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सहाराइटों को कूपन जारी

खबर है कि सहारा मीडिया ने एक बार फिर अपने फील्ड रिपोर्टरों-स्ट्रिंगरों पर शिकंजा कसा है. देश में सहारा समूह के जितने भी न्यूज चैनल (नेशनल व रीजनल) व अखबार-मैग्जीन आदि हैं, सभी के रिपोर्टरों व स्ट्रिंगरों को 26 जनवरी उर्फ गणतंत्र दिवस के मौके पर 5000 रुपये का विज्ञापन लाने को कहा गया है.

खबर है कि सहारा मीडिया ने एक बार फिर अपने फील्ड रिपोर्टरों-स्ट्रिंगरों पर शिकंजा कसा है. देश में सहारा समूह के जितने भी न्यूज चैनल (नेशनल व रीजनल) व अखबार-मैग्जीन आदि हैं, सभी के रिपोर्टरों व स्ट्रिंगरों को 26 जनवरी उर्फ गणतंत्र दिवस के मौके पर 5000 रुपये का विज्ञापन लाने को कहा गया है.

 

प्रमाण के तौर पर एक कूपन हम प्रकाशित कर रहे हैं, जिसमें कोड संख्या इसलिए हटा दिया गया है ताकि ये न पता चल सके कि ये किस स्टाफ को दिया गया था जिसने इसे स्कैन करके भड़ास को भेज दिया, और इस अपराध में उसकी नौकरी चली जाए. इस प्रकरण पर सहारा प्रबंधन का कहना है कि जिलों में काम करने वाले सहारा के कई लोग खुद चाहते हैं कि त्योहारों पर्वों के मौके पर उन्हें विज्ञापन लाने के लिए कोई स्कीम दी जाए ताकि उससे उनका भी भला हो और सहारा का भी. और, इस तरह की स्कीम सभी मीडिया हाउस चलाते हैं क्योंकि सबकी कोशिश होती है कि वे अपने खर्चों से निपटने के लिए ज्यादा से ज्यादा विज्ञापन लाएं. सहारा प्रबंधन ने दावा किया कि ये कूपन सिर्फ उन्हीं को दिए जाएंगे जो विज्ञापन लाने को इच्छुक होते हैं. किसी पर कोई दबाव नहीं होगा.

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0 Comments

  1. Am.Pee.Cg

    January 21, 2011 at 1:38 pm

    ”यह सब सहारा के चुरकुट है……”
    दो-दो रूपए इकट्ठे करके जिस मालिक ने इतनी बड़ी कंपनी खड़ी की,उनको ही खबर नहीं कि कुछ चुरकट कंपनी चाटने में लगे है.चाहे नेशनल चेनल हो या फिर रीजनल ,और तो और अब ”अलकायदा ” …..माफ़ करिए ”अलकायदा ” जैसा लोगो दिखने वाला आलमी सहारा चेनल भी चुर्कुटाई में जुट गया है.एम्.पी. /छत्तीसगढ़ में तो चैनल हेड मनोज मनु शर्मा विधान सभा चुनाव से अब तक पहले ही एक करोड़ से ऊपर अन्दर कर चुके है, सेकण्ड इनिंग में भी कमाई का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहते है.सहारा कम्पनी की सीबीआई माने जाने वाली कर्त्तव्य काउन्सिल को भी जब करोड़पति कर्मचारी दिखा तो उन्होंने भी कमाई का कोई भी मौका नहीं छोड़ा है.भले ही दिल्ली का फ्लैट,ग्वालियर का बंगला,और आगरा हरदा की लाखो की जमीन हो.फटा फट रिश्तेदारों के नाम कर मनोज मनु रजा हरिश्चंद्र की औलाद बने है.खासमखास रिपोर्टरों को विज्ञापन के जरिये लम्बी बसूली की भी छूट दे दी गई है.हलाकि सहारा में जितने भी ऊँचे पदों पर आज तक लोग आये उन्होंने लूटो खाओ पर ही ज्यादा विस्वास किया है.तभी तो 56 % टीआरपी बढवाने का गणित देकर भी कमाई कर ली.अब हालत ये है कि ईटीवी जैसे चनैल ने भी धुल छठा दी और आखिरी नंबर पैर आ गए.मनोज जी संबल जाओ ,आपको और आपके चापलूसों को चीता जरुर लग रहा होगा लेकिन ऐसा न हो कि आपकी पत्रकारिता में शुरुआत जिस अखबार में कार्टून बनाने के साथ हुई थी,दुसरे आपका ही कार्टून बना दे.
    –आपके जैसा ही कमाई करने वाला चेनल हेड

  2. Am.Pee.Cg

    January 21, 2011 at 1:38 pm

    ”यह सब सहारा के चुरकुट है……”
    दो-दो रूपए इकट्ठे करके जिस मालिक ने इतनी बड़ी कंपनी खड़ी की,उनको ही खबर नहीं कि कुछ चुरकट कंपनी चाटने में लगे है.चाहे नेशनल चेनल हो या फिर रीजनल ,और तो और अब ”अलकायदा ” …..माफ़ करिए ”अलकायदा ” जैसा लोगो दिखने वाला आलमी सहारा चेनल भी चुर्कुटाई में जुट गया है.एम्.पी. /छत्तीसगढ़ में तो चैनल हेड मनोज मनु शर्मा विधान सभा चुनाव से अब तक पहले ही एक करोड़ से ऊपर अन्दर कर चुके है, सेकण्ड इनिंग में भी कमाई का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहते है.सहारा कम्पनी की सीबीआई माने जाने वाली कर्त्तव्य काउन्सिल को भी जब करोड़पति कर्मचारी दिखा तो उन्होंने भी कमाई का कोई भी मौका नहीं छोड़ा है.भले ही दिल्ली का फ्लैट,ग्वालियर का बंगला,और आगरा हरदा की लाखो की जमीन हो.फटा फट रिश्तेदारों के नाम कर मनोज मनु रजा हरिश्चंद्र की औलाद बने है.खासमखास रिपोर्टरों को विज्ञापन के जरिये लम्बी बसूली की भी छूट दे दी गई है.हलाकि सहारा में जितने भी ऊँचे पदों पर आज तक लोग आये उन्होंने लूटो खाओ पर ही ज्यादा विस्वास किया है.तभी तो 56 % टीआरपी बढवाने का गणित देकर भी कमाई कर ली.अब हालत ये है कि ईटीवी जैसे चनैल ने भी धुल छठा दी और आखिरी नंबर पैर आ गए.मनोज जी संबल जाओ ,आपको और आपके चापलूसों को चीता जरुर लग रहा होगा लेकिन ऐसा न हो कि आपकी पत्रकारिता में शुरुआत जिस अखबार में कार्टून बनाने के साथ हुई थी,दुसरे आपका ही कार्टून बना दे.
    –आपके जैसा ही कमाई करने वाला चेनल हेड

  3. g.k.

    January 21, 2011 at 7:08 am

    lagta hai sahara besahara ho gaya hai isliye bechare garib stringaron ke upar tuglaki farman thopne ka kam sahara dwara kiya ja raha hai.

  4. Rajendra rathore, janjgir

    January 20, 2011 at 2:27 pm

    सहारा चैनल के मालिक को पूरी तरह भूखमरी छाई हुई है। चैनल एक तो अपने रिपोर्टरों का षोशण करने में पीछे नहीं है, वहीं अब सीधे उगाही की काली करतूत छिपाने के लिए अपने रिपोर्टरों से कूपन बिकवाया जा रहा है। सीधे सीधे चैनल के मालिक अब समाचार के बजाय वसूली में उतर आए हैं, जिसे षायद अपना मकसद भी याद नहीं रहा।

  5. ashu

    January 20, 2011 at 4:12 am

    Bhai aap nahi jaante, yeh ek khula mauka hai, jisse sabhi ki jebe bhar jaati hai.
    sahara shree ki koi kami nahi, unke paas to itni fursat hi nahi, ki dekh sake unke naak ke niche kya ho raha hai. sadho ye choro ki nagri.

  6. Rajiv

    January 19, 2011 at 5:32 pm

    sabse jada beiman media me hi hain agar survey karaya jaye to sabse jada shosit isi feild ke log milenge

  7. rahul

    January 19, 2011 at 5:10 pm

    ab tho sahara kay liay khud sahara shree ji ko utarna padega tabhi kuch ho shakega kyon ki ab tho sahara ki halat ander nagari chopat raja tak sher bhaji tak sher kwaja wali ho gai hai kyonki stringeron ki halat esi ho gai hai jaisay bandhua majdoor bina karan say kab pata kat ho jaay kuch nai kha ja shakta udharan gwalior main dekh lo

  8. kumar prashant

    January 19, 2011 at 12:33 pm

    kya kiya jaye ye DHANDHA GANDA HAI per company ko apna aur apne karmachariyo ka pet palne ke liye ke kadam uthana hota hai… lekin har baat ki bhi ek had hoti hai… akhir kab tak is tarh ke kupan bech kar sahara apna kaam chlayenage… agar tv channel chalane ke liye rupaye nahi hai to khola hi kyu hai…

  9. madan kumar tiwary

    January 19, 2011 at 9:57 am

    सुब्रतो के लिये कोई कानून है या नही । इसने तो मिडीया को बसूली का धंधा बना लिया है ।

  10. kumar singh

    January 22, 2011 at 7:58 am

    मोहदय आज सहारा में जो नयी दलालों की टीम कमा कर रही है। वह आज खुब फल-फूल रही है…..यह दलाला अच्छी तरह जानते हैं की सहारा में काम करने वालों लोगों की क्या मजबूरिया है…ऐसे हर जगह हो रहा है…लेकिर सहारा में तो हर चीज की अति ही हो गयी है…फिर चाहे वह मनोज मनु हो..राजेश कोशिश हो या प्रभुत राज हर कोई सहारा के लोगों के साथ आज जिस तरह का बर्ताव कर रहा है…उससे लगता हैं कि एक दिन कहीं सहारा में ऐसा ना हो जाएं की ग्रह युद्ध छिड़ जाएं…क्योंकि राजेश कोशिश तो खुद को दंबग बनाकर सहारा में लेकर आएं है…उन्हें तमीज ही नहीं हैं की पत्रकारों से कैसे बातचीत की जाती है…यह व्यक्ति कैसे पत्राकार बन गए और वह भी कैसे इस व्यक्ति को सहारा का यूपी इंचार्ज(राजेश कोशिश यूपी के हेड नहीं चैनल इंचार्ज है) बनाया गया…यह पत्रकारिता के लिए बहुत ही शर्म की बात है….यह इसलिए भी की…राजेश कोशिश सहारा में मौजूद किसी भी व्यक्ति से गाली के अलावा कोई बात ही नहीं करते है…गालियां भी ऐसी की सुनने वाले रो पड़ता है…सहारा वाले परिवार की बात करते है…लेकिन यहां मां-बहन की गालियां आज परिवार में ही दी जा रही है..फिर कैसे परिवार…कौन सा परिवार..यहां के चैनल इंचार्ज को मालूम ही नहीं की वह सहारा में जिन लोग के साथ काम कर रहे…वह उन से ज्यादा अनुभवी है….लेकिन राजेश जी इन लोगों के लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग करते है…जिससे कई बार लगता है की…कभी इन शब्दों का जबाब फ्लोर पर ही कोई राजेश जी को ना दें दें..और फिर वह कहीं मुंह दिखाने लायक न रहे…..यह मैं इसलिए आपको बता रहा हूं की…सहारा के मेरे कई मित्रा आएं दिन यह चर्चा करते है…की इस दंबग को सबक अवश्य शिकाएंगें…ज्यादा से ज्यादा क्या होगा…नौकरी ही जाएगी ना….यह बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण है….की आज पत्रकारिता में ऐसे दंबगों को लाया जा रहा है…जो पत्राकारों को खुलेआम शोषण कर रहे है…और मालिकान लोग चुप-चुपा बैठे तमाशा देख रहे है….समझ नहीं आता की भविष्य क्या होगा..पत्रकारिता का….लेकिन वह दिन दूर नहीं है…जब कोई न कोई इन दंबगों को उखाड़ कर फैंक देगा….और फिर…पत्रकारिता में…एक नयी जंग छिड़ जाएगी……..जय भड़ास….जय सहारा……

  11. navin parasar reporter

    January 30, 2011 at 4:34 pm

    sahara shree ji khud kutchh kijiye logon me bane vishwas ko aap ke sagird hi tod rahe hai ya yu kahe ki dimak bane niw khokhli kar rahe hai aap ka vishwas aur buniyad un chhote jagahon par khastm ho rahi hai jaha aap ke sahara ka samman hota tha ya nistha hoti thi
    bas yahi kahna chahunga ki ” kar baiyan apni bala chhod parai aas” tabhi bachegi sahara ki laaj

  12. r.s. singh

    February 6, 2011 at 5:29 pm

    महोदय जिस तरह एक करोडपति बाप की औलाद यदि नकारा निकले तो उसकी मेहनत की लाखो की कमाई गंवा देती है उसी तरह सहारा श्री की एक एक रुपये की कमाई को उनके पुत्र तो नही लेकिन मीडिया के उनके पुत्र चुना लगा रहे है चाहे नेशनल हो या रिजनल सभी में किरदारो के नाम बदल गये है लेकिन लुटने में कोई भी कम नही फिर वो कल के एंकर आज के चैनल हैड मनोज मनु शर्मा या फिर कोई औऱ….महानुभावो मेरा आप सभी लोगो को एक ही सुझाव है वस करो और घ्यान लगा कर सोचो कितने स्ट्रींगरो की बददुआये लग रही है क्योकी कुछ नाकारा ब्यूरो प्रभारी जैसे ग्वालियर के पत्रकार कम चापलुसी काम में महारत वाले जयेश कुमार और युपी में कई ऐसे ही महानुभावो की बैकार की चापलुसी और काली कमाई नें आप लोगो की दिमाग की बत्ती गोल कर दी है इसलिये समय रहते संभल जायो नही तो भविष्यवाणी के अनुसार दिसंबर 2011 में भगवान आप सभी लोगो अपनी तरह से समझा देगा

  13. JAFAR

    February 27, 2011 at 7:33 am

    SAHARA STRINGER SATHIYO MAINE MERE BHAIYA KO 50000 DEKAR MANOJ MANU SE SAHARA MP KA STRINGER BANBAYA 36 DIN HUA HA SUNA HA AB MANU JI N DUSRE PARRAKAR SE 50000 M BAAT KAR LE H .MERE BHAIYA KO HATANE KI TAIYARI KAR LI H.VIDISHA KE PAAS ES JILA MUKHYALAYA PAR SAHARA BAND PADA H. SATHIYO MANOJ MANU JI SE BAAT KARO 50000 KI RASHEED V NAHI DI H. JAFAR

  14. ashfaque sheikh

    March 25, 2011 at 3:47 am

    sahara key bare mein bura bolne walo .. ek baat batao sahara ney kabhi kisi kay payment nahee diya aisa hua hai keya. Stringer ko payment mila chahe der sey lemon jaisa dub to nahee gaya.
    sahara ka past bhi accha tha future bhe accha hoga.

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