राजुल माहेश्वरी बने अमर उजाला समूह के प्रबंध निदेशक

अमर उजाला प्रकाशन लिमिटेड ने आज तत्काल प्रभाव से राजुल माहेश्वरी को कंपनी का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया। कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार, वह अतुल माहेश्वरी का स्थान लेंगे जिनका एक पखवाड़े पहले संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन हो गया था। राजुल माहेश्वरी दिवंगत अतुल माहेश्वरी के छोटे भाई हैं। वह श्रीराम कालेज आफ कामर्स से स्नातक हैं। उन्हें अखबार कारोबार में 25 वर्षो का अनुभव है।

इस पद पर नियुक्त किए जाने से पहले राजुल माहेश्वरी कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक थे और वित्त एवं प्रसार से जुड़े कार्यो की देखरेख कर रहे थे। वह मानव संसाधन, प्रशासन एवं मीडिया विपणन के कार्य से भी सक्रियता से जुड़े रहे। बयान के अनुसार, राजुल माहेश्वरी अमर उजाला के कानपुर, मुरादाबाद, वाराणसी, बरेली और इलाहाबाद संस्करण के मामलों को देखते थे।

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Comments on “राजुल माहेश्वरी बने अमर उजाला समूह के प्रबंध निदेशक

  • Ajit.Kumar Pandey says:

    Sir badhaiee ho aapko MD baney jane se mujhe bahut khushi hai mai bayan nahi kah sakata ……… aapke nirdeshan sure AMAR UJALA naiee unchaiyon par jayegi…… ab sayad aap mujhe na pahchane…but apka ashirvad mere sath hai..mai delhi hu eak news paper me EDITOR………
    AJIT KUMAR PANDEY
    BANSI – SIDDHARTH NAGAR
    PRNTLY IN DELHI

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  • jaykrit negi- dehradhun says:

    Rajul ji ko badhai aur chhunotiyo ka samanna kearne ke liye shubh kamnaye …….. ummeed hea ki vay bahaut accha kaam kearnegean aur amar ujala ko ek bar phir pure bharose ke sath sabse aage nikalenge.kafi kuch aisa ho chuka hai jo amar ujala ki purani pehchaan se mail nahi khata .iska akhbar ko nuksaan bhi hua hai.ab vishwas hai ki akhbar dusro se pehle ki tarah jyada antar banakar aage rahega,thanks.

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  • राजुल माहेश्वरी जमीन से जुडकर आगे बढे हैं, बरेली में 27 साल पहले उन्होंने अमर उजाला का काम संभालना शुरु कर दिया था। अवसरवादी और चापलूस लोगों के लिए उन्हें चकमा देना आसान नहीं होगा। उनकी एक बडी खूबी ये है वे हर उस व्यक्ति को व्यक्तिगत तौर पर जानते हैं, जिसने अमर उजाला को आम आदमी के घर से आई पाती जैसा विश्वास दिलाया है और जिन लोगों ने खुद को खतरे में डालकर खबरें खोदकर निकाली हैं जिससे पाठकों के बीच ये सामाचार पत्र लोकप्रियता का पर्याय बना है और वे उन्हें भी खूब जानते हैं जो सिफारशी लाल बनकर आए और किसी गॉड फादर की बदौलत अयोग्य होकर भी योग्य और पुराने लोगों को ठिकाने लगा गए। हमें विश्वास है कि राजुल उस जहाज को और तेजी से आगे ले जाएंगे जिसे श्री अतुल जी के साथ उनहोंने ऊन्चाई पर पहुंचाया था

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  • बेनामी says:

    अतुल जी की कमी तो कोई पूरी नहीं कर सकता है लेकिन राजुल जी के नेतृत्व मे अमर उजाला तेजी से आगे बढ़ेगा इसमें कोई शक नहीं है। पिछले दस सालों में जब बाकी हिंदी अखबार बड़ी तेजी से आगे बढ़े या यूं कहें कि कहां से कहां पहुंच गये, अमर उजाला कुछ अप्रिय झंझावतों की वजह से परेशानियों से जूझता रहा। बुरा दौर अब टल गया है। राजुल जी अतुल जी की राह पर चलें लेकिन अतुल जी की तरह उन लोगों से अनजान ना रहें जो दरअसल मित्र की आड़ में भेड़िये होते हैं। राजुल जी गलत घोड़ों पर दांव ना लगायें। बाज़ार में एक से एक पत्रकार हैं जो अमर उजाला की तरक्की में सहायक हो सकते हैं, उनकी मदद लें और कुर्सी तोड़ने वाले बड़े बाबू टाइप पत्रकारों को शॉल और श्रीफल देकर घर भेज दें, अब इसी में अमर उजाला की भलाई है। अमर उजाला ने बहुत कुछ सहा है, राजुल जी को दस साल के बैकलॉग पूरा करना है।

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  • Sir Mubarak ho….
    Aap to pahele se bhadiya kaam kar rahe hain…jaise ki aap ne Sanjeev Chuhan ji se Resignation le kar kiya …Good work…..but sir aap ne Satender sir ke case me galat faisla liya ..bahut galat…ek wohi to the jo HR jante the…or hamesha Company ka sochte the….baki to sub ram …ram..

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