‘झारखंडी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा’ और ‘जोहार सहिया’ की प्रकाशक एवं प्रधान संपादिका वंदना टेटे को झारखंड सरकार ने 18 अगस्त को विकासात्मक आदिवासी पत्रकारिता के लिए सम्मानित करने की घोषणा की है. इसी के साथ नागपुरी त्रैमासिक पत्रिका ‘गोतिया’ के संपादक बीरेन्द्र कुमार सहित हिंदी के पत्रकारों को भी सरकार पुरस्कृत करेगी.
सम्मान के तहत 75 हजार रुपये की राशि, प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र सरकार की ओर से रांची के होटल बीएनआर में मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा प्रदान करेंगे. इस अवसर पर रांची एक्सप्रेस के संपादक और झारखंड के वरिष्ठ पत्रकार बलबीर दत्त को पत्रकारिता के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित होंगे. समारोह में झारखंड के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त तीन फिल्मकारों को सम्मान और 26 पत्रकारों को मीडिया फेलोशिप भी दिया जाएगा.
वंदना टेटे ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि इस सम्मान का महत्व और बढ़ जाता यदि सरकार झारखंड की सभी 9 भाषाओं का द्वितीय राजभाषा का दर्जा दे देती. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि एक तरफ उन्हें सम्मानित किया जा रहा है तो दूसरी तरफ हमारी मातृभाषाओं की उपेक्षा भी यही सरकार कर रही है.












santosh singh
August 17, 2011 at 1:39 pm
वंदना जी और वीरेंदर जी को बहुत-बहुत बधाई.
sweta
August 18, 2011 at 7:01 am
sirf vandana tete aur virenfra mahato ko he nhi mil rha, economic times ke navtan, pranhat khabar ke sanjay yadav, pushpa tete aur tehelka ki anupama ko bhi saman rup se whi samman mil rha hai.
SHANKAR JALAN
August 18, 2011 at 3:08 pm
बहुत-बहुत बधाई.