राष्ट्रीय सहारा और डीएलए के सौजन्य से!

पत्रकारिता करने के साथ अब अखबार तथा उसके पत्रकार मिलकर देवी जागरण टाइप कार्यक्रम कराने लगे हैं. ये लोग आयोजन के नाम पर पैसे इकट्ठे कराते हैं, जिसकी आड़ में उगाही के आरोप भी लगते हैं. कांशीराम नगर में भी राष्‍ट्रीय सहारा और डीएलए के सौजन्‍य से देवी जागरण का आयोजन किया गया था. इसके लिए जिले के वरिष्‍ठ अधिकारियों को मुख्‍य अतिथि बनाया गया था.

इस कार्यक्रम का आयोजन 10 अक्‍टूबर को नगर पालिका बालिका इण्‍टर कालेज में 10 अक्‍टूबर को होना था, परन्‍तु यह प्रोग्राम उक्‍त दिन नहीं हो पाया. इसके बाद से ही इस कार्यक्रम को आयोजित करने वाले पत्रकारों राष्‍ट्रीय सहारा के विजतेंद्र तोमर और डीएलए के नीरज कौशिक पर ठगी तथा अन्‍य कई तरह आरोप लगाए जाने लगे. एक पत्र भेजकर बताया गया है कि इस घटना को अकिंचन भारत तथा पंजाब केसरी अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

इस संदर्भ में जब भड़ास4मीडिया ने जब डीएलए के पत्रकार नीरज कौशिक से संपर्क किया तो उन्‍होंने बताया कि एक परिजन का निधन हो जाने के कारण कार्यक्रम को स्‍थगित करना पड़ा. हम इस कार्यक्रम को आगे कराएंगे. यह हमें बदनाम करने की साजिश है. हमलोग पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं. वहीं राष्‍ट्रीय सहारा के पत्रकार विजतेंद्र तोमर ने कहा कि यह स्‍थानीय पत्रकारों की राजनीति है. वो अपनी निजी खुन्‍नस निकालने के लिए बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं.

अपने मोबाइल पर भड़ास की खबरें पाएं. इसके लिए Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia

Comments on “राष्ट्रीय सहारा और डीएलए के सौजन्य से!

  • भैया मेरे पत्रकार देवताओ कम से कम भगवान और देवी देवताओ को आधार बनाकर चोरी मत करो मेरे मालिक। अब कम से कम इस धनदेय में इतनी गंदगी मत करो की लोग कहे की पत्रकार देवी देवता के नाम पर भी धनदा करते हैं। और रही बात कौशिक की तो आगरा के जालंधर पंजाब केसरी वाला अमन कौशिक भी चोर हैं और आगरा के अमर भारती वाला कौशिक भी चोर हैं।

    Reply
  • vipin sharma says:

    भ्रष्टाचार एक ऐसा रोग है, जो देश में लग चुका है। अब यी मीडिया के लोगों को भी अपने आगोश में ले चुका है। नीरज कौशिक और विजतेन्द्र तोमर जैसे लोगों की ठगी की यह पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी इनके तमाम किस्से क्षेत्र में प्रचलित हैं। कम से कम इन्हे भगवान को तो बख्श देना चाहिए। अपनी झूठ छिपाने के लिए अपनी परिजनों की मौत…. तौबा तौबा। नीरज कौशिक या विजतेन्द्र तोमर नहीं, इनके साथ रहने वाले अन्य छुटभैये व चमचे भी ऐसे ही सुकर्मों में लिप्त हैं।

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *