राजस्‍थान मीडिया एक्‍शन फोरम की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित

: उपजा, मोदीनगर के अध्‍यक्ष बने मनोज नेहरा : राजस्थान मीडिया एक्‍शन फोरम की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा अध्यक्ष ने सलाहाकार मंडल की सलाह से कर दी है। प्रदेश कार्यकारिणी में राजस्थान के सभी सात सभांगों से पत्रकारों को सम्मिलित किया गया है। राजस्थान मीडिया एक्‍शन फोरम की प्रदेश महासचिव शकुन्तला सरूपरिया ने बताया कि फोरम के अध्यक्ष अनिल सक्सेना ने सलाहाकार वरिष्ठ पत्रकार किशोर मालवीय, दिल्ली व वीर सक्सेना, जयपुर के निर्देश पर कार्यकारिणी की घोषणा की गई है।

कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष पद पर जयपुर संभाग से महिपाल सिंह सीकर, जोधपुर से विक्रम राजपुरोहित, अरूण हर्ष, अजमेर संभाग से ओम कसारा भीलवाडा से कोषाध्यक्ष पद पर शरद मेहता, चित्तौडगढ़ से संगठन महामंत्री हरिओम गर्ग, बीकानेर से ज्योति पाठक कोटा को मनोनित किया है। इसी तरह राजस्थान मीडिया एक्‍शन फोरम के सचिव पद पर भरतपुर से योगेन्द्र शर्मा, टोंक के अशोक सक्सेना और नसीराबाद, अजमेर से अतुल सेठी को सम्मिलित किया है। सरूपरिया ने बताया कि कार्यकारिणी सदस्य के रूप में जयसिंह भाटी, विनोद जोशी, अनुपम परदेसी, नितिन द्विवेदी, मनोज सोनी को लिया गया है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही राजस्थान के प्रत्येक जिले के जिला अघ्यक्षों की घोषणा की जाएगी और साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी का भी विस्तार किया जाएगा।

दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन की शाखा मोदीनगर में रविवार को हुए चुनाव में राष्ट्रीय सहारा के संवाददाता मनोज नेहरा को तहसील मोदीनगर क्षेत्र का अध्यक्ष चुना गया। चुनाव के दौरान 25 में से 20 पत्रकारों ने मतदान में शिरकत की। जिसमें 17 मत मनोज नेहरा को मिले। चुनाव में चार उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन चुनाव की पूर्व संध्या पर दो उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिए और आखिरी समय में दो उम्मदीवारों में से एक उम्मदीवार राकेश शर्मा ने भी मनोज नेहरा को समर्थन दे दिया। चुनाव में राकेश शर्मा को दो मत मिले, जबकि एक मत ब्लैंक निकला।

Comments on “राजस्‍थान मीडिया एक्‍शन फोरम की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित

  • Many congratulations to Rajasthan Media Action Forum . and also heartiest congrats to the members of this forum . From Sikar Mr. Mahipal Sing , Jodhpur Mr. Vikram Rajpurohit , Arun Harsh , Bhilwara Om Kasara , Chittorgarh Sarad Mehta , Bikaner Hari Om Garg , Kota Jyoti Pathak , Udaipur Shakuntla Sarupariya …………….etc.
    I hope through this forum pepole will express their veiws and opinion without any fear . We wish in future this forum will get succes and reach to its pinnacle with the help and constant support of esteemed personalities Mr. Kishore Malviya Delhi , Mr. Veer Saxena and Mr. Anil Saxena .

    Siddhartha

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  • anirudh singh says:

    [राजस्थान एक्शन फोरम एवं सभी पदाधिकारियों कोबहुत बहुत बधाई और साथ ही ये उम्मीद की यह फोरम पत्रकारों के हित और उनके अधिकारों के लिए हमेशा तत्पर रहेगा, जिलावार कार्यकारिणी की रूपरेखा और इस बारे में ज्यादा जानकारी देने के लिए अवगत करवाइए , और पत्रकार साथियो हम भी एक दुसरे की टांग खीन्चाई और कीचड उछालना छोड़ कर एक साथ हो जाये तो बेहतर होगा क्युकी कुत्ता कुत्ते का मांस नहीं खाता पर हम पत्रकार भाई तो बस मौका तलाशते हैं एक दुसरे की माँ बहन का….उम्मीद करता हु की ये फोरम ज़रूर पत्रकार हित की बात करेगा और पत्रकारों के लिए एक बेहतर और शशक्त संघठन बनकर खड़ा होगा , आप सभी को बधाई ..[/b]

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  • badhai sabhi ko, lekin ye batye media action forum ka kam kya hoga. kay kisi miediakarmi ke sath atychar hota hai ya kisi ki salary nahi di jati hai to media forum wale kuch karege ya sirf forum banakar hi ………?????????????

