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रांची से मिला सबक भास्कर को जमशेदपुर में काम आया

: कोई हो-हल्ला नहीं : एक दूसरे के आदमियों की तोड़फोड़ भी सीमित स्तर पर : हर तरह की तैयारी सबने की लेकिन सब शांति से निपट गया : जमशेदपुर में भास्कर की लांचिंग को लेकर प्रभात खबर, हिंदुस्तान और दैनिक जागरण जैसे अखबारों के प्रबंधन की सांसें अटकी हुई थी. जमे-जमाए अखबारों के स्थानीय संपादक जमशेदपुर में दैनिक भास्कर की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे और अपने स्टेट एडिटरों को रिपोर्ट कर रहे थे. हिंदुस्तान और प्रभात खबर ने अपने एक-एक आदमी भास्कर की टीम में घुसा दिए थे ताकि उनकी हर आंतरिक रणनीति के बारे में सूचनाएं पाई जा सकें. यह स्ट्रेटजी सफल भी रही. लांचिंग के ऐन पहले हिंदुस्तान और प्रभात खबर ने अपने-अपने आदमी भास्कर से इस्तीफा देकर बुलवा लिए. यह घटनाक्रम रांची में भास्कर की लांचिंग के दौरान बड़े पैमाने पर हुआ था जबकि जमशेदपुर में सीमित मायने में.

<p style="text-align: justify;">: <strong>कोई हो-हल्ला नहीं : एक दूसरे के आदमियों की तोड़फोड़ भी सीमित स्तर पर </strong>: <strong>हर तरह की तैयारी सबने की लेकिन सब शांति से निपट गया</strong> : जमशेदपुर में भास्कर की लांचिंग को लेकर प्रभात खबर, हिंदुस्तान और दैनिक जागरण जैसे अखबारों के प्रबंधन की सांसें अटकी हुई थी. जमे-जमाए अखबारों के स्थानीय संपादक जमशेदपुर में दैनिक भास्कर की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे और अपने स्टेट एडिटरों को रिपोर्ट कर रहे थे. हिंदुस्तान और प्रभात खबर ने अपने एक-एक आदमी भास्कर की टीम में घुसा दिए थे ताकि उनकी हर आंतरिक रणनीति के बारे में सूचनाएं पाई जा सकें. यह स्ट्रेटजी सफल भी रही. लांचिंग के ऐन पहले हिंदुस्तान और प्रभात खबर ने अपने-अपने आदमी भास्कर से इस्तीफा देकर बुलवा लिए. यह घटनाक्रम रांची में भास्कर की लांचिंग के दौरान बड़े पैमाने पर हुआ था जबकि जमशेदपुर में सीमित मायने में.</p> <p>

: कोई हो-हल्ला नहीं : एक दूसरे के आदमियों की तोड़फोड़ भी सीमित स्तर पर : हर तरह की तैयारी सबने की लेकिन सब शांति से निपट गया : जमशेदपुर में भास्कर की लांचिंग को लेकर प्रभात खबर, हिंदुस्तान और दैनिक जागरण जैसे अखबारों के प्रबंधन की सांसें अटकी हुई थी. जमे-जमाए अखबारों के स्थानीय संपादक जमशेदपुर में दैनिक भास्कर की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे और अपने स्टेट एडिटरों को रिपोर्ट कर रहे थे. हिंदुस्तान और प्रभात खबर ने अपने एक-एक आदमी भास्कर की टीम में घुसा दिए थे ताकि उनकी हर आंतरिक रणनीति के बारे में सूचनाएं पाई जा सकें. यह स्ट्रेटजी सफल भी रही. लांचिंग के ऐन पहले हिंदुस्तान और प्रभात खबर ने अपने-अपने आदमी भास्कर से इस्तीफा देकर बुलवा लिए. यह घटनाक्रम रांची में भास्कर की लांचिंग के दौरान बड़े पैमाने पर हुआ था जबकि जमशेदपुर में सीमित मायने में.

भास्कर प्रबंधन ने चार पेज के डमी अखबार की लांचिंग कल गाजे-बाजे के साथ कर दी थी. डमी अंक का वितरण जमशेदपुर में साकची-बिष्टुपुर सेंटरों से किया गया. कल रात तीन बजे उपरोक्त दोनों स्थानों पर पूजा पाठ कर डमी का लोकर्पण किया गया, हाकरों को फूल-माला पहनाया गया, मिठाई के पैकेट दिए गए.  चार रंगीन पेज के डमी अंक में जमशेदपुर को नमस्कार किया गया है और अगले दिन से भास्कर के लांच होने की सूचना दी गई है. पहले पेज पर रमेश चंद्र अग्रवाल का संदेश है. पेज दो भास्कर ग्रुप के बारे में विस्तार से लिखा गया है. पेज नंबर तीन पर भास्कर अखबार के प्रथम पृष्ठ की तस्वीर दी गई है और भास्कर के साथ वितरित किए जाने वाले सप्लीमेंटों की जानकारी. पेज चार पर भास्कर ने ‘अब चलेगी आपकी मर्जी’ नारे को देते हुए अगले दिन से जमशेदपुर में 52वां संस्करण शुरू होने का ऐलान किया.

बताया जाता है कि भास्कर ने चार पेज के डमी को जमशेदपुर के घर-घर में पहुंचाया है ताकि कोई भास्कर के आने की सूचना से वंचित न रह सके. करीब दो लाख डमी अंक को वितरित किए जाने की सूचना है. कुछ लोगों का कहना है कि कई हाकरों ने भास्कर के डमी को वितरित करने की जगह डंप कर दिया.  भास्कर की डमी अंक और रेगुलर अखबार की लांचिंग के दौरान हिन्दुस्तान झारखंड के महाप्रबंधक बेनीमाधव चटर्जी, जागरण के महाप्रबंधक एएन सिंह और प्रभात खबर के आरके दत्ता अपनी अपनी टीमों के साथ सुबह तीन बजे ही साकची-बिष्टुपुर सेंटरों पर पहुंच गए और इन सभी में भास्कर से निपटने के लिए एकता भी दिखी. संपादक लोग भी सेंटरों पर चहलकदमी करते दिखे. अनुज कुमार सिन्हा, जीतेन्द्र शुक्‍ला, अशोक पांडेय मोर्चा आदि अपने संपादकीय सहयोगियों के साथ सेंटरों पर टहलते दिखे.

पूरा अखबार आज भले ही विधिवत रूप से लांच कर दिया गया लेकिन रांची जैसा कोई हंगामा नहीं हुआ. रांची की लांचिंग से सबक लेते हुए जमशेदपुर में भास्कर के लोगों ने कोई हो-हंगामा नहीं किया. बेहद गरिमामय और शांत तरीके से अखबार को मार्केट में उतारा. भास्कर प्रबंधन ने जमशेदपुर शहर को बैनरों व पोस्टरों से पाट रखा है. पाठकों के लिए जो स्कीम शुरू की गई वह है एक साल के लिए अखबार 299 रुपये में, साथ में गिफ्ट. हिंदुस्तान में शशि शेखर से लेकर अशोक पांडेय तक जमशेदपुर पर खास नजर रखे हुए हैं. कुछ दिनों पहले शशि शेखर जमशेदपुर में थे और संपादकीय के लोगों की बैठक कर भास्कर फोबिया से मुक्त रहने के मंत्र दिए. उधर, भास्कर, झारखंड के स्टेट हेड ओम गौड़ ने खासतौर पर जमशेदपुर की लांचिंग में संतोष मानव के साथ हर चीज पर नजर रखी ताकि रांची के अनुभवों का फायदा जमशेदपुर में अखबार को दिलाया जा सके. दैनिक जागरण के संत शरण अवस्थी और जीतेंद्र दीक्षित अपने अखबार के प्रसार, टीम व कंटेंट को बचाने व विकसित करने में जुटे हुए हैं. इन सभी की कोशिश है कि भास्कर के आने से अपने-अपने अखबारों पर असर कम से कम पड़ने दिया जाए.

भास्कर की जमशेदपुर में लांचिंग से ठीक पहले शैलेश ने इस्तीफा देकर वापस पुराने संस्थान हिन्दुस्तान की ओर रुख कर लिया. उसी तरह संदीप ने भी इस्तीफा देकर अपने पुराने संस्थान प्रभात खबर को ज्वाइन कर लिया. उसके पहले अरविंद सिंह भी भास्कर छोड़कर हिंदुस्तान लौट चुके थे. शैलेश, संदीप और अरविंद के भास्कर छोड़ने से भास्कर के स्थानीय संपादक संतोष मानव की रणनीति को थोड़ा तो झटका लगा है लेकिन प्रबंधन मानकर चलता है की लांचिंग के वक्त दो-चार लोग इधर-उधर करेंगे, सो उनके जाने का कोई खास असर नहीं हुआ. संतोष मिश्रा, श्रीकांत चौबे और विनय पूर्ति को भी हिंदुस्तान में वापस लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.

भास्कर की लांचिंग से अपने-अपने अखबारों को कमजोर न होने देने के लिए हिंदुस्तान के झारखंड स्टेट हेड अशोक पांडेय और प्रभात खबर के झारखंड स्टेट हेड अनुज कुमार सिन्हा पल-पल की गतिविधि की खबर ले रहे थे. ये दोनों लोग जमशेदपुर में डटे हुए हैं. हिंदुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक गीतेश्वर ने अपनी खास रणनीति के जरिए हिंदुस्तान को कोई खास नुकासन नहीं होने दिया. भास्कर में न्यू इस्पात मेल से गये चंद्रशेखर सिंह और दैनिक जागरण से अश्विनी सिंह पहुंचे हुए हैं. इन लोगों पर भी स्थानीय अखबार डोरे डाल रहे हैं ताकि भास्कर को कमजोर किया जा सके. सूत्रों के मुताबिक ललित नारायण सिंह और शंभूनाथ श्रवण को भी हिंदुस्तान व प्रभात खबर प्रबंधन लुभा रहा है.

प्रभात खबर के प्रधान संपादक हरिवंश भी जमशेदपुर के दौरे करते रहे और अपनी टीम को मंत्र देते रहे. प्रभात खबर के झारखंड हेड अनुज कुमार सिन्हा जमशेदपुर में लंबे समय तक स्थानीय संपादक रहे हैं, इस कारण उन्हें जमशेदपुर के बारे में सब कुछ पता है. हरिवंश और अनुज सिन्हा ने कई दौर की बैठकों के जरिए प्रभात खबर की जमशेदपुर की टीम को बेहतर कंटेंट व प्लानिंग के जरिए भास्कर को मात देने की नसीहत दी. जमशेदपुर में प्रभात खबर के स्थानीय संपादक रंजीत सिंह अपने वरिष्ठों के निर्देश को पूरी तरह लागू करा रहे हैं. लंबे समय से प्रभात खबर ही जमशेदपुर का नंबर वन अखबार है इसलिए भास्कर की कोशिश प्रभात खबर के गढ़ में सेंध लगाने की है.

वरिष्ठ पत्रकार विनोद शरण जमशेदपुर में प्रभात खबर की रीढ़ हैं. वे मुख्य संवाददाता के रूप में प्रभात खबर को बेहतरीन कंटेंट प्रदान करने का काम करते हैं. संजीव भारद्वाज, ब्रजेश सिंह,  मनीष सिन्हा, कुमार आनंद, अशोक झा, सरदार त्रिलोचन सिंह, रमण कुमार झा, आनंद मिश्रा, दीपक कुमार, दशमथ सोरेन, रीमा डे, सतीश आदि लोग प्रभात खबर में रिपोर्टिंग टीम के हिस्ते हैं तो जयनंदन, दुर्योधन सिंह, राकेश, देवेन्द्र, कौशल विश्‍वकर्मा, प्रदीप चंद्र केशव, सुनील सिंह, आनंद पाठक डेस्क पर अपनी सेवा के माध्यम से प्रभात खबर को नंबर वन बनाए हुए हैं. उमाशंकर दुबे, ऋषि तिवारी, युगल किशोर हैरी और सरदार प्रताप सिंह प्रभात खबर के फोटोग्राफर हैं.

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बताया जाता है कि जमशेदपुर में दैनिक भास्कर का प्रकाशन इस शहर से 30 वर्षों में 12वें हिंदी दैनिक का प्रकाशन है. सबसे पहले हिन्दी दैनिक उदितवाणी का प्रकाशन 22 अगस्त 1980 को संपादक राधे श्याम अग्रवाल के नेतृत्व में शुरू हुआ. 4 फरवरी 1989 को दैनिक आज लांच हुआ. आवाज नामक अखबार 1 मई 1991 को इस धरती से शुरू हुआ. प्रभात खबर ने अपना एडिशन 23 सितंबर 1992 को लांच किया. इसके बाद इस्पात मेल की शुरुआत हुई. दैनिक आज, एवेन्यू मेल, आवाज के सांध्य संस्करण भी इस शहर से लांच किए गए. वनांचल संवाद हिन्दी दैनिक भी शुरू हुआ. ‘राही नई राह के’ नामक सांध्य दैनिक का गवाह बना जमशेदपुर. हिन्दी दैनिक चमकता आईना भी इस शहर में चमका. 2003 में दैनिक जागरण और दैनिक हिन्दुस्तान ने जमशेदपुर में दस्तक दी. आदित्यपुर से न्यू इस्पात मेल हिन्दी दैनिक 2009 में प्रारंभ हुआ. इसी साल आई-नेक्स्ट भी जमशेदपुर से छपने लगा. अब दैनिक भास्कर ने जमशेदपुर की धरती को चूमा है.

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0 Comments

  1. hitaishie

    December 12, 2010 at 5:32 pm

    hindustan ne inke mansubon par poori tarah se pani pher dia,pehle to aapne ladko ko wapis lia , phir unke ladko ko bhi lene ki phirak mein hai,yashwant ji,pawan goswami aur abhay singh bhi hindustan ke sampark mein hai aur jald hi db se istifa dene wale hai,hindustan ne db ki lanka JAMSHEDPUR MEIN bhi laga di hai
    Jai hind

  2. hitaishie

    December 13, 2010 at 12:38 am

    yashwant ji, aap ko badhai,aap ne itna badhiya likha,uske liye,par aapko bata doon ki DB CORP ko jamshedpur mein bhi tagda jhatka laga hai,launching boori tarah se prabhawit hui,bhaskar ke agent hawkaron se minnate karte nazar aaye,iss se bura aur kya hoga,hindustan,jagran aur prabhat khabar,ke prabandhan aur prabandhako ko bhi badhai,SUPER FLOP LAUNCHING KARANE KE LIYE

  3. ना काहू से दोस्ती ना काहू से बैर

    December 13, 2010 at 7:00 pm

    झारखंड में झारखंड का ही पेपर नंबर वन रहेगा…जागरण , हिन्दुस्तान तो सबक ले लिया है अब भाष्कर की बारी है सबक लेने की….
    भास्कर के संपादक मानव जी को बधाई फ्लॉप लांचिंग के लिए …जय झारखंड

  4. sanjeev nandan

    December 14, 2010 at 2:19 am

    i will join prabhat khabar very soon,since i m not satisfied by the teams performance,specially jai tiwari & prashant

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