संसद में भी उठी मजीठिया वेतनबोर्ड लागू करने की मांग

समाचारपत्रों और समाचार एजेंसियों के पत्रकारों और गैरपत्रकारों के लिए मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों को तुरंत लागू करने की मांग संसद में सरकार से की गई. लोकसभा और राज्‍यसभा में सदस्यों ने प्रेस की आजादी की रक्षा के लिए पत्रकारों के सशक्तिकरण की जरूरत को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि पत्रकारों के सशक्तिकरण के लिए मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों को तुरंत लागू किया जाना चाहिए.

लोकसभा में शून्‍यकाल के दौरान कांग्रेस के मनीष तिवारी ने यह मामला उठाते हुए मांग की कि आंदोलनकारी समाचारपत्रकर्मियों की बात मानते हुए इस रिपोर्ट को जनवरी 2008 से लागू किया जाए. उन्‍होंने कहा कि बोर्ड द्वारा 31 दिसम्‍बर 2010 को सरकार को रिपोर्ट सौंप दी गई है लेकिन इन सिफारिशों को अभी तक लागू नहीं किया गया.

राज्‍यसभा में राष्ट्रीय जनता दल के सांसद राम कृपाल यादव ने कहा कि सरकार को वेतन बोर्ड की रिपोर्ट पिछले साल ही मिल चुकी है. मगर इसे अब तक लागू नहीं किया गया जिससे समाचारपत्र कर्मियों में काफी रोष है. उन्‍होंने कहा कि महंगाई बढ़ गई है, सबका वेतन भी बढ़ गया है लेकिन मीडिया से जुड़े लोगों की समस्‍याएं यथावत है. उन्‍होंने सरकार से मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशें तुरंत लागू करने की मांग की.

भारतीय जनता पार्टी के रुद्र नारायण सिंह पाणि और जनता दल के अली अनवर ने इस मामले से खुद को संबद्ध करते हुए कहा कि समाज के सभी तबकों के वेतन में इजाफा हुआ है, लेकिन समाचारपत्रों और समाचार एजेंसियों के कर्मियों की तनख्वाह कई साल से नहीं बढ़ी है जो गंभीर बात है. श्री पाणि ने सदन में मौजूद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी से इस बारे में जवाब देने की मांग की.

Comments on “संसद में भी उठी मजीठिया वेतनबोर्ड लागू करने की मांग

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *