सवाल का जवाब देने की उन्होंने जरूरत तक नहीं समझी। उल्टे इस मसले को भड़काने का आरोप मीडिया पर लगा दिया। पत्रकारों ने जब पूछा कि कानपुर के सीओ ने बताया है कि दिव्या के शारीरिक सम्बन्ध मुख्य अभियुक्त मुन्ना के साथ पहले से ही थे, जबकि मेडिकल जांच में यह आरोप बेहूदा साबित हो चुका है, डीजीपी यह कहते हुए प्रेस कांफ्रेंस से पलायन कर लिया कि यह प्रेस कांफ्रेंस इस मुद्दे पर बात करने के लिए नहीं बुलायी गयी है।

डीजीपी करमवीर सिंह ने आज आनन-फानन में प्रेस कांफ्रेंस बुलायी और दिव्या कांड की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए अपराध शाखा के अफसरों का दल कानपुर रवाना हो गया है और कल से जांच शुरू कर दी जाएगी। उन्हें उम्मीद है कि कल ही यह दल अपनी जांच रिपोर्ट दे देगा। हालांकि उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और उठ कर चले गये। इसके पहले उन्होंने खुद मीडिया को ही इस मामले को उछालने का दोषी करार दे दिया।

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0 Comments

  1. Sanjay Sharma. Editor. Weekand Times

    October 24, 2010 at 6:28 am

    यूपी के अफसरों को न जाने क्या हो गया है ? पत्रकारों के सवालो के जवाब ही नहीं देना चाहते. आज आई बी एन 7 के शलभ मणि त्रिपाठी ने एकदम सही सवाल किया था कि कानपुर के उस सी ओ के खिलाफ क्या कार्यवाही की जाएगी जिसने कहा था कि दस साल की मासूम दिव्या सेक्स की आदी है. जब कि डाक्टरों ने कहा कि उसने कभी सेक्स नहीं किया..अच्छा होता कि डी जी पी उसके खिलाफ कार्यवाही करने की बात करते मगर वो यह कहते हुए उठ गए कि आज की प्रेस कांफ्रेंस सिर्फ यह कहने के लिए बुलाई गई है कि इस घटना कि जांच सी बी सी आई डी को दे दी गयी है. बाकी के सवालो के लिए अलग से प्रेस कांफ्रेंस बुलाई जाएगी..मैंने पूछा कि कब बुलायेगे तो सारे सवालो को अनसुना करते हुए चले गए. इससे पहले डी जी हेल्थ भी डेंगू से हो रही मोतो में विभाग की लापरवाही पूछे जाने पर प्रेस कांफ्रेंस बीच में ही छोड़ कर चले गए. जब अफसरों को पत्रकारों के सवालो का सामना करने की हिम्मत ही नहीं है तो पता नहीं कि प्रेस कांफ्रेंस बुलाते ही क्यों है ?

    संजय शर्मा.
    संपादक.
    वीक एंड टाइम्स
    9452095094

  2. गुस्ताख प्रसाद

    October 25, 2010 at 6:37 pm

    आइसन बुडबक साहबन की शान में अर्ज है—–
    —जब गाँ… में नहीं था बूता
    गौर फरमाइएगा
    जब गाँ…. में नहीं था गूदा
    तो प्रेसवार्ता करने क्यों कूदा….
    ;D;D;D

    गुस्ताख प्रसाद
    लखनऊ

  3. kranti

    October 26, 2010 at 4:20 am

    Dear Yashwant ji.
    Its true that local police of ghazipur has done very shamefull act and it must be criticized at every level and guilty must be punished because no woman can be arrested after sun set and untill the force is accompanied by lady force.But it does not mean that senior journalist like you will start detoriating the level of journalism.You know only 12 persons are muredered in entire panchyat election in comparision of huge list of past elections ,isnt it proves that command of police is in good hands.Using any obligatory remark for any one shows only the level of thinking and mentality of user thus its totaly unappreciable.

    Kranti Kishore Mishra

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