हिन्दुस्तान, बुलंदशहर के ब्यूरो चीफ पद से इस्तीफा देने वाले राहुल त्रिपाठी ने राष्ट्रीय सहारा, वाराणसी में सीनियर सब एडिटर की पोस्ट पर ज्वाइन किया है. बुलंदशहर में गर्ग नर्सिंग होम में डॉक्टरों की लापरवाही से हुई मां-बेटी की मौत की खबर को छापने का साहस दिखाने वाले राहुल त्रिपाठी ने अपने वरिष्ठों के अनैतिक दबाब के चलते अखबार से इस्तीफा दे दिया था. बाद में राहुल त्रिपाठी के स्थान पर हिंदुस्तान, बुलंदशहर के ब्यूरो चीफ की कुर्सी अमर उजाला के निशान्त कौशिक को सौपी गई.












sampurna nand dubey
November 9, 2010 at 3:35 am
भाई साहब सहारा में आपको बढाई हो बड़ी भारी चुनौती है. सहारा मीडिया में आपके लिए. मैं यह नहीं कहता कि आप घोडा बेच कर गदहा खरीदे हैं, परन्तु अब देखना यह है कि सहारा आपके सहारे चलता है कि आप सहारा के सहारे चलते हैं. खैर यह भी तय है कि शुरुआत में एक ही बीड़ा बेचारा बैल अपने कंधे पर उठाता है और वही बीड़ा एक आदमी अपने किसी शुरुआती लम्हों में उठाता है अब यह आप ही डिसाइड करेंगे कि आपको बैल बनाना है कि आदमी. मगर अगर आपको सहारे की जरुरत हो तो राजेश गुप्ता से संपर्क कर लीजीयेगा. वे सहारा कल्चर के बारे में आपको बखूबी बता देंगे.
आपका सबसे छोटा भाई
सम्पूर्णा नन्द दुबे
मऊ
prashant tripathi varanasi
November 9, 2010 at 8:55 am
rahur sir apko sahara ke joining per dhero bhadhai ………………….prashant tripathi rashtriya sahara pindra varanasi
Sumit Saraswat, Beawar
November 11, 2010 at 5:24 am
Congratulation Sir