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  • bahut bahut badhai ho anil ji saxena aur unki poori team , shakuntala ji ko bhi badhai, jaldi hi kuch karo patrakar sathiyo ke liye. Jai hind

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  • Prdeep singh Shaktawat says:

    rajasthan media action forum ki team ko bdhai. aasha he ki ye team patrkaro ka bhla karne ke sath hi rajasthan me patrkaro ka ek sashakt forum bankar ubhrega. Anil Saxena aur unki team ke sabhi sathi paripakv hai.aur kai dor se gujre hua hai sath hi known bhi he. aap sabhi ko badhi. bus patrkar bandhu ek dusre ki bevajah aalochana na kare.
    thakur

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  • R.M.A.F.ke sabhi padadhkari aapne aapne chetra ke jane mane naam hai.aapas ki aalochna ko chor kar acha kaam kare ismea hi Patrkaro ka Fayada hai.Shri Veer Saxena ke Anubhav ke sathh hi Shri Kishore Malviya ji ke margdarshan se President Shri Anil Ji Forum ko majboot banayege . esa vishvash hai.sabhi padadhikaryo ko shubhkamnaye .
    Mukesh Kumar Jaipur

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  • Patrakar manoj soni says:

    Bade bhaiya saxena sb. bahut bahut badhai. sh.veer ji bhai sb., sh. kishor ji bhai sb. ke disha nirdesh me gadhit samast krakarini rajasthan ke meadia ke liye unke hito ki raksha ke liye kray karegi. isi aasha or vishwas ke sath aapki team ko shakuntla ji sahit hardik badhai. HUM HE SADEV ANIL JI BHAI SB> KE SATH….

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  • bs, jodhpur says:

    अनिल जी सक्सेना भाईसाहब, प्रदेश स्तर की कार्यकारिणी में आपने जोधपुर से शामिल करने के लिए आपको क्या कोई वरिष्ठ पत्रकार नहीं मिला क्या। जिन दोनों को आपने शामिल किया है क्या उन लोगों ने आपको बताया कि वे किस मीडिया संस्थान यानि किस अखबार या टीवी चैनल में काम करते हैं। पिछले दो-तीन साल से वे अपनी सेवाएँ पत्रकार के तौर पर कहां दे रहे हैं। अनिल जी आपके इस सलेक्शन ने ही आपके संगठन का स्तर बता दिया है और इसका भविष्य भी तय कर दिया है। क्या आपने अपने जोधपुर में किन्हीं पत्रकारों जो वाकई वर्षों से पत्रकारिता कर्म कर रहे हैं, से इनके बारे में पूछा क्या। नहीं पूछा तो पूछ लेवें। जोधपुर में दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका, दैनिक जलतेदीप, दैनिक नवज्योति, दैनिक जन प्रतिनिधि समेत कई अखबार लम्बे अरसे से छप रहे हैं। इन अखबारों में पत्रकार बीस-बीस, तीस-तीस सालों से काम कर रहे हैं। मगर आपको अपनी कार्यकारिणी में जगह देने लायक कोई नहीं दिखा। खैर अगर करना चाहें तो अब भी जोधपुर के पत्रकारों से बात कर लेवें, आपकी आंखें खुल जावेगी।[b][/b]

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  • shri kishore ji malviya , Delhi aur Shri Veer Saxena Jaipur ke sath hi Mr. Anil saxena ko bhadai . Anil Ji aapki team power full hai . hame jankari hai. lakin team Bharosemand hi banana .Hame jankari ye bhi hai ki aane vale samay mai rajasthan mai ek aandolan hone vala hai jo patrkaro ke soshan ke khilaf hoga . aapke team ki mahasachiv sakuntla sarupriya jo ke rajasthan ke famus patrkar rahe manniya shri bhanvar surana ki suputri hai unhe bhi bhadai.hum forum ke sath hai.

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  • majju, jaipur says:

    [b]सही बात है, फोरम के एक पदाधिकारी के बारे में भड़ास पर 14 सितम्बर को एक बैग, कई माइक आईडी, एक कैमरामैन…शीषर्क से कई कमेंट छपे थे जिनको नीचे कॉपी-पेस्ट किया जा रहा है-
    [i]पहला है मजहर का कमेंट-[/i]
    यशवंतजी यही कहानी तो राजस्थान के दूसरे बड़े शहर जोधपुर की है। यहां तो लोग मीडिया माफिया बने बैठे है। एक-एक आदमी के पास चार-चार, पांच-पांच चैनल हैं। जोधपुर में कुछ रीजनल चैनलों में ही परमानेन्ट स्टाफ है। इसके अलावा सहारा रीजनल और सभी नेशनल चैनलों में स्ट्रिंगर लग रखे हैं। दो-चार को छोड़ कर बाकी स्ट्रिंगर शादी ब्याह में काम करने वाले वीडियो कैमरामैन हैं। इनमें भी गुट बने हुए हैं। हर गुट में एक पढ़ालिखा स्ट्रिंगर है और बाकी लोग तो दसवीं पास भी नहीं हैं। कभी जरूरत होती है तो यानि घटना के ही दिन खबर भेजनी पड़े तो पढ़ालिखा स्ट्रिंगर खबर लिख देता है और सब उसे सेम टू सेम भेज देते हैं। विज्युअल और बाइट तो लगभग सभी के कॉमन ही होते हैं। नहीं तो अगले दिन अखबार में छपी खबर टीप कर भेज देते हैं। जोधपुर में स्ट्रिंगर संस्कृति का उदय सलमान खान के हिरण शिकार कांड के समय हुआ। उस कांड के दौरान जयपुर से नेशनल चैनलों के रिपोर्टरों को कवरेज के लिए जोधपुर आना पड़ता था। उस समय दो-तीन होशियार कैमरामैनों (शादीब्याह वाले) ने उनकी चमचागिरी शुरु कर दी। इनमें सबसे आगे था एक ऑटोरिक्शा चालक जो नयानया फोटोग्राफर बना ही था। वह शादी ब्याह की शूटिंग का काम भी करता था और चमचागिरी व चापलूसी में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की औकात रखता है। उसने ज्यादातर चैनलों के लिए फीड भेजना शुरू कर दिया। वह सबके आईडी साथ लेकर इतराता घूमता था। यह आदमी चेले बनाने में भी माहिर है। शीघ्र ही उसने कई चेले बना लिए और उनसे बेगारी कराने लगा। यह उनको कहता कि मेरी ढंग से सेवा करोगे तो एक चैनल दे दूंगा। चेलों से वह कैमरामैन का काम कराता था और अफसरों के सामने अपना रौब झाड़ता था। चेले सब लोगों के सामने उसके पैरों के हाथ लगाते। कुछ दिन बाद दूसरे लोग भी चेते। शादीब्याह की शूटिंग करने वाले दो भाई भी मैदान में आ गए। उन्होंने अपनी अलग सत्ता बनाने की कोशिश शुरू कर दी। उन्होंने भी अपने चेले बना लिए। उनके घर से आज भी दर्जन भरचैनलों की फीड भेजी जाती है। अब तो वे हर खबर पर खुद जाते ही नहीं हैं। उनके चेले ही विज्युअल बना कर ले आते हैं। पुलिसप्रशासन के लोग इन लोगों के आगे परेशान हैं। कई अधिकारी तो उनको चैनल का रिपोर्टर ही समझते हैं। इन स्ट्रिंगरों ने अलग-अलग थाने-चौकियों व अधिकारियों के पास अपनी बैठक सेट कर रखी है। खबर भले ही महीने में एक या दो ही भेजे, परन्तु दिन में दस अधिकारियों को फोन करना और दो-चार के यहां चाय पीना, किसी के यहां घंटे भर बैठना इनकी दिनचर्या है। ये लोग अधिकारियों को बिन मांगे सलाह देते हैं, छोटे अधिकारियों की बड़े अधिकारियों को सिफारिश या शिकायत करते हैं और लोगों के काम भी कराते हैं। लोगों को धमकाते भी हैं और मकान खाली कराने व कब्जे कराने के काम भी करते हैं।
    [i]दूसरा है राज का कमेंट-[/i]
    मजहर भाईजान, आपने जोधपुर का यह खूब कहा। पूरी हकीकत लिख दिए हैं। हम कई साल जोधपुर रहा हूं। ई कारण इनके द्वारा गन्दाए माहौल की जानकारी रखता हूं। यशवंत भैया, ई लोगन ने पूरे शहर का ही नहीं वरन् पूरे संभाग का माहौल खराब कर रखा है। आम जनता को निष्पक्ष मीडिया का जो फायदा मिलना चाहिये वो तो नहीं ना मिले रहा है, और भारी तादाद में निर्दोष नागरिक ई लोगन के चंगुल मा फंस कर ब्लैकमेल हो रहे हैं। अगर कोई जांच एजेंसी जांच करे ना तो तथाकथित ई रिपोर्टरों की हकीकत सामने आ जावेगी। वैसे देखन जाए तो ई लोगन खुद का ही नुकसान करे रहे हैं। ई लोगन ने लोगों के सामने खुद को नेशनल चैनल का रिपोर्टर बता कर झूठा भ्रम तो फैलाया, मगर खुदे भी उस भ्रम में फंस कर खुद को ही मूरख बना रहे हैं। अपनी अंतरआत्मा के साथ धोखा करे दे रहे हैं। अपनी जमीन भूल बैठे हैं। नेशनल चैनल का रिपोर्टर होने का झूठा अहम पाल कर वे ना तो काम सीख पाए हैं और ना ही सीखने की कोशिश कर रहे हैं। दो-तीन स्ट्रिंगर तो स्वयं को संसार का सबसे बड़ा लिखाड़, खोजी पत्रकार और न जाने क्या-क्या मानते हैं। ये अपने झूठे अहम के कारण अपने माता-पिता और घरवालों को भी धोखा दे रहे हैं जो समझते हैं कि उनका बेटा पत्रकार बन कर आईएएस से भी बड़ा अफसर बन गया है। अपने रिश्तेदारों के पुलिस के एक-दो चालान छुड़ा कर या पासपोर्ट बनवा कर ये समझते हैं कि जैसे एसपी उनके जूते साफ कर दिए हों। ई लोगन बरसों पहले स्ट्रिंगर बन कर पांच-सात हजार महीने के लिए संघर्ष करते थे और आज भी करते हैं, परन्तु किसी अखबार में जाकर काम सीख कर बंधी-बंधी तनख्वाह की नौकरी करने को तैयार नहीं है। क्योंकि वहां किसी के अंडर में काम करना पड़ेगा। वहां उनकी गलतियां निकाली जावेंगी, जो ई लोगन को गवारा नहीं। उनकी झूठी शान कांच की तरह चकनाचूर हो जावेगी। अधिकतर रिपोर्टर उधारिए हैं यानि उधार लेकर गुजारा करते हैं, उधार कभी चुकाते नहीं। आपने जिस ऑटोरिक्शा चालक से फोटोग्राफर और फिर स्ट्रिंगर बने आदमी का जिकर किया है, वह तो सबन से आगे है। ई को शहर के चार-पांच बड़े व्यापारी हर महीने पांच-सात हजार रुपए बंधी के रूप में देते हैं। 47-48 साल का यह मीडिया माफिया ठाठ से जिन्दगी गुजारता है। इसका चमचागिरी इतनी हाई क्वालिटी का है कि गत दिनों ई एक रीजनल चैनल का संभाग प्रमुख यानि सीओओ बने गया था, मगर इसके बाद चैनल एक माह में बन्द हो गया। ई का पुलिस की दलाली में पहला नम्बर लगता है। यद्यपि पुलिस के आला अपसरान ई की हकीकत जानत हैं, कई बार वे इसको गरियाये भी हैं, परन्तु ई ऑफिस में जाकर पांव पकड़ लेता है माफियां मांग लेता है, परन्तु छोटे अफसरान के सामने चवन्नी चला जो लेता है।
    [i]तीसरा है अजीत का कमेंट-[/i]
    भैया ये जोधपुर वाले ऑटोरिक्शा चालक अपने अरूण जी हर्ष तो नहीं हैं
    जो शैम्पू के नाम से ज्यादा जाने जाते हैं। भैयाजी इनके तो जलवे हैं
    जलवे। दिल्ली का कौनसा ऐसा चैनल होगा जिसमें महानुभाव ने घुसपैठ नहीं
    की होगी। चाटुकारिता का कभी नोबल पुरसकार शुरु हुआ तो इनको ही मिलेगा।
    किन्तु अभी तक कुछ खास हासिल नहीं कर पाये हैं। खोखले दम्भ के सिवा
    कुछ ना मिला है। इनसे उधार का तकाजा करने वालों की लिस्ट बड़ी लम्बी
    है। कुल मिला कर खुद को ही चूतिया बना रहे हैं।

    [/b]

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  • “मुखालफत से मेरी शख्शियत संवरती है, मैं दुश्मनों का बड़ा एहतराम करता हूँ ” …..
    बस इससे ज्यादा क्या कहूँ …सभी को दीपावली की शुभकामनाएं और मेरे ‘गुप्त मित्रों को भी विशेष शुभकामनाएं… राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम ” के एक्शन आपको बहुत जल्द दिखेंगे और मीडिया के साथियों के लिए मैं और हमारी पूरी टीम हमेशा तैयार है और हमेशा रहेगी.,
    अरुण हर्ष
    उपाध्यक्ष ,राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम
    9983913000
    arunharsh.image@gmail.com

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  • aapke comments read kare . Rajasthan Media Action Forum Rajasthan ka ek sashakt Forum banne ja raha hai . jo bhi iske sath judna chahe vaha jure .yaha ek Media Forum hai . Jaruri nahi hai ke sabhi ke vichar mile . Jodhpur sahit pure rajashthan ka mamla khula hai . Varishth Patrkaro ke Vicharo ko tavojoh di jayagi . Team ke President Shri Anil Saxena Jante hai ki kise jodna hai kise nahi jodna hai . Rajniti ko forum pasand nahi karega . hum aapne bare mai bhi jante hai aur dusro ke bare mai bhi . aur aapko bata de ki Farji mail nahi kare kyo ki hame jankari hai ki kaha se mail aa rahe he .kyo ki hum hai Rajasthan Media Action forum . aasa nahi ho ki …………………….Phir bhi aapni baat Shri Anil Saxena ko unke mobile 09799535670 par bata sakte hai.

    Shakuntla Sarupariya
    G. S. Raj. M.A.F

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  • शर्म करो शर्म जोधपुर जैसी अपनायत की जगह की क्यों धज्जियां उड़ा रहे हो ?? पहली बात तो ये कमेंट्स जोधपुर का कोई पत्रकार लिख ही नहीं सकता और जिसने भी लिखा है वो अपनी जन्म भूमि का सगा नहीं है, मैंने भी अपने जीवन के कुछ साल जोधपुर की पत्रकारिता में गुज़ारे हैं और जहा तक मैंने जोधपुर के पत्रकारों की पहचान की है वो कम से कम् इतनी गिरी हुई हरकत तो नहीं कर सकते, खैर अपनी पहचान छुपा कर पीठ पीछे वार करना ये ज़रूर बताता है की इन लोगो की मंशा क्या है ..और एक महाशय ने तो अपने अख़बार प्रेम के परिचय में ये कहा की जो लोग तीस तीस साल से एक ही अखबार में काम कर रहे है उनको मौका मिलना चहिये. अव्वल तो मेरी जानकारी में तो कोई भी तीस तीस साल से एक संसथान में काम नहीं कर रहा है , और जो कर रहा है वो क्या ख़ाक दुसरो के लडेगा ?? कभी संपादक जी डांट देंगे तो कभी मालिक हड़का देंगे, अनिल जी आप अपने संगठन में सिर्फ उन्ही को चुनना जो संगठन के लिए अपनी नौकरी को लात मार दे लेकिन साथी पत्रकारों के हितो के लिए लड़ते रहे, और रही बात वरिष्ठता की तो लगता है की ये कमेन्ट लिखने वाला नया नया पत्रकार है , क्युकी पत्रकार तो पैदाइशी ही वरिष्ठ होता है और ये कौन तय करेगा की तुम वरिष्ठ हो , या कनिष्ठ ?? और रही बात यहाँ पर कमेन्ट की तो मेरे भाई अपना सिर्फ नाम लिख दे और अपनी पहचान लिख दे ..फिर देखियो चार पञ्च घंटों में तुम्हारे नाम के नीचे कमेंट्स की रेलगाड़ी बन जाएगी….खैर जोधपुर जैसे सुन्दर ,शांत और अपनायत वाले शहर के पत्रकारिता जगत की ये हालत देख कर लग रहा है की मीडिया एक्शन फोरम को सबसे पहले यही से शुरुआत करनी होगी और अनिल जी आपसे पहला काम में चाहता हु की आप कानून का सहारा ले या यशवंत जी का लेकिन इन गुमनाम टिप्पणिया करने वाले इस गिरोह का भंडाफोड़ करे क्यों कई दिनों से जोधपुर के कई पत्रकारों का नाम में इसी अंदाज़ में और इसी शैली में बदनाम किये जाने का घटनाक्रम देख रहा हूँ..और यशवंत जी आप इ मेल आई डी और आई डी प्रूफ के बिना किसी कमेन्ट को जगह न दे ताकि अपना भड़ास फॉर मीडिया हम पत्रकारों के हितो के लिए जाना जाये , न की अहितो के लिए….

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  • Hum aapke bare mai jante hai .aur hum aapke forum ke sath hai .Rajasthan mai ek takatwar Media forum aaa gaya hai . RMAF ke sath aache Patrkar hi rahenge . Jo duplicate vo nahi rahenge. hame aapki team aur President Anil Ji Saxena par vishvash hai.

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  • vikram singh rajpurohit says:

    मेरे गुमनाम मित्र या यूँ कहूँ की अनाम मित्र,
    आपका बहुत बहुत शुक्रिया की आपने राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम के गठन और जोधपुर से चयनित हम दो सदस्यों के बारे में बात की और चिंता ज़ाहिर की, मित्र में अपना परिचय देने के साथ साथ धन्यवाद् भी कहना चाहूँगा की आपने मुझे अपने बारे में लिखने का मौका का दिया , मेरा नाम विक्रम सिंह राजपुरोहित है और राजस्थान की सांस्कृतिक राजधानी जोधपुर मेरी जन्म और कर्म स्थली है, एक दशक से ज्यादा समय से में “मीडिया के अलग अलग माध्यमो से जुड़ा रहा हु और लगातार कुछ न कुछ नया सीख रहा हूँ , पत्रकारिता में आना में आना बाई चांस नहीं हुआ बल्कि सोच समझ कर और इस विषय में सभी आवश्यक योग्यता (शैक्षणिक ) जोधपुर के प्रतिष्ठित लाचु मेमोरिअल कॉलेज से बी.एस .सी के साथ साथ “मास कम्युनिकेशन विडियो प्रोडक्शन ” में तीन साल की डिग्री हासिल करके “राजस्थान पत्रिका ‘ के साथ मैंने अपना सफ़र शुरू किया ,इसी दौरान छात्र राजनीती में भी सक्रिय रहा और “अध्यक्ष पद का चुनाव भी लड़ा ” यहाँ से सीखते सीखते तत्कालीन संपादक श्री कमल जी श्रीमाली व अरुण जी हर्ष के साथ मैंने शहर की नयी शुरुआत “द्रष्टि मीडिया ” ( जो इन दिनों 24 news के नाम से जाना जाता है ) के साथ एक और कदम बढाया और प्रिंट के साथ साथ “इलेक्ट्रोनिक मीडिया ” के बारे में बहुत कुछ जाना और सीखा , यहाँ मैंने रिपोर्टर से लेकर एंकर ,प्रोड्यूसर और ना जाने कितनी विधाओ को सीखा और रात दिन मेहनत की काम किया और शहर वासियों और पत्रकार साथियो का प्यार और स्नेह हासिल किया , इन्ही दिनों मेरे सहपाठी मुंबई और दिल्ली में स्थापित हो चुके थे और मुझे भी वहा आने का जोर दिया ,चूँकि मैंने “मास कम्युनिकेशन विडियो प्रोडक्शन ” की डिग्री हासिल की थी और इस क्षेत्र में फिल्म निर्माण और टी वी सीरियल के क्षेत्र में कई मौके मिल रहे थे फिर भी मैंने पत्रकारिता को ही प्राथमिकता दी, हालाँकि कलाकार मन कुछ नया और रचनात्मक करने को कह रहा था और उस मन की मुराद पूरी हुई जब कम उम्र में ही “ई टी वी राजस्थान ” के साथ एक नया सफ़र शुरू हुआ , हैदराबाद स्थित रामोजी फिल्म सिटी में कुछ महीने बिता कर प्रदेश की राजधानी जयपुर में ‘रिपोर्टिंग और डेस्क से सम्बंधित दायित्व ” संभाले और वहा भी इतने सारे दोस्त बनाये और यादगार समय निकाला, इन सब के बीच मेरे अनुरोध पर मुझे जोधपुर संभाग का ज़िम्मा सौंपा गया और पांच साल से भी ज्यादा समय में मैंने “ई टी वी राजस्थान ” के साथ जी तोड़ मेहनत कर अपने जीवन के सफ़र में यादगार लम्हे जोड़े जिनको यहाँ लिख पाना नामुमकिन है , इसी दौरान मेरे सम्बन्ध ना केवल जोधपुर बल्कि प्रदेश और प्रदेश से बाहर के पत्रकार साथियो से प्रगाढ़ होते गए और मैंने भरसक प्रयास कर सभी पत्रकार साथियो का समय समय पर साथ दिया और हर आन्दोलन हर संघर्ष का सहभागी और साक्षी रहा , इसी दौरान “ई टी वी राजस्थान ” पर मेरे एक प्रोमो को देखकर रिलायंस के बिग 92.7 fm की तत्कालीन “नेशनल प्रोग्रामिंग हेड” ने मुझे एफ एम के साथ जुड़ने और दो महत्वपूर्ण शो करने का प्रस्ताव दिया , जिसे मैंने एक चेलेंज के और पर स्वीकार किया और लगभग डेढ़ साल तक ” रात चाँद और में “शो पर “हमराज़ विक्रम ” के नाम से और मेरे द्वारा ही राजस्थानी सुपरहिट शो “पप्सा गप्सा जिसे इंडिया टुडे पत्रिका ने भी राजस्थान में एफ एम क्रांति का सूचक मान कर “मेरे चित्र सहित एक आलेख प्रकाशित किया” उसमे काम किया , ये वो दौर था जब सब कुछ सपने जैसा था फैन्स और ग्लैमर की दुनिया के बीच मन कचोटता था फिर से पत्रकारिता में आने का और इसी दौरान उड़ते तीर हाथ में लेने की आदत के चलते एक “महिला सहयोगी और तत्कालीन स्टेशन हेड के कुछ कारनामो की शिकायत खुले तौर पर करने और साथियों के लिए लड़ाई लड़ने के चलते वक्त से पहले ऍफ़ एम की दुनिया एक कडवे एहसास के साथ छोडनी पड़ी, .एक दो महीने में ही वी ओ आई यानि वोइस ऑफ़ इंडिया के साथ “जोनल एडिटोरिअल हेड ” के रूप में फिर से पत्रकारिता के क्षेत्र में आना हुआ जहा से फिर शुरुआत करने का प्रयास किया और मन लगाकर काम भी किया लेकिन एक साल से भी ज्यादा समय आर्थिक मानसिक और सामाजिक रूप से तोड़ गया , इसी बुरे वक्त में ऍफ़ एम की उन्ही पुरानी महिला सहयोगी और शहर के तत्कालीन एक आई ए एस अधिकारी की नजदीकियों के मामले का मेरे सामने आना और उसमे अपनी नाक घुसाने के चलते जीवन का सबसे गन्दा और दर्द भरा तजुर्बा हुआ जब उन महिला ने साहब की शह पर मुझे बदनाम करने की और तोड़ने का पूरा प्रयास किया, और इसी घटनाक्रम में मुझे एह्स्सास हुआ की अगर में पत्रकार ना होता और मेरे सभी मीडिया के साथी मेरे साथ ना होते तो अब तक तो में किसी झूठे मामले में फस कर तबाह हो चुका होता, उस दिन शहर के तमाम मीडिया के साथियों ने मेरा साथ दिया और ना केवल साथ दिया बल्कि उस साजिश में शामिल लोगो को बेनकाब करवाया , थानाप्रभारी को लाइन हाज़िर करवाया और मुख्यमंत्री तक मामले को पहुँचाया , आज वो मामला सुलझ चुका है और उन्ही के एक साथी पर “ऑरकुट पर फर्जी प्रोफाइल बनाने का मामला चल रहा है साथ ही उन महिला सहित चार लोगो पर केस चल रहा है, इस मामले को यहाँ लिखने का मकसद ये था जिसे की मैंने खुद जाना है और भुगता है वैसा किसी और के साथ ना हो और उस वक्त मीडिया के साथियों का साथ और उनका आन्दोलन एक “उदहारण है की अगर हम सब एक हो जाये तो क्या नहीं हो सकता ? और हाँ सबसे ज़रूरी बात आपका सवाल का जवाब, वैसे तो मेरे सभी साथी पत्रकार जानते है परन्तु मित्र ” डी .एस “आपको बता दू की वी ओ आई के बाद , एच बी सी के साथ लम्बे समय से जुड़ा रहा और इसकी लौन्चिंग टीम का हिस्सा रहा हु लेकिन कुछ निजी कारणों के चलते एच बी सी से त्यागपत्र देकर अपना ही एक छोटा सा प्रयास “अभियान राजस्थान ” समाचार पत्र शुरू किया है साथ ही व्यस्त हूँ एक ऐसी योजना में जिसमे मेरे “प्रिंट, टी वी , और रेडियो का तमाम अनुभव काम आ जायेगा इसमें, साथ ही पत्रकारिता में M.C.V.P की DEGREE के बाद M.J.M.C भी किया और इन दिनों साथ साथ में कुछ और शोध कार्यो में जुटा हूँ, अब आ जाते हैं आपकी उस लाइन पर जहा आपने कहा की हमारे बारे में जान कर आँखे खुली रह जाएगी …तो मेरे बन्धु अब तक की ज़िन्दगी में और पत्रकारिता के बारह वर्षो में एक भी काम ऐसा नहीं किया जिसका मुझे या मेरे परिवार को अफ़सोस हो, स्वभाव मजाकिया है लेकिन मुह पर कहने स्पष्ट कहने और सच कहने की आदत से “गुप्त शत्रु रूपी आप जैसे बन्धु भी बना लिए” जैसी स्कूल में पढ़े है उसके चलते अब तक बचपन ही चल रहा है, सिगरेट , बियर ,शराब , गुटखा जैसे अति आवश्यक वस्तुओं से अब तक दूर रहने का मलाल है इस लिए लोग बच्चो में गिनते है, ज़्यादातर समय लेखन में, पढने में निकलता है, जोधपुर शहर और ‘माता पिता ” जीवन की कमजोरी है और इसी के चलते जन्मभूमि को ही कर्मभूमि बनाने की कसम खाई है, जूस की दुकान और दूध मंदिर, पाँव भाजी की स्टाल , जैसी जगह से गहरा नाता रहा है और खास बात ये की अब तक के पत्रकारिता के जीवन में अपने काम से जुड़ा एक भी आरोप नहीं है , किसी से चव्वनी की भी मदद नहीं ली न ही किसी से कोई उधार , यहाँ तक की राज्य सरकार के रियायती दरो पर मिले “प्लोट्स ” से भी इसी स्वभाव की वजह से वंचित हूँ, किसी भी सरकारी या राजनितिक या बाहुबली से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कोई मदद नहीं ली, ना ही कभी पत्रकार होने का फायदा उठाया, ले देकर एक अधीस्वीकरण कार्ड बना था और जिस दिन इसका नवीनीकरण हो रहा था उसी दिन मैंने एच बी सी से इस्तीफा दे दिया ,..अब वो कार्ड भी भूली बिसरी बात हो गया, न बैंक बलेंस बनाया ना बंगला ,बस संबंधो की कमाई की और आज इसी बात का फक्र है की मेरे साथ हुए हादसे में मेरे पत्रकार साथियों ने पूरा साथ दिया, मेरे बन्धु , अभी हाल ही में एक पत्रकार साथी के साथ आई पी एस द्वारा हुए दुर्व्यवहार के बाद पहले ही दिन नई सड़क पर जो दो लोग भूख हड़ताल पर बैठे थे उनको भी भूल गए आप ? पहला शक्श अरुण हर्ष था और दूसरा आपका प्रिय यानि मैं खुद,उस दिन के बाद कई अन्य साथी भी क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे थे, उस दिन मीडिया के तमाम संगठन और खास तौर पर इलेक्ट्रोनिक मीडिया एसोशियेशन जोधपुर ( इमेज) के विरोध के चलते पुलिस प्रशःशन को जुकना पड़ा था ,खैर मेरे बन्धु आपने एक पत्रकार को टार्गेट किया है तो फिर अब लिखने का मौका कैसे छोड़ दू मै?? इसी बहाने मेरे अन्य पत्रकार भाइयो से भी अपने जीवन की बाते साझा हो गयी, कुल मिला कर मेरा कन्धा औरो की बन्दुक चलाने के काम आया है और अपनी बन्दुक चला चला कर वो लोग छिप गए लेकिन मैं पीछे नहीं हटा, चाहे नुकसान उठाया पर कदम पीछे नहीं लिए चाहे ई टी वी राजस्थान हो या राजस्थान पत्रिका या बिग ऍफ़ एम हर जगह साथियों की लड़ाई में हमेशा आगे की पंक्ति में रहा और कभी कभी अकेला भी, अब नाम क्या लू , वो लोग मन में याद तो करते होंगे ही जिनके लिए मैं सूली पर चढ़ा या जिनकी सफलता में “माध्यम में रहा” शायद इसी लड़ने और उड़ता तीर हाथ में लेने या फिर “लाड़े की बुआ ” बनने के गुण या अवगुण को अनिल जी ने पहचान कर मुझे अपनी टीम में जोड़ा होगा , बंधू “डी .एस या बी .एस” आपकी एक बात से में सहमत हु की में वरिष्ठ नहीं हु , न ही तीस साल किसी अख़बार में काम किया है,क्युकी अब तक जीवन के 31 बसंत ही देखे है और ३२ वा देख रहा हूँ ,हालाँकि उन्नीस साल की उम्र से “पत्रकार ” बन गया था पर वरिष्ठ तो शायद नहीं बन पाउँगा, और इस टीम में आने की एक योग्यता है मुझ में की में एक सिपाही हूँ, सिपाही जो बैनर और संस्था देख कर मदद नहीं करता सिर्फ ‘पत्रकार और मीडिया कर्मी ” होना ही मेरे लिए काफी है, और हाँ अरुण जी हर्ष के बारे में जो जो छपा था उसे पढ़कर हर समझदार आदमी और पत्रकार आदमी के मुह से जो ‘वाक्य निकले वो में यहाँ लिख नहीं सकता ” पर इतना कह सकता हूँ की मैंने अपने जीवन में काम के प्रति समर्पण ,ईमानदारी ,और निष्ठां अरुण जी हर्ष से सीखी है और इनका नाम जोधपुर ,राजस्थान सहित दिल्ली में ख्यात है , और इसकी वजह है इनका काम, क्युकी चमचागिरी पत्रकारिता में नहीं बोलती यहाँ काम बोलता है, वो खुद आज बहुत कुछ लिखने के मूड में थे इसलिए में उनके बारे में ज्यादा नहीं लिखूंगा लेकिन इतना ज़रूर कहूँगा की अगर “राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम ” का नाम हम लोगो से न जुड़ा होता तो न मैं न अरुण जी इस पर प्रतिक्रिया देते , बात हमारी और आपकी “”राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम “की है सो इतना कुछ लिख कर आप लोगो को अपनी ज़िन्दगी की किताब के एक एक पन्ने खोल कर दिखाने पड़े , चलते चलते आप सभी लिखने वालो को यशवंत जी को और “राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम “को दीपावली की अग्रिम शुभकामना साथ ही मेरे अनाम मित्रो से अनुरोध की बंधुओं “ज़िन्दगी बहुत छोटी सी है, और ये दुबारा नहीं मिलनी है, क्यों आप और हम इसे खो रहे है है, मुझे अपने किसी काम के लायक समझो तो ज़रूर बताना ,,,”उजाले अपनी यादों के ..हमारे साथ रहने दो..न जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाये ….vikram.rajpurohit@in.com

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  • arun ji agar aap sache ho aur ye aarop galat hai to aap ja kar police se mile aur cyber cell me iski janch karawe..taki aise logo ka pardafash ho..ye action lo aap to pehla..jai hind

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