व्‍यापारी से वसूली करने गए दो पत्रकार पिटे

जालौन में व्यापारियों से अवैध रूप से वसूली करने गए दो पत्रकारों को व्यापारियों ने बंधक बनाकर पीटा. इतना ही नहीं उनका कैमरा भी छीन लिया. यह घटना जालौन के उरई नगर की है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि किसी भी जगह पान-मसाले की पैकिंग प्लास्टिक पाउच में नहीं होगी.

परन्‍तु इस आदेश के बाबजूद खुले आम प्लास्टिक पाउच में पैकिंग हो रही है.  इसका फायदा जालौन के उरई मुख्यालय के दो पत्रकारों (जिसमे एक प्रिंट मीडिया और एक विजुअल मीडिया) ने उठाना चाहा और वह उन व्यापारियों को ब्लैकमेल करने रात्रि में निकल पड़े और उस स्थान पर पहुंचे जहां पान मसाले की पैकिंग हो रही थी.  उन्होंने वहां पर अपना कैमरा चलाना प्रारंभ किया.  जिस पर पान मसाले की देख रेख करने वाले आ गए.  उनलोगों ने दोनों पत्रकारों से यह करने के लिए मना किया और कुछ ले देकर मामला निपटने की बात कही,  लेकिन वह दोनों पत्रकार रुपये की ज्यादा मांग करने लगे.

जिस पर पान मसाला कम्पनी के मालिक को बुलाया गया. जिसके बाद उसने अपने कर्मचारियों की मदद से दोनों पत्रकारों को पकड़ लिया और और उनके साथ जमकर मारपीट की. बाद में उनका कैमरा भी छीन लिया,  लेकिन बाद में उन दोनों पत्रकारों ने व्यापारी के आगे गिड़गिड़ाकर अपना कैमरा वापिस लिया और इस घटना का किसी से जिक्र न करने की बात कही.

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

Comments on “व्‍यापारी से वसूली करने गए दो पत्रकार पिटे

  • its very easy to blame a journalist, question is was it legal to feed Panmasala in Pouch., Why they were carring such illegal work, 2, Why they , means manufacturers were giving bribe. , 3. what the rights they have to bean, they should have called police immediately and tell journalist keep their camera on.. its easy to blame and say any thing for journalist. we all should come together….and find the truth.

    Vinod Gangwal

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  • Rajeev Verma says:

    halaki rupay ki maang karna patrakarita ko badnam karne wala kraty tha magar jis patrakar bandhu ne ye patr likha hai unhe shayad pitne wale patrkaro se vishesh irshya rahi hogi isiliye unhone pite hue saathiyo ki madad karne ke bajaye is baat ko sarvjanik karne me jyada ruchi dikhai. Shreemaan ji duniya me har koi ek-jut hota najar aa raha hai, aap kisi bhi parti ke chote se neta ko dhkiya dijiye ya matr ap-shabd hi keh dijiye or phir dekhiye baval tay hai halaki aap agar patrakar hai to jyada se jyada aap ke saath ek hidayat ke saath samjhota kar liya jayega magar hum patrakar bandhu aise mamlo me bhi ek hone ke bajay sirf tamashe ka maza bhar lete hai. or is ka fayda un sab logo ko milta hai jo fayda uthana chahte hai…. :(:(:(:(:(:(:(:(

